गर्मी के दिनों में अत्यधिक जरूरी है सौंफ का सेवन -जानिए खबर

नई दिल्ली। गर्मी के दिनों में पानी की कमी या डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं होने की अधिक संभावना होती है, अत्यधिक गर्म हवा के झोंकों से लू लगना ऐसे मौसम में स्वास्थ्य का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। सौंफ में कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जिनका सेवन करने से स्वास्‍थ्‍य को फायदा होता है। सौंफ हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद होती है। सौंफ में कैल्शियम, सोडियम, आयरन, पोटैशियम जैसे तत्व पाये जाते हैं।

सौंफ का फल बीज के रूप में होता है और इसके बीज को प्रयोग किया जाता है। पेट की समस्याओं के लिए सौंफ बहुत फायदेमंद होती है। गर्मी के इस मौसम में लू लगने से बचना है तो आपको सौंफ के पानी का सेवन करना चाहिए। सौंफ को बेल के गूदे के साथ सुबह-शाम चबाने से अजीर्ण समाप्त होता है और अतिसार में फायदा होता है। डायरिया होने पर सौंफ खाना चाहिए।

आइए जानते हैं सौंफ खाना स्वास्‍थ्‍य के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है।  अगर आप इस बात से परेशान हैं कि आपको कोई बात याद नहीं रहती तो अपनी स्‍मरणशक्ति बढ़ाने के लिए सौंफ का सेवन करें। इसके लिए सौंफ और मिश्री का समान मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना कर रख लें। खाने के बाद इस मिश्रण के दो चम्मच सुबह शाम दो महीने तक सेवन करने से स्मरणशक्ति तेज होती है।

सौंफ के नियमित सेवन से पेट और कब्‍ज की शिकायत नहीं होती। इसके लिए सौंफ को मिश्री के साथ पीसकर चूर्ण बना लें और लगभग 5 ग्राम चूर्ण को सोते समय गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। इससे गैस व कब्‍ज की समस्‍या सहित पेट की सभी समस्‍या दूरी होगी।

फ का सेवन आंखों की रोशनी को बढ़ाता है। प्रतिदिन भोजन के बाद 1 चम्‍मच सौंफ खाएं या फिर आधा चम्‍मच सौंफ का चूर्ण एक चम्‍मच मिश्री के साथ मिलाकर रात को सोते दूध के साथ लें। सौंफ का चूर्ण दूध के स्‍थान पर पानी के साथ भी लिया जा सकता है।

10 ग्राम सौंफ के अर्क को शहद में मिलाकर दिन में 2-3 बार सेवन करने से खांसी ठीक होती है। या फिर 1 चम्‍मच सौंफ और 2 चम्‍मच अजवाइन को आधा लीटर पानी में उबाल लें और फिर इसमें 2 चम्‍मच शहद मिलाकर छान लें। इस काढ़े की 3 चम्‍मच को 1-1 घंटे के अन्‍तर पर पीने से खांसी में लाभ मिलता है। सौंफ को मुंह में रखकर चबाते रहने से सूखी खांसी शांत होती है।

स्‍वास्‍थ्‍य के साथ-साथ सौंफ त्‍वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। रोजाना सुबह-शाम केवल सौंफ खाने से खून साफ होता है जो कि त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके नियमित सेवन से त्‍वचा में चमक आती है।

छोटे बच्‍चे अक्‍सर पेट की समस्‍या से परेशान रहते हैं। बच्चों के पेट के रोगों के लिए दो चम्मच सौंफ के चूर्ण को दो कप पानी में अच्छी तरह उबाल लें। एक चैथाई रह जाने पर इस पानी को छानकर ठण्डा कर लें। इसे एक-एक चम्मच दिन में दो से तीन बार पिलाने से बच्‍चों में पेट का अफरा, अपच, दूध पलटना, मरोड़ आदि शिकायतें दूर होती हैं।

सौंफ अनिंद्रा की समस्‍या में भी लाभकारी है। सौंफ का काढ़ा बना कर दस पंद्रह ग्राम घी व इच्छानुसार मिश्री मिलाकर रात को सोते समय सेवन करने से नींद अच्छी आती है। इससे बहुत अधिक नींद और सुस्‍ती की समस्‍या भी दूर होती है। हर समय नींद में या सुस्ती में रहने पर सौंफ का काढ़ा बना कर थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर सुबह-शाम एक हफ्ते तक पीने से सुस्ती दूर होती है तथा जरुरत से ज्‍यादा नींद भी नहीं आती।

वहीं गर्भधारण करने के बाद महिला को सौंफ और गुलकन्द मिलाकर पानी के साथ पीसकर हर रोज नियमित रूप से पिलाने से गर्भपात की आशंका समाप्त हो जाती है। गर्भधारण करने के बाद से ही बच्चे के जन्म तक सौंफ को नियमित पीने से भी गर्भ सुरक्षित रहता है।

Sushil Kumar Josh

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