उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए प्रदेश भर में खुलेंगे काॅपरेटिव बैंकों में 100 नए एटीएम एवं 100 ई-लाॅबी -जानिए खबर

देहरादून। सहकारिता, उच्च शिक्षा, दुग्ध विकास एवं प्रोटोकाॅल (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज सहकारिता विभाग के उच्च पदस्थ अधिकारियों और सहकारी बैंकों के समस्त अध्यक्षों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये वार्ता की। देहरादून स्थिति राज्य सहकारी बैंक के मुख्यालय से सहकारिता मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय अधिकारियों एवं सहकारी बैंके समस्त चेयरमैन से बैंके की प्रगति रिपोर्ट मांग कर विभिन्न मुद्दों पर मंथन किया।

इस दौरान सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश भर में सहकारी बैंकों की स्थिति को मजबूत करने के लिए कई अहम निर्णय लिये गये हैं। जिसमें प्रदेश भर में काॅपरेटिव बैंकों में 100 नए एटीएम एवं 100 ई-लाॅबी खोली जायेगी। हालांकि उन्होंने बताया कि वर्तमान में काॅपरेटिव बैंके के राज्य भर में 111 एटीएम संचालित है।

लेकिन उपभोक्ताओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इनकी संख्या में वृद्धि की गई है। इससे सहकारी बैंकों में लेने-देन व अन्य कार्यों में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही सहाकरिता मंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में दो से लेकर पांच एटीएम वैन भी संचालित की जायेगी। लेकिन यह जिलों से आने वाले प्रस्तावों पर निर्भर करेगा।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई वार्ता में सहकारिता मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने सहकारिता बाजार समिति के भवन को लेकर भी चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य भर के प्रमुख नगरों की प्राइन लोकेशनों पर बाजार समिति के भवन मौजूद हैं जो ज्यादातर खंडर या जर्जर स्थिति में है।

उन्होंने कहा कि व्यवसायिक दृष्टि से इनका उपयोग कैसा किया जा सके इसके लिए एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी में राज्य सहकारी बैंके चेयर मैंन दान सिंह रावत, हयात सिंह मेहरा, मातबर सिंह रावत एवं अपर निबंधक आनंद शुक्ल रखे गये हैं। वहीं सहकारिता मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने कहा कि प्राइम लोकेशन में स्थित सहकारी संस्था की जगह बड़े भवन बनाये जा सकते हैं जो विभाग को आर्थिक लाभ देंगे। उन्होंने कहा कि मार्केट समिति के निर्माण के लिए एनसीडीसी से धन उपलब्ध कराया जायेगा।

बैठक में चर्चा करते हुए सहकारिता मंत्री ने बताया कि प्रदेश की 670 सहकारी समितियों में से 100 समिति को माॅर्डन समिति बनाया जायेगा। इन समितियों में जल्द निर्माण और मरम्मत कार्य भी शुरू कर दिये जायेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि काॅपरेटिव बैंकों की नई शाखाएं खोली जायेगी। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों के प्रस्ताव एवं सिफारिशों को गंभीरता से लिया जाय।

वहीं सहकारिता मंत्री ने बताया कि इस फसली वर्ष में सहकारी बैंकों को बिना ब्याज के 2000 करोड़ रूपये का ऋण वितरण करने का लक्ष्य दिया गय है। वहीं उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक अपर जिला निबंधकों को वाहन सुविधा दी जाय। बैठक में निबन्धक बीएम मिश्र, चेयरमैन राज्य सहकारी बैंक दान सिंह रावत, उपाध्यक्ष महावीर प्रसाद कुकरेती, यूसी एफ के उपाध्यक्ष मातबर सिंह रावत, अपर निबन्धक ईरा उप्रेती, अपर निबन्धक आनंद शुक्ल, उप निबन्धक रामिन्द्री मंद्रवाल, राज्य सहकारी बैंक के एमडी दीपक कुमार, महाप्रबंधक एनपीएस ढाका मौजूद थे।

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