रक्तदान कर चढ़ा घोड़ी दूल्‍हे ने दहेज में लिया सिर्फ एक रुपया; नौकरी छोड़कर लिया समाज सेवा का संकल्प

देहरादून। ऐसी अनोखी शादी, जिसमें न बैंड बाजे थे, न कॉकटेल का इंतजाम ही। फिर भी बरातियों के चेहरों से छलकती खुशी बता रही थी कि उन-सा खुशकिस्मत कोई नहीं। ऐसा होना लाजिमी भी था। दरअसल, दून के 23-वर्षीय सुमित कुमार ने घोड़ी चढ़ने से पहले खुद तो रक्तदान किया ही, बरातियों ने भी उनकी इस पहल का हिस्सा बनकर शादी को यादगार बना दिया। सुमित के पिता, परिजन और नाते-रिश्तेदारों ने भी खुशी-खुशी रक्तदान में भाग लिया।

बता दें कि चंद्रबनी चोइला निवासी सुमित के घर पर शनिवार सुबह से ही मेहमान जुटने लगे थे। पास में ही गैलक्सीयन इंटरनेशनल स्कूल में रक्तदान शिविर लगाया गया था। जहां बराती और स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले लोग रक्तदान की रस्म अदा करने आ रहे थे। सेहरा की रस्म होने के बाद सुमित ने भी रक्तदान किया और उनका साथ दिया पिता बृजपाल ने।

इस मौके पर सुमित ने कहा कि देश में कई लोगों की सही समय पर खून न मिलने से मौत हो जाती है। इसलिए वह लंबे समय से रक्तदान शिविर लगाते आ रहे हैं। वह अपनी शादी के माध्यम से भी लोगों को रक्तदान के प्रति जागरुकता का संदेश देना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने इस तरीके से शादी करने का विचार किया। सुमित के पिता बृजपाल ने बताया कि बेटे की इस पहल से सारे परिजन बेहद खुश हैं।

मुजफ्फरनगर के पुरकाजी कस्बे के हुसैनपुर की प्रीति प्रजापति से जब सुमित की शादी की बात चली तो उन्होंने दोटूक कह दिया कि उन्हें दहेज में कुछ नहीं चाहिए। ससुरालियों के शगुन की बात पर उन्होंने मात्र एक रुपया लेने की बात कही। प्रीति के परिवार वाले भी ऐसा दामाद पाकर खुद को धन्य समझ रहे हैं।

सुमित का छोटा भाई शुभम ग्रीस में नौकरी करता है। लेकिन, छुट्टी न मिलने के कारण वह भाई की शादी में शामिल नहीं हो सका, जिसका उसे मलाल है। हालांकि, शुभम ने भाई की शादी को वीडियो कॉल के जरिये देखा और भाई के इस कदम की सराहना की।

शादी में खाने के लिए लगे पांडाल में जगह-जगह कॉकटेल पार्टी का बहिष्कार, भोजन उतना लो थाली में, व्यर्थ न जाए नाली में, रक्तदान महादान, बेटी बचाओ, शिक्षा सबका अधिकार, दहेज अभिशाप, पर्यावरण बचाओ जैसे संदेश अंकित थे। शादी के कैलेंडरनुमा निमंत्रण पत्र में भी इसी तरह के संदेश छपवाए गए थे।

एमएससी पास सुमित ने 21 साल की उम्र में एक निजी कंपनी की नौकरी छोड़ समाजसेवा करने की ठानी। इसके लिए उन्होंने अपनी एक संस्था अमूल्य जीवन विकास चेरिटेबल सोसाइटी का गठन किया। इसके माध्यम से वह लोगों को रक्तदान के लिए जागरूक करने लगे। वह सप्ताह में दो बार श्रीमहंत इंद्रेश हॉस्पिटल के साथ स्वास्थ्य शिविर लगाते हैं। कोरोनेशन अस्पताल में निश्शुल्क रोटी बैंक चलाने के अलावा वह चंद्रबनी में निश्शुल्क दवा बैंक भी चला रहे हैं।

Sushil Kumar Josh

"उत्तराखण्ड जोश" एक न्यूज पोर्टल है जो अपने पाठकों को देश-विदेश, सरकारी, अर्धसरकारी, सामाजिक गतिविधियां, स्वस्थ्य, मनोरजंन, स्पोर्टस, फिल्मी, कहानी, कविता, व्यंग्य इत्यादि समाचार सोशल मीडिया के जरिये आप तक पहुंचाने का कार्य करता है। वहीं अन्य लोगों तक पहुंचाने या शेयर करने लिए आपका सहयोग चाहता है।

Leave a Reply