गर्भावस्था में भूलकर भी न करें इस तेल सेवन; मौत को छोड़कर हर मर्ज की दवा… -जानिए खबर

गर्भवती स्त्रियों को प्रेगनेंसी के दौरान इसका सेवन न करने की सलाह दी जाती है। बता दें कि प्रेगनेंसी में इसका सेवन करने से अबॉर्शन का खतरा रहता है, इसीलिए जिस अचार में कलौंजी डाली गई हो उसे ज्यादा अचार खाने से गर्भवती को मना किया जाता है।

श्वस्थ काया की माया

  • कलौंजी मसाला ही नहीं कई मर्जों की दवा भी है।
  • क्यूँ आप जानते हैं, कलौंजी कोविड-19 से बचाव में मददगार है?
  • क्यूँ आपके किचन में भी इस्तेमाल होती है कलौंजी?
  • क्यूँ आपने सुना है? कुदरत नें क्या खूब कलौंजी बनायी है, जो मौत के सिवाय हर मर्ज की है दवाई है

आओ जाने क्या और क्यूँ महत्वपूर्ण है कलौंजी

रेनुनकुलेसी (बटरकप) परिवार के सदस्य कलौंजी को बनस्पति जगत में निजेला सेटाइवा (Nigella Sativa) के नाम से जाना जाता है। बार्षिक फ्लावरिंग प्लांन्ट्स कलौंजी को निजेला सीड्स या ब्लैक क्यूमिन के नाम से भी पुकारा जाता हैI

कलौंजी ईस्टर्न मेडीटेरानियन,साउथर्न यूरोप का नेटिव होने के साथ ही भारत सहित दक्षिण पश्चिमी एशियाई, भूमध्य सागर के पूर्वी तटीय देशों और उत्तरी अफ्रीकाई देशों में उगने वाला पौधा हैI कलोंजी एक ठण्डे जलवायु की फसल है।भारत में कलौंजी की खेती ज्यादातर रबी की फसल के साथ की जाती हैI

कलौंजी को अंग्रेजी में फेनेल फ्लावर, नटमेग फ्लावर, लव-इन-मिस्ट (क्योंकि इसका फूल लव-इन-मिस्ट के फूल जैसा होता है), रोमन कारिएंडर, काला बीज, काला केरावे और काले प्याज का बीज भी कहते हैं। अधिकतर लोग इसे प्याज का ही बीज समझते हैं क्योंकि दिखने मेझ कलौंजी के बीज प्याज जैसे ही दिखते हैं।

कलौंजी को संस्कृत में कृष्णजीरा, उर्दू में कलौंजी, बांग्ला में कालाजीरो, मलयालम में करीम जीराकम, रूसी में चेरनुक्षा, तुर्की में कोरेक ओतु, फारसी में शोनीज, अरबी में हब्बत-उल-सौदा, हब्बा-अल-बराका, तमिल में करून जीरागम और तेलुगु में नल्ला जीरा कारा कहते हैं। कलौंजी का स्वाद हल्का कड़वा व तीखा और गंध तेज होती है।

इसका प्रयोग विभिन्न व्यंजनों नान, ब्रेड, केक और आचारों में किया जाता है। चाहे बंगाली नान हो या पेशावरी खुब्जा (ब्रेड नान या कश्मीरी) पुलाव हो कलौंजी के बीजों से जरूर सजाये जाते हैं।

जानकार कलौंजी को मौत को छोडक़र हर मर्ज की दवा मानते हैंI कलौंजी का उपयोग भारतीय व्यंजनों, मसालों तथा अनेक प्रकार के रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है। सबसे ज्यादा कलौंजी का उपयोग यूनानी दवाओं को बनाने में किया जाता है।

अनगिनत रोगों को ठीक करने वाला कलौंजी का पौधा सोंफ के पौधे से थोड़ा छोटा होता है और इसमें हलके नीले और पीले फूल आते हैं। कलौंजी के बीज काले रंग के होते हैं जो लगभग हर घर में इस्तेमाल किये जाते हैं।

