भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर जेपी नड्डा को सीएम ने दी बधाई -जानिए खबर

नई दिल्ली/देहरादून(ब्यूरो)। मुख्यमंत्री ने सोमवार को नई दिल्ली में भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा के सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई और शुभकामनाएं दी

उत्तराखण्ड को ऑल इण्डिया रैंकिंग में 10वां स्थान

प्रथम सत्र

बता दें कि आईएएस वीक के अंतर्गत सोमवार को विश्वकर्मा भवन, सचिवालय के वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में आयोजित बैठक के प्रथम सत्र में राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर गहन विचार विमर्श किया गया। मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि नवम्बर में राज्य स्थापना के 20 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। उत्तराखण्ड ने विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया है। राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

गवर्नेंस इंडेक्स में उत्तराखण्ड हिमालयी व पर्वतीय राज्यों में दूसरे स्थान है जबकि ऑल इण्डिया रैंकिंग में 10 वें स्थान पर है। हमें इस रैंकिंग में और सुधार करने के लिए मिशन मोड में काम करना होगा। राज्य में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। यहां का नैसर्गिक सौन्दर्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। परंतु प्रमुख मार्गों व पर्यटन स्थलों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना होगा। सरकार भी कूड़ा निस्तारण व आधुनिक शौचालयों की व्यवस्था को प्राथमिकता दे रही है।

कृषि, शिक्षा व स्वास्थ्य में काफी इनोवेटिव काम की शुरूआत हुई है। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी इनमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नवाचार के प्रोजेक्ट सीएसआर पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही जिलों में की जा रही बेस्ट प्रेक्टीसेज को ऑन लाईन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ईज ऑफ लिविंग विषय पर सचिव विद्यालयी शिक्षा श्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य श्री नितेश झा, सचिव महिला कल्याण बाल विकास श्रीमती सौजन्या, सचिव पेयजल श्री अरविन्द सिंह ह्यांकि, जिलाधिकारी नैनीताल श्री सविन बंसल व जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग श्री मंगेश घिल्डियाल ने पावर पाइन्ट प्रजेन्टेशन दिए।

सचिव विद्यालयी शिक्षा श्री आर मीनाक्षी सुन्दरम ने प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों व अन्य कार्यक्रमों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्कूली शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए वर्चुअल क्लास, सुपर 100, आनंद कार्यक्रम, जिज्ञासा आदि नवाचार किए गए हैं। विद्यालयी शिक्षा में इन्फ्रास्ट्रक्चर गैप, मानव संसाधन, गुणवत्तापरक शिक्षा, इनोवेटिव प्रेक्टिसेज, आवासीय हास्टल, छात्र कल्याण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य श्री नितेश झा ने प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वैलनैस सेंटरों में अपग्रेड किया जा रहा है। इस साल के अंत तक प्रत्येक आबादी के 10 किमी के दायरे में प्राथमिक चिकित्सा सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का लक्ष्य लिया गया है। इसमें जिलाधिकारियों को विशेष ध्यान देना होगा। श्री झा ने बताया कि विभिन्न स्वास्थ्य सूचकों में काफी सुधार हुआ है।

मातृत्व मृत्यु दर राज्य निर्माण के समय 440 थी जो कि अब घटकर 86 हो गई है। शिशु मृत्यु दर भी 41 से घटकर 32 हो गई है। संस्थागत प्रसव दर 32.6 प्रतिशत से बढ़कर 68.6 प्रतिशत हो गई है। इस प्रतिशत को और बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के लिए अटल आयुष्मान योजना शुरू की गई है।

सचिव महिला सशक्तिकरण व बाल विकास श्रीमती सौजन्या ने विभाग के अंतर्गत संचालित तमाम योजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने अनुपूरक पोषाहार, स्कूल पूर्व शिक्षा, स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण के बारे में जानकारी दी। कामकाजी महिला छात्रावास निर्माण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, निर्भया, प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना, मुख्यमंत्री बाल पोषण (बाल पालाश योजना), आंचल अमृत योजना, नंदा गौरा योजना, वन स्टाप सेंटर के बारे में विस्तार से बताया।

सचिव पेजल श्री अरविन्द सिंह ह्यांकि ने विशेष तौर पर जल जीवन मिशन के बारे में बताते हुए कहा कि 2024 तक हर घर को जल संयोजकता देने का लक्ष्य पूरा करना है। इसके लिए जिलाधिकारियों को खास ध्यान देना होगा। जल संचय व स्त्रोत संरक्षण व संवर्धन भी राज्य सरकार की प्राथमिकता पर है।

डीएम रूद्रप्रयाग श्री मंगेश घिल्डियाल ने क्वालिटी एजुकेशन में सुधार के लिए उनके द्वारा किए गए नवाचारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लक्ष्य एप, प्राजेक्ट आंकलन, इन्ट्रानेट के माध्यम से लाईव क्लासेज, मेरा मोबाईल-मेरा स्कूल आदि पहलों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इन नवाचारों का सकारात्मक परिणाम मिला है।

डीएम नैनीताल श्री सविन बंसल ने नैनीताल में उनके द्वारा टेली मेडिसिन के लिए किए गए काम पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं दूरवर्ती क्षेत्रों में सिथत मरीज को उपलब्ध हो रही है। उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में टेली मेडिसीन बहुत लाभदायक हो सकती है।

