भारतीय सैन्य अकादमी में पासिंग आउट परेड के बाद भारतीय सेना का हिस्सा बने 306 कैडेट -जानिए खर

देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी में पासिंग आउट परेड के बाद 306 कैडेट बतौर अफसर भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। साथ ही मित्र देशों के 71 कैडेट भी पास आउट होकर अपने-अपने देशों की फौज का हिस्सा बने। बता दें कि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बतौर रिव्यूइंग अफसर परेड की सलामी ली। इससे पहले रक्षा मंत्री ने परेड का निरीक्षण किया। पीओपी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी पहुंचे। डिप्टी कमांडेंट मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत और कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल एसके झा ने पहले परेड की सलामी ली। इस दौरान देशभक्ति गीतों पर इन वीरों की कदम ताल देखते ही बन रही थी। इस दौरान इन भावी अफसरों के परिजन भी मौजूद रहे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कैडेटों को ओवरऑल बेस्ट परफॉर्मेंस व अन्य उत्कृष्ट सम्मान से नवाजा। विनय विलास को स्वार्ड ऑफ ऑनर व स्वर्ण पदक दिया गया। पीकेंद्र सिंह को रजत और ध्रुव मेहला को कांस्य पदक दिया गया। शिवराज सिंह को सिल्वर मेडल (टीजी) मिला। भूटान के कुएंजांग वांगचुक सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट चुने गए। चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ बैनर केरन कंपनी को मिला।

IMA Reviewing Officer Parade Salute
किस प्रदेश के कितने कैडेट हुए पासआउट

प्रदेश-       कैडेट
उत्तर प्रदेश- 56
हरियाणा- 39
विहार- 24
राजस्थान- 21
उत्तराखंड- 19
महाराष्ट्र- 19
हिमाचल प्रदेश-1 8
दिल्ली- 16
पंजाब-1 1
केरला- 10
मध्यप्रदेश- 10
तमिलनाडु- 9
कर्नाटक- 7
आंध्र प्रदेश- 6
जम्मू कश्मीर- 6
वेस्ट बंगाल- 6
तेलंगाना- 5
मणिपुर- 4
चंडीगढ़- 4
गुजरात- 4
झारखंड- 4
नेपाल- 2
असम- 2
मिजोरम- 1
ओडिसा- 1
सिक्किम- 1
अंडमान निकोबार- 1

उत्तराखंड के 19 जाबांज देश रक्षा के लिए तैयार

देश की रक्षा में उत्तराखंड हमेशा से अव्वल रहा है। प्रदेश के लगभग हर दूसरे घर से सेना में कोई न कोई सैनिक तो है ही अब सेना में अधिकारी के तौर पर ही उत्तराखंड के जाबांज अव्वल हैं। भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट होने जा रहे जेंटलमैन कैडेटों के आंकड़े इसके गवाह हैं। जनसंख्या घनत्व के हिसाब से देखें तो उत्तराखंड देश को सबसे ज्यादा जांबाज देने वाले राज्यों में शुमार है।

उत्तराखंडी युवाओं में देशभक्ति का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। हर छह माह बाद भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित होने वाली पासिंग आउट परेड में इसकी झलक देखने को मिलती है। पिछले एक दशक के दौरान शायद ही ऐसी कोई पासिंग आउट परेड हुई है, जिसमें उत्तराखंडियों की तादाद अधिक न रही हो। प्रदेश की आबादी के हिसाब से देखा जाए तो उत्तराखंड के जांबाज देश के बड़े राज्यों को पानी पिलाते नजर आते हैं।

इस बार आईएमए से पास आउट होने वाले कैडेटों की तुलना की जाए तो इस बार पासआउट होने वाले 306 भारतीय कैडेटों में राज्य के 19 कैडेट पासआउट हो रहे हैं। जो छह प्रतिशत से ऊपर बैठता है। इस मुकाबले बड़े राज्य भी उत्तराखंड के आगे कम नजर आ रहे हैं।

आईएमए परिसर व आस-पास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

परेड को देखते हुए आईएमए परिसर व आस-पास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अफगानिस्तान, भूटान, तजाकिस्तान, मारीशस, श्रीलंका, नेपाल आदि देशों के अतिथि व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी आईएमए पहुंचे हैं। देश के भावी सैन्य अफसरों ने आज भारतीय सैन्य अकादमी में अंतिम पग भरा। इस दौरान उन पर फूलों की बारिश हुई। इसी के साथ अपनी स्थापना के बाद भारतीय सैन्य अकादमी के साथ देश-विदेश के 62 हजार 139 युवा सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया।

इनमें मित्र देशों को मिले 2413 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। आज फिर अकादमी उस ऐतिहासिक पल का गवाह बना, जब 306 भारतीय और 71 मित्रों देशों के कैडेट जोश के साथ कदमताल करते हुए एक नई जिम्मेदारी की तरफ कदम बढ़ाया। आईएमए के ऐतिहासिक चेटवुड भवन के सामने ड्रिल स्क्वायर पर परेड सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर परेड शुरू हुई।

परेड के उपरांत सोमनाथ स्टेडियम में आयोजित होने वाली पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद पासिंग आउट बैच के 377 जेंटलमैन कैडेट बतौर लेफ्टिनेंट देश-विदेश की सेना का अभिन्न अंग बन बने। इनमें 306 युवा सैन्य अधिकारी भारतीय थलसेना को मिले। जबकि 71 युवा सैन्य अधिकारी दस मित्र देशों अफगानिस्तान, तजाकिस्तान, भूटान, मॉरीशस, लिसिथो, किर्गिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, तंजानिया व वियतनाम की सेना का अभिन्न अंग बने।

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