गाड़ियों की धुलाई से बचने वाले पानी से सींच रहे पड़े; दिल्ली को स्वाभाविक रूप से समृद्ध बनाने में जुटे आर्टिस्ट नीरज गुप्ता -जानिए खबर

नई दिल्ली। दिल्ली को स्वच्छ, हरा-भरा और अधिक पर्यावरणीय रूप से उपयुक्त बनाने के लिए दिल्ली आर्ट सोसाइटी के प्रेसिडेंट आर्टिस्ट नीरज गुप्ता पिछले कई वर्षों से कार्यरत हैं। और अब उन्होंने एक नई पहल की शुरुआत की है जिसके तहत वो न्यू राजिंदर नगर की रोड साइड को स्वाभाविक रूप से समृद्ध बनाने में जुटे हुए हैं। इसके लिए वह दिल्ली की नेटिव स्पीशीज का प्लांटेशन कर रहे हैं और इन पेड़ों को पालने और लगातार पानी देने के लिए एक अनोखा तरीका ढूंढ निकाला है जिसमे वह रोज सुबह सोसाइटी की गाड़ियों की धुलाई के बाद बचे हुए पानी को पेड़ों में डालने के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

दिल्ली आर्ट सोसाइटी के प्रेसिडेंट आर्टिस्ट नीरज गुप्ता ने बताया कि पेड़ों को लगाते वक्त दो बातों का ध्यान दिया गया है, पहली तो यह कि पेड़ ऐसे हों जो दिल्ली की गर्मी में छांव दे व राहत दे और दूसरी यह कि हमे एयर और नॉइज पॉल्यूशन से राहत दे साथ ही उसमे प्रकृति के कलर्स हों जिसे देख कर आंखों को भी आराम मिले। इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए मैंने 15 वर्ष पहले न्यू राजिंदर नगर की रोडसाइड में अमलतास और गुलमोहर का प्लांटेशन शुरू किया था जो कि आज अलग-अलग स्टेज में विकसित हो गए हैं। जो जगह बेरंग थी वहां पर हरियाली आ गई है वहां पर रंग आ गया है वहां पर नेचर भी एक्टिव हो गई है।

अमलतास पेड़ की सबसे अच्छी खासियत यह होती है कि वो गर्मी में पूरी तरह से अपने पीले पत्तों से भरा हुआ रहता है जिससे छांव मिलती है और सर्दियों में धूप भी नहीं रोकता क्योंकि उसके सारे पत्ते झड़ जाते हैं। इन पेड़ों में जो फल और फलियां लगती हैं वह पंक्षियों का प्राकृतिक भोजन होता है जिससे पंक्षी आकर्षित होते हैं, जिससे सोसाइटी में पंक्षियों की संख्या बढ़ती है और यह सब आपको नेचर के करीब लेकर जाता है। इन पेड़ों के रंग आपको सुकून देते हैं।

इन पेड़ों को लगाना और इन्हें पालना बहुत कठिन काम होता है तो इसके लिए मैंने एक समाधान निकाला मैं देखता था कि सोसाइटी की गाड़ियां रोज सुबह धुलती हैं और बचा हुआ पानी रोड पर फेक दिया जाता था तो मैंने सभी से बात की और सबको मनाया कि आप बचा हुआ पानी पेड़ों में डाले और इसे पालने में मेरी मदद करें। अगर इन पेड़ों को 3-4 वर्षों तक ठीक से नहीं पालाजाए या इनका ध्यान ठीक से ना रखा जाए तो सारे प्रयास बेकार चले जाते हैं। एक आर्टिस्ट होने नाते हमारा काम ही यही होता है कि सोसाइटी को कलर्स से रंग दो, समाज को एक नया नजरिया दो तो मैंने यह पहल की है और चाहता हूं कि दिल्ली में सभी लोग इसे दोहराएं और अपने घर के पास ऐसे ही पेड़ लगायें जो आपको सुकून दे और प्रकृति से जोड़े।

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