मनुष्य के मस्तिष्क में अद्भुत शक्ति; PNG रामनगर कालेज में प्रो. तिवारी का बौद्धिक संपदा पर व्याख्यान-जानिए खबर

नैनीताल। कुमाउं विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ललित तिवारी ने पी.एन.जी. कालेज रामनगर में बौद्धिक सम्पदा अधिकार पर आयोजित कार्याशाला ने मुख्य वक्ता के रूप में बौद्धिक संपदा पर व्याख्यान दिया।

उन्होंने कहा कि चाह नही सुखाला के गहनों के गाथा जाउं। उन पथ पर डाल देना वनवाली जिस पथ पर जाये वीर अनेक, माखन लाल चतुर्वेदी की रचना है और यह समझ में भी आ जाती है। प्रो. तिवारी ने कहा कि मनुष्य के मस्तिष्क में अद्भुत शक्ति है जिसे अधिकारों में परिणित किया जा सकता है।

मानव की सोच, ज्ञान से जब प्रयोगात्मक परीणाम होते है तो बौद्धिक सम्पदा अधिकार का विजय प्रारम्भ होता है। रचनात्मक मनुष्य के ज्ञान की बड़ी खासियत है जो आर्थिकी के योगदान के साथ-साथ राष्ट्र के विकास में योगदान सुनिश्चित करते है।

उन्होंने कहा कि 1986-94 तक उसगुवे राउंड की वार्ता के पश्चात ट्रिप्स (टे्रड रिलेटेड आसपैक्ट आॅफ इनटेलेकच्यूअल अधिकार) का निर्णय हुआ। व्यक्तिगत अधिकारों के साथ बौद्धिक संपदा आर्थिकी तथा विश्व विकास में मदद मिलती है। हम कई वस्तुओं को उनके टे्रड मार्क से जानते है और हमारा विश्वास बनते है।

कार्यशाला में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के डा. हेमन्ती पांडे, डा. लोकेश जोशी, प्राचार्या डा. हेमा प्रसाद ने भी विचार रखे। कार्यशाला कोस्ट द्वारा डा. अनूमिता अग्रवाल आयोजक सचिव तथा डा. कृष्णा भारती ने संचालन किया।

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