रातभर हुई बारिश से चमोली में जलप्रलय -जानिए खबर

देहरादून(ब्यूरो)। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में रातभर से हो रही बारिश से जलप्रलय जैसी स्थिति पैदा हो गई है। यहां पहाड़ी नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। रविवार रात से हो रही बारिश की वजह से उत्तराखंड के चमोली जिले के घाट विकास खंड में अतिवृष्टि होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

वहीं चमोली के घाट में अतिवृष्टि से हुई जनहानि पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शोक जताते हुए मृतकों के परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली को राहत व बचाव कार्य तेजी से करने व प्रभावितों को अनुमन्य आर्थिक सहायता के साथ अन्य राहत तुरंत उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

चमोली प्रशासन से प्राप्त सूचना के अनुसार घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, राजस्व व आपदा की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुट गईं। प्रभावित क्षेत्र में राहत सामग्री पहुंचाई गई है।

बताते चले कि यहां बांजबगड़ गांव में आवासीय मकान के पीछे हुए भूस्खलन के कारण मां रूपा देवी (35 वर्ष) व बेटी चंदा ( नौ माह) की मलबे में दबने से मौत हो गई है। जबकि बांजबगड़ गांव के ही आली तोक में नेनू राम की बेटी नौरती (21 वर्षीय) के मलबे में दबने से मौत हो गई है। चुफलागाड़ और नंदाकिनी के उफान पर आने से घाट बाजार में तीन दुकानें बह गई हैं।

घाट-बांजबगड़ मोटर मार्ग पर गरणी गांव में पहाड़ी से हुए भूस्खलन के कारण दो वाहन और एक मकान मलबे में दब गया है। मोख घाटी में मोक्ष नदी के उफान पर आने से कई आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में तहसील और आपदा टीमें राहत, बचाव कार्य में जुट गई हैं। अभी भी क्षेत्र में बारिश हो रही है।

चमोली जिले में रविवार की रात से जारी यह बारिश सोमवार को सुबह साढ़े आठ बजे के बाद भी जारी है। रुद्रप्रयाग में घने बादल छाए हैं। यहां तेज बारिश के आसार हैं। केदारनाथ में भी हल्की बारिश हो रही है। नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से बादल छाए हैं। देहरादून में भी तड़के साढ़े चार बजे से रुक-रुक कर बारिश जारी है। मसूरी में तेज बारिश तापमान में भारी गिरावट आई है।

यहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं बारिश ने ईद के त्योहार में भी खलल डाला। चुफलागाड़ और नंदाकिनी के उफान पर आने से घाट बाजार में तीन दुकानें बह गई हैं। घाट-बांजबगड़ मोटर मार्ग पर गरणी गांव में पहाड़ी से हुए भूस्खलन के कारण दो वाहन और एक मकान मलबे में दब गया है। मोख घाटी में मोक्ष नदी के उफान पर आने से कई आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में तहसील और आपदा टीमें राहत, बचाव कार्य में जुट गई हैं। अभी भी क्षेत्र में बारिश हो रही है। चमोली जिले में रविवार की रात से जारी यह बारिश सोमवार को सुबह साढ़े आठ बजे के बाद भी जारी है। रुद्रप्रयाग में घने बादल छाए हैं। यहां तेज बारिश के आसार हैं। केदारनाथ में भी हल्की बारिश हो रही है। नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से बादल छाए हैं। देहरादून में भी तड़के साढ़े चार बजे से रुक-रुक कर बारिश जारी है। मसूरी में तेज बारिश तापमान में भारी गिरावट आई है। यहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

वहीं घूमने गए दो छात्रों के बह जाने की घटना को दुखद बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात में नदियों का जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है। उन्होंने लोगों विशेष रूप से युवाओं से अपील की है कि वर्तमान में भारी बारीश को देखते हुए पिकनिक आदि के लिए नदियोंए झरनों के समीप न जाएं।

Sushil Kumar Josh

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