माॅडल केन्द्रों के रूप में 10 आंगनबाड़ी केन्द्रों को किया गया विकसित

– डीएम ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण

अल्मोड़ा। जनपद में आॅगनबाड़ी केन्द्रों को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से 10 आॅगनबाड़ी केन्द्रों को माडल केन्द्रों के रूप में विकसित किया गया है यह बात जिलाधिकारी इवा आशीष ने आज विकासखण्ड हवालबाग के ग्राम बिमौला में माडल आॅगनबाड़ी केन्द्र के औचक निरीक्षण के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ-साथ केन्द्र में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि यहाॅ पर जो भी बच्चे है उनके स्वास्थ्य का परीक्षण अवश्य किया जाय। पोषण एवं स्वच्छता, शिक्षा सही समय पर प्रतिरक्षण, आॅगनबाड़ी का प्रचार, बच्चे का सर्वागीण विकास, आओ चले आॅगनबाड़ी को यह हमारा संदेश की परिकल्पना को हमे साकार करना होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चो को बोलने के साथ-साथ उन्हें वहा पर जो वाॅल पेंटिक के माध्यम से चित्र बनाये गये है उनके बारे में भी बताया जाय ताकि उनका ज्ञानवद्र्वन हो सके। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिये कि आॅगनबाड़ी केन्द्रों में अध्ययनरत् छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाय। उनमें कुपोषित, अति कुपोषित व गम्भीर रोग से ग्रसित बच्चों को चिन्हित किया जाय ताकि चिकित्सा विशेषज्ञों को बुलाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण जिला मुख्यालय में कराया जा सके।

इस अवसर पर उन्होंने बच्चों से अनेक बाते पूछी और उनके यह भी पूछा कि उनको आज क्या भोजन दिया गया सभी बच्चो ने सही उत्तर इस अवसर पर दिया माडल आॅगनबाड़ी केन्द्र में अभी तक बिजली की व्यवस्था न होने पर जिलाधिकारी ने कहा कि इसका प्रस्ताव बनाकर दें ताकि यहा पर बिजली का कनेक्शन लगाया जा सके। इसके अलावा उन्होंने वहा पर रखे संदूक आदि पर रंगरोगन करने के निर्देश भी कर्मचारियों को दिये। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर यह भी जाना कि आॅगनबाड़ी केन्द्र में कितने बच्चे आ रहे है। उपस्थित कर्मचारियों ने बताया कि 17 बच्चों ने प्रवेश लिया है। आॅगनबाड़ी केन्द्र की चाहरदीवारी के बारे में ग्राम प्रधान हरीश चन्द्र जोशी ने बताया कि इसकी चाहरदीवारी ने होने से बच्चों की देखभाल में परेशानी हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि इसको मनरेगा के माध्यम से बनाया जाय जो कार्य वहा पर सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है उसके लिए उन्होंने 50 हजार रू0 देने की स्वीकृति प्रदान की।

आॅगनबाड़ी केन्द्र में कार्यरत क्षेत्रीय सुपरवाईजर, प्रभारी सुपरवाईजर, आॅगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायक आॅगनबाड़ी कार्यकत्री ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि 05 बच्चे जो अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय से यहा पर आये है। यहा के माहौल से प्रभावित होकर वे यही पर शिक्षा ग्रहण करने की जिज्ञासा रख रहे है। जिनमें से धर्मवीर, भौमिक, दिव्यांश, रिया एवं विनय है। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि जनपद के अन्य स्थानो में भी शीघ्र माडल आॅगनबाड़ी केन्द्रों की स्थापना की जायेगी ताकि आॅगनबाड़ी केन्द्रों की जो सरकार की परिकल्पना है वह सही मायने में साकार हो सके। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिये कि यहा पर जो फर्नीचर आदि क्रय किया गया है इसके अलावा अन्य कोई आवश्यकता है तो उसका प्रस्ताव दें ताकि व्यवस्था की जा सके।

उन्होंने आॅगनबाड़ी केन्द्र में बनाये जाने वाले भोजन एवं शासन द्वारा जो किट उपलब्ध कराया जाता है उसकी भी जानकारी ली। जिला कार्यक्रम अधिकारी पी0एस0 बृजवाल ने विस्तृत रूप से इन माडल केन्द्रों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 1860 आॅगनबाड़ी केन्द्र है। अभिनव के तौर पर अभी 10 आॅगनबाड़ी केन्द्रों को माडल आॅगनबाड़ी केन्द्र के रूप में विकसित किया गया। इस अवसर पर सुमित्रा तिवारी, सरस्वती तिवारी, आशा भैसोड़ा व बसु पाण्डे सहित अन्य अभिभावक भी उपस्थित थे।

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