आमतौर पर लोगों द्वारा अचार में इस्तेमाल की वाली कलौंजी ब्यूटी से लेकर बालों तक और शरीर की कई बड़ी बीमारियों में फायदा पहुंचाती है।

कलौंजी सिर्फ अचार बनाने में ही काम नहीं आती, बल्कि शुगर और जोड़ों के दर्द में भी लाभकारी है। खूबसूरत स्किन और मजबूत बालों के लिये भी कलौंजी का तेल काफी अच्छा बतलाया गया है।

कलौंजी यानी ब्लैक सीड ऑइल में ऐंटी-इनफ्लामैटरी, ऐंटी फंगल, ऐंटी बैक्टीरियल और ऐंट्रीवायरल प्रॉपर्टीज होती हैं जोकि हर तरह के बैक्टीरिया, गंदगी और वायरस से बालों के स्कैल्प को बचाती हैं।

कलौंजी के तेल में थाइमोक्विनॉन (Thymoquinone) और नाइजिलोन (Nigellone) होता है। ये दोनों हिस्टअमीन बालों को फिर से उगाने में मदद करते हैं।

कलौंजी के बीजों में आयरन के साथ भरपूर मात्रा में सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम और फाइबर होता है। इसमें अमीनो एसिड और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

हक़ीम, यूनानी, तिबिया, रेक्स वगैरह कलौंजी के तमाम फ़ायदे बताते हैंI

जाने माने हकीम हज़रत अली द्वारा बतलाया गया है कि दायें हाथ के दो पोरों में जितनी कलोंजी आये, उसे सुबह को निहार/बिना कुछ खाये, खाना चाहिए, इसके इस्तेमाल के शुरू के कुछ दिन तक गले में ‘ख़राश’ महसूस होने लगेगी, इससे परेशान न हों, इस तरह से कलोंजी गले के अंदर या सीने में जो बलग़म होता है उसे साफ़ कर देती है।

जानकारों के मुताबिक इसके लगातार इस्तेमाल से सर के सफ़ेद बाल काले निकल आते हैं, पैरों की पिंडलियों में होने वाला दर्द, ऐंठन ख़त्म हो जाती है, आँखों की बीनाई/रौशनी बढ़ती है।

हकीम मौला हज़रत अली के मुताबिक मौत के आलावा हर बीमारी में कलोंजी से शिफ़ा मिलता हैI कलौंजी कई मर्जों के लिये रामबाण इलाज बतलाया गया है।

आईये जानकारों के मुताबिक विस्तार से जानिए कलौंजी के फायदे

– गर्म पानी में कलौंजी का सेवन करने से अस्थमा की समस्या और जोड़ों के पुराने दर्द में फायदा मिलना बतलाया गया है।

– कलौंजी के पानी को सुबह-सुबह पीने से लम्बे समय से हो रही खांसी की समस्या में राहत मिलती है।

-कलौंजी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स कैंसर के खतरे को भी कम करता है। इसके नित्य सेवन से भविष्य में कई गंभीर बीमारियों के खतरे से बचा जा सकता है।

-कलौंजी के बीजों का तेल भी खांसी आदि के साथ ही कई अन्य बडे़ रोगों से राहत पहुंचाने में प्रभावशाली पाया गया है। कलौंजी श्वास नली की मांसपेशियों को ढीला करती है, प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करती है, और खांसी, दमा, ब्रोंकाइटिस आदि को ठीक करती है।

-कलौंजी का मसाले के तौर पर उपयोग किया जाना भी अनेक रोगों को ठीक करने में मददगार बतलाया गया है।

-कलौंजी ब्लड प्यूरीफायर की तरह भी काम करती है। सुबह-सुबह खाली पेट पानी के साथ इसका सेवन करने से रक्त की अशुद्धियां दूर होती बतलायी गयी हैं।

