चालक की सूझबूझ ने बचाई कोटद्वार में 25 जिंदगियां

कोटद्वार। गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन (जीएमओयू) के एक चालक की सूझबूझ से 25 जिंदगियां बाल-बाल चल गई। दुर्घटना में बस चालक को गंभीर चोटें और आठ सवारियों को भी मामूली चोट आई हैं।

रविवार सुबह लक्ष्मणझूला-धुमाकोट राजमार्ग पर दुगड्डा-सेंधीखाल के मध्य प्रातः करीब आठ बजे कोटद्वार से सवारियां लेकर जीएमओयू की एक बस भौन (नैनीडांडा) के लिए निकली। दुगड्डा से सेंधीखाल की ओर जाते हुए चैकीसैरा के समीप अचानक बस के ब्रेकफेल हो गए। बस चालक ग्राम मठाली निवासी राम सिंह को जैसे ही ब्रेक फेल होने की भनक लगी, उन्होंने बस को काबू करने का प्रयास किए। इस बीच एक मोड़ पर विपरीत दिशा से एक मैक्स आती नजर आई। बड़ी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए राम सिंह ने बस चट्टान से टकरा दी। पहाड़ी से टकराने के बाद बस का चालक वाला हिस्सा दब गया और राम ङ्क्षसह का पैर वहीं फंस गया।

दुर्घटना में ग्राम देवलधर निवासी जीतेंद्र, ग्राम चमाड़ा निवासी वासवानंद व उनकी पत्नी गीता, ग्राम कमेड़ा मल्ला निवासी सरिता, ग्राम पटोटिया निवासी सुषमा बिष्ट, ग्राम अपोला निवासी धीरा देवी, ग्राम वाडागाड निवासी चैन सिंह व उनकी पत्नी कमला देवी को मामूली चोटें आई। सूचना मिलते ही दुगड्डा पुलिस चैकी के जवान मौके पर पहुंचे और स्टेयरिंग में फंसे चालक राम सिंह को बाहर निकाला। इस बीच आकस्मिक चिकित्सा वाहन 108 भी मौके पर पहुंचा और गंभीर घायल राम सिंह को कोटद्वार के संयुक्त चिकित्सालय में लाकर भर्ती करवा दिया। घटना के करीब दो घंटे बाद राजस्व कर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी सवारियों को दूसरी बस से गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया था।

रविवार सुबह चैकीसेरा के समीप हुई बस दुर्घटना के घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाया, जिस पर यात्रियों ने गहरा रोष जताया। यात्रियों की कहना था कि दुर्घटना की सूचना के बाद प्रशासन को दुगड्डा चिकित्सालय से चिकित्सक मौके पर भेजने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मौके पर पहुंचे आकस्मिक चिकित्सा वाहन 108 में भी उन्हें प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाया।

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