द्वितीय सत्र

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में अपर मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश ने तकनीकी शिक्षा के विभिन्न पहलुओं में प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिए जिला प्रशासन स्तर पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। रोजगारोन्मुख कोर्सेज को अधिक फोकस करने की जरूरत है। एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना के अन्तर्गत अन्य राज्यों से तकनीक और तकनीकी ज्ञान का आदान प्रदान किया जा सकता है। इससे दोनों राज्यों के छात्र लाभान्वित होंगे।

प्रमुख सचिव उद्योग श्रीमती मनीषा पंवार ने आजीविका के लिए स्थानीय पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों का वैल्यू एडिशन करके बाजार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में है। पलायन प्रभावित क्षेत्रों और सीमांत क्षेत्रों में आजीविका के संसाधनों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

प्रमुख सचिव श्री आनंद वर्द्धन ने जिलाधिकारियों द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों का भी निरीक्षण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अपने संस्थानों में डिस्ट्रिक्ट स्पेसिफिक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाए जाने चाहिए, इसमें जिला प्रशासन के सहयोग की आवश्यकता है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

सचिव शहरी विकास श्री शैलेश बगोली ने कहा कि उत्तराखण्ड में भी शहरी जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी के अनुरूप हमें भी तेजी से विकास करने कि आवश्यकता है। शहरी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सेल्फ एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम पर विशेष ध्यान देना होगा।

म्यूनिसिपल कमिश्नर देहरादून श्री विनय शंकर पांडेय ने जीरो वेस्ट मॉडल के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि यह भविष्य का वेस्ट मैनेजमेंट का अच्छा विकल्प हो सकता है। उन्होंने बताया कि देहरादून के लिए मैकेनाइज्ड क्लीनिंग सिस्टम विकसित कर रहे हैं। इसमें सफाई के लिए मशीनों का प्रयोग शुरू किया जा रहा है। मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि छोटे छोटे सेग्रीगेशन सैंटर विकसित किए जाएं।

सीडीओ पिथौरागढ़ सुश्री वंदना ने पिथौरागढ़ में आजीविका हेतु किए जा रही पहलों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए आय के स्रोतों को जानना होगा। क्षेत्र विशेष के अनुरूप योजनाएं बनानी होंगी। इसके साथ ही, मृत हो चुकी यूनिट्स को पुनर्जीवित करने पर बल देना होगा।

ज्ञातव्य है कि आईएएस वीक के अंतर्गत सोमवार को विश्वकर्मा भवन, सचिवालय के वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में आयोजित बैठक का तृतीय व चतुर्थ चरण जारी है।

तृतीय सत्र (अंतिम सत्र)

कार्यक्रम के तीसरे सत्र में सचिव ऊर्जा श्रीमती राधिका झा ने कहा कि गुणवत्तायुक्त पॉवर सप्लाई, ग्रीन ऊर्जा को बढ़ावा और जनता की समस्याओं का तेजी से निराकरण सरकार की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग अति आवश्यक है। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में चीड़ की पत्ती से ऊर्जा उत्पादन में उत्तराखण्ड तेजी से कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से पॉवर स्टेटस की मासिक रूप से मॉनिटरिंग, विद्युत चोरी को रोकने एवं सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स की लगातार मॉनिटरिंग करने का भी अनुरोध किया।

सचिव पर्यटन श्री दिलीप जावलकर ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन के विकास के लिए हम सब को मिलकर टीमवर्क के रूप में कार्य करना होगा। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के लोग होम स्टे जैसी योजनाओं का लाभ उठा सकें इसके लिए एकल खिड़की व्यवस्था का पूर्ण रूप से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में 13 डिस्ट्रिक्ट्स 13 न्यू डेस्टिनेशन, रोपवे, स्काई लिफ्ट्स, कन्वेंशन सेंटर आदि विभिन्न योजनाओं पर कार्य चल रहा है। साथ ही वेलनेस सिटी पर भी कार्य चल रहा है। इन योजनाओं की जनपद स्तर पर मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है।

अपर मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश ने किसानों की आय दोगुनी करने हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें फार्म बेस्ड और नॉन-फार्म बेस्ड दोनों प्रकार की योजनाओं को मजबूती से लागू करना होगा तभी किसानों कि आय दोगुनी करने में सफलता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए कृषि के आधुनिकीकरण की ओर बढ़ना होगा। अपने स्थानीय उत्पादों के लिए बाजारों को विकसित करने की आवश्यकता है।

इसके साथ ही रिस्क मैनेजमेंट में भी कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि फसलों का बीमा जो सके और किसानों को कम से कम नुकसान हो। अपर मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए माइक्रो प्लान पर फोकस करना होगा साथ ही इंटीग्रेटेड मॉडल विलेज और कृषि क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट पर भी फोकस करना होगा।

जिलाधिकारी बागेश्वर श्रीमती रंजना ने किसानों की आय दोगुनी करने हेतु जनपद में किए जा रहे विभिन्न कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समेकित कृषि प्रणाली, सचल पशु चिकित्सा वाहन, कृषि उत्पादन लागत को कम करने से इस क्षेत्र में काफी सुधार आया है।

ukjosh

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