-कलौंजी बालों की समस्या से निजात दिलाने में भी मददगार पाया गया है। लगातार बाल गिरना, गंजापन बढ़ना, इत्यादि में कलौंजी के तेल में ऑलिव ऑयल और मेंहदी पाउडर मिलाकर हल्का गर्म करने के पश्चात दो बार सिर की मसाज करनें से लाभकारी बतलाया गया है।

-रोज सुबह गुन गुनें पानी के साथ एक चम्मच कलौंजी के बीजों का सेवन मधुमेह और एसिडिटी को नियन्त्रित करने में मददगार बतलाया गया है।

-कलौंजी के बीजों का सेवन त्वचा/स्किन से संबंधित कई परेशानियों को हल कर सकता है। इससे खास तौर पर कील-मुंहासों की समस्याओं में काफी राहत मिलती बतलायी गयी है।

-रोजाना कलौंजी खाने से ब्रेन की पॉवर बढ़ती है और याद्दाश्त तेज होती है । बच्चों को इसका सेवन बचपन से ही कराया जाना लाभकारी बतलाया गया है।

-गर्भावस्था में कलोंजी का सेवन बर्जित बतलाया गया है। प्रेगनेंसी में इसका सेवन करने से अबॉर्शन का खतरा रहता है, इसीलिए कलौंजी डाली गयी ज्यादा अचार खाने से गर्भवती को मना किया जाता है।

-कलौंजी के बीजों को जलाकर पीसकर ऑलिव ऑयल में मिलाकर सिर पर मसाज करने से नए बाल उगने में फाइदेमन्द माना गया है।

-बालों में 20 मिनट तक नींबू के रस से मसाज करने और फिर लगातार कलौंजी के तेल का इस्तेमाल करनें से बालों के गिरने की समस्या से निजात मिलना बतलाया गया है।

-मीठे नींबू का एक कप रस और कलौंजी तेल आधा चम्मच के संयोजन से बनाये मिश्रण को सुबह और रात में बिस्तर पर जाने से पहले चेहरे पर लगाने से त्वचा की चमक बढ़ने के साथ ही पिम्पल्स और किसी अन्य काले धब्बों से राहत मिलना बतलाया गया है।

-एक कप सिरका और आधा चम्मच कलौंजी का तेल का मिश्रण सुबह और शाम सोने से पहले चेहरे पर लगाने से सफेद या काले धब्बों को रोका जा सकता है।

-आधा चम्मच कलौंजी तेल आधा चम्मच और 2 चम्मच शहद के मिश्रण को गुनगुने पानी के साथ दिन में तीन बार लेने से शरीर का मोटापा कम करने में मददगार बतलाया गया है।

-50 ग्राम ओलिव तेल और 50 ग्राम कलौंजी तेल का मिश्रण नाश्ते से पहले एक चम्मच लेने से त्वचा की चमक दमक बढाने में मददगार बतलाया गया है। इसका लगातार एक सप्ताह तक इस्तेमाल करने से यह शरीर में ताजगी और सौंदर्य बनाये रखने में लाभकारी पाया गया है।

-कलौंजी का तेल पेट दर्द को कम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेट दर्द से राहत पाने के लिए दिन में दो तीन बार आधा चम्मच कलौंजी तेल, आधा चम्मच काला नमक और आधा गिलास गर्म पानी लेने से बहुत हद तक राहत मिलना बतलाया गया है।

यदि दी गयी जानकारी से सहमत हों तो आप भी स्वस्थ एवं निरोगी काया के लिए अवश्य करें पौष्टिक एवं औषधीय गुणों से परिपूर्ण कलौंजी का सेवनI राज की बात यह है कि उत्तराखन्ड में अभी कलौंजी की खेती ना के बराबर की जाती है, इसलिये कलौंजी का औषधीय एवं आर्थिक लाभ लेने के लिये कृषिकरण के प्रयास किया जाना अति आवश्यक है।

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