सरकार के खिलाफ गरजे आंदोलनकारी

देहरादून। उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच ने अपनी सात सूत्रीय मांगों के समाधान के लिए अपने आंदोलन को जारी रखते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर धरना दिया और आंदोलनकारी क्रमिक अनशन पर बैठे रहे।

यहां मंच से जुडे हुए आंदोलनकारी कचहरी स्थित शहीद स्थल में अध्यक्ष नंदाबल्लभ पांडेय के नेतृत्व में इकट्ठा हुए और वहां पर उन्होंने अपनी सात सूत्रीय मांगों के समाधान के लिए प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और अपने क्रमिक अनशन को जारी रखा। इस अवसर पर क्रमिक अनशन में अनेक आंदोलनकारी बैठे। वक्ताओं ने कहा है अभी तक सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है। सरकार आंदोलनकारियों के हितों के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रही है जिसके लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। शीघ्र ही सचिवालय कूच किया जायेगा। अभी तक 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण नहीं मिल पाया है जो चिंता का विषय है।

वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा आंदोलनकारियों को शीघ्र ही प्रदान किया जाना चाहिए और सेनानियों के आश्रितों को रोजगार में समायोजित किये जाने तथा समीपवर्ती जिलों से पलायन पर पूर्ण रूप से रोक लगाये जाने और आंदोलनकारियों को दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को शीघ्र ही प्रदान किया जाना चाहिए। शीघ्र ही आंदोलनकारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जायेगा। उन्होंने उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी।

इस अवसर पर मंच के अध्यक्ष नंदा बल्लभ पांडेय, विनोद असवाल, जगदम्बा नैथानी, विमला पंवार, गोदाम्बरी भटट, फूला रावत, जयंती पटवाल, राधा तिवारी, पुष्पा नेगी, बना रावत, कीर्ति रावत, तारा पांडेय, प्रेम सिंह नेगी, एम एस भंडारी, विरेन्द्र कुशाल, पुष्पा राणा, सुधा रावत, संध्या रावत, रेखा पंवार, आरती ध्यानी, इन्दु आहूजा, सुशीला भटट, विश्म्बरी रावत, पुष्पा रावत, हिमानंद बहुखंडी, सुनील जुयाल, सत्येन्द्र नौगांई, नीमा हरबोला, वीर सिंह, एम एस रावत, जानकी भंडारी, मनोहरी रावत, प्रभा वोरा, कमला थापा, विमला रावत सहित अनेक आंदोलनकारी मौजूद थे।

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