महिलाओं के लिए खतरनाक क्यों है सर्वाइकल कैंसर; आइए जानिए और बचाव करें

हर साल 74 हजार से अधिक महिलाएं होती है शिकार

नई दिल्ली। पिछले साल यानी साल 2018 में एक रिपोर्ट सामने आई जिसमें कहा गया कि सिर्फ भारत में ही हर साल 74 हजार महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर से हो जाती है। अब एक रिपोर्ट आई है, जिसके मुताबिक, हर साल सर्वाइकल कैंसर की जांच कराने के मामले में महिलाओं का आंकड़ा साल-दर-साल गिरता जा रहा है। यानी महिलाएं इस कैंसर के संबंध में अपना नियमित चेक-अप नहीं करा रही हैं।

बता दें कि वूमन्स हेल्थ के जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, ज़्यादातर महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए अपना टेस्ट नहीं करातीं। सर्वाइकल कैंसर को अगर नजरअंदाज किया जाए तो यह खतरनाक रूप ले सकता है, इसलिए समय रहते इसका इलाज कराना बेहद ज़रूरी है।

ज्ञातव्य है कि सर्वाइकल कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो गर्भाशय में सेल्स (कोशिकाओं) की अनियमित वृद्धि की वजह से होता है। यह एचपीवी वायरस यानी ह्यूमन पेपीलोमा वायरस की वजह से होता है।

क्या है सर्वाइकल कैंसर

इसमें योनी से असामान्य रक्तस्राव, सेक्स या फिर टेंपोन इंसर्ट करने के दौरान रक्तस्राव होता है। इसके अलावा यौन संबंध बनाने के दौरान दर्द महसूस होना, योनी से रक्तमिश्रित अनियिमित डिस्चार्ज, कमर, पैर में दर्द महसूस होना, थकान, वजन में कमी, भूख न लगना इसके अन्य लक्षण हैं।

सर्वाइकल कैंसर का ट्रीटमेंट

अन्य कैंसर की तरह ही अगर सर्वाइकल कैंसर के बारे में शुरुआती स्टेज पर ही पता चल जाए तो इसका ट्रीटमेंट संभव है।

1. इसीलिए महिलाओं को नियमित रूप से अपनी जांच करवानी चाहिए।

2. हर तीन साल पर पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए।

3. इसके अलावा एचपीवी वायरस से बचाव के लिए लगाए जाने वाले टीके भी लगवाने चाहिए।

4. साथ ही धू्म्रपान न करें, अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हेल्दी खाना खाएं और एक्सर्साइज़ करें।

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