एक घंटे के मौन उपवास पर बैठे पूर्व मुख्यमंत्री -जानिए खबर

देहरादून। अनुसूचित जाति के युवक के साथ विवाह समारोह के दौरान मारपीट के बाद उसकी मृत्यु से व्यथित पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत बीते दिन देहरादून के गांधी पार्क में प्रायश्चित स्वरूप एक घंटे तक का मौन उपवास पर बैठे।

उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि यह एक सामाजिक अपराध का मामला है। लिहाजा, लोस चुनाव की आचार संहिता लागू होते हुए भी राज्य सरकार को पीड़ि‍त परिवार की मदद करनी चाहिए।

गौरतलब है कि 26 अप्रैल को एक शादी समारोह में अनुसूचित जाति के युवक जितेंद्र के साथ कुछ लोगों ने मारपीट कर दी थी। कुछ दिन बाद उसकी देहरादून के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पीड़ित परिवार का हालचाल जानने बीते रविवार को टिहरी जिले के बसाण गांव निवासी अनुसूचित जाति के मृतक युवक के परिजनों को सांत्वना दी। देहरादून लौटे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि पीड़ि‍त परिवार की स्थिति बेहद दयनीय है। प्रकरण में कानून अपना काम करेगा, मगर वर्तमान में पहली जरूरत पीड़ि‍त परिवार को मदद मुहैया कराने की है।

वजह ये कि परिवार के कमाऊ पूत की मौत के बाद गुजर-बसर का कोई सहारा नहीं है। हालांकि, लोगों के साथ ही तमाम संगठन मदद को आगे आए हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी 50 हजार की राशि दी है। राज्य सरकार को चाहिए कि वह पीड़ि‍त परिवार को फौरन आर्थिक मदद मुहैया कराए।

इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने रविवार को तहसील नैनबाग के बसाण गांव जाकर मृतक जितेंद्र के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में सभी पीड़ि‍त परिवार के साथ हैं।

उन्होंने कहा कि वह पीड़ि‍तों की बात को सरकार तक पहुंचाएंगे और जो भी मदद होगी वह की जाएगी। उन्होंने यहां परिजनों की समस्याएं भी सुनीं। इस अवसर पर शांति प्रसाद भट्ट, चंद्रभान, दर्शनलाल, गंभीर सिंह, गंभीर सिंह रावत, जोत सिंह रावत आदि मौजूद थे।

Sushil Kumar Josh

"उत्तराखण्ड जोश" एक न्यूज पोर्टल है जो अपने पाठकों को देश-विदेश, सरकारी, अर्धसरकारी, सामाजिक गतिविधियां, स्वस्थ्य, मनोरजंन, स्पोर्टस, फिल्मी, कहानी, कविता, व्यंग्य इत्यादि समाचार सोशल मीडिया के जरिये आप तक पहुंचाने का कार्य करता है। वहीं अन्य लोगों तक पहुंचाने या शेयर करने लिए आपका सहयोग चाहता है।

Leave a Reply