गैरसैंण उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित; सीएम ने की घोषणा -जानिए खबर

गैरसैंण। उत्तराखंड राज्य की अब दो राजधानियां होंगी। राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी अब गैरसैंण होगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बजट सत्र के दूसरे दिन बुधवार को गैरसैण (भराड़ीसैंण) को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में वित्त मंत्री के रूप में अपना पहला बजट सदन में पेश किया। बजट में सरकार ने व्यय के लिए 53526 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

बजट पर भाषण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का बजट नई आकांक्षाओं और आशाओं के साथ-साथ राज्य के कमजोर वर्गों की जरूरतों को पूरा करने के लिए है। बजट है। इसमें समाज के सभी वर्गों- किसानों, मातृ शक्ति, युवाओं और उद्योग क्षेत्रों की सभी जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया है। उत्तराखंड में राजधानी का मुद्दा जनभावनाओं से जुड़ा है। राज्य गठन के बाद से ही प्रदेश में पहाड़ की राजधानी पहाड़ में बनाए जाने को लेकर आवाज उठती रही हैं।

राज्य आंदोलन के समय से ही गैरसैंण को जनाकांक्षाओं की राजधानी का प्रतीक माना गया है। यही वजह है कि कांग्रेस और भाजपा की सरकारें गैरसैंण को खारिज नहीं कर पाई। हालाँकि कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल (न्ज्ञक्) गैरसैण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग करते रहे हैं।

बाद में मीडिया से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाए जाने को राज्य आंदोलनकारियों और प्रदेश की माताओं व बहनों को समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि यह गर्व का पल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक बहुत बड़ा फैसला है। वे रात भर सो नहीं पाए और काफी सोच विचार कर यह फैसला किया है। 2017 के घोषणा पत्र में किए गए वायदे को पूरा किया गया है। उत्तराखण्ड एक सीमान्त राज्य होने के कारण सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण और आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील है। इन्ही बातों और प्रदेश की जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि अब आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। यहां तमाम आवश्यक सुविधाएं विकसित की जानी हैं। गैरसैण में पानी की समस्या को दूर करने के लिए पहले से ही झील बनाए जाने पर काम किया जा रहा है। इस अवसर पर मौजूद विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने प्रदेश की जनता की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और इसे मुख्यमंत्री की ओर से प्रदेशवासियों को होली तोहफा बताया।

सदन में प्रस्तुत किए गए बजट पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 53526.97 करोड़ रूपए का बजट लाया गया है। इस बार बजट में अनेक नई योजनाओं का प्राविधान किया गया है। प्रदेश के सभी ब्लॉकों विशेष तौर पर पलायन प्रभावी ब्लॉकों में स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना है। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के तहत पलायन प्रकोष्ठ का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना के लिए धनराशि का प्राविधान किया गया है। राज्य में गर्भवतीध्धात्री माताओं में एनीमिया और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना का प्राविधान है। शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को शोध एवं विकास व नवाचार के कार्यों के प्रोत्साहन के लिए मुख्यमंत्री नवाचार कोष की स्थापना की जा रही है।

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