निरंकार प्रभु का ज्ञान प्राप्त कर जीवन में मानवीय गुणों से युक्त होकर मिलता ईश्वरीय आनन्द -जानिए खबर

गढ़ीनेगी। निरंकार प्रभु का ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर जीवन में मानवीय गुणों से युक्त होकर मनुष्य अपने जीवन को सार्थक कर मुक्ति प्राप्त कर है। बता दें कि निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की छात्र-छाया में प्रथम बार गढ़ीनेगी में विशाल निरंकारी संत समागम हुआ। इस ठंड में भी अपने सतगुरु की एक झलक पाने व उनके आगमन पर संतों में जो खुशी का माहौल था वह शब्दों बयां कर पाना सम्भव नही है। बता दें कि संतों ने खुशी व उत्साह से अपने सतगुरु का स्वागत किया। वहीं गड़ीनेगी में सेवादल के भाई-बहनो ने बैण्ड द्वारा सतगुरु माता जी के काफिले का स्वागत किया।   Satguru Mata Sudhikcha Ji-Maharaj Garinegi-Sant-Nirankari-Bhawan Inuguration 2019

बता दें कि मालधन रोड पर स्थित निरंकारी संत्सग भवन का परिसर में सुबह से ही धीरे-धीरे भरना आरम्भ हो गया और आने बाले हजारो श्रद्वालुओ के लिए सुबह से ही लंगर तथा सभी प्रकार की सुन्दर व्यवस्थाएं वहां की स्थानीय संगत ने पहले से ही की हुई थी। सभी श्रद्वालु मर्यादित रूप में बैठकर भक्तिभाव से सतगुरू माता जी के दर्शन कर उनकी रहमतों के पात्र बनें।

इस संत समागम में उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड की 15 दिवसीय कल्याण यात्रा पर निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज अलीगढ, आगरा, इटावा, उरई, बांदा, हमीरपुर, कानपुर, बरेली, किच्छा, हल्द्वानी, भवाली आदि नगरों से होते हुए दोपहर 2:00 बजे गढ़ीनेगी पधारी। वहीं सतगुरु माता जी के कर-कमलों द्वारा नवनिर्मित संत निरंकारी सत्संग भवन का उद्घाटन कर सत्संग का शुभारम्भ किया गया।

वहीं गड़ीनेगी में सेवादल के भाई-बहनो ने बैण्ड द्वारा सतगुरु माता जी के काफिले का स्वागत किया। यहां आयोजित संत समागम में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने प्रभु निरंकार से जुड़ने की सीख देते हुए कहा कि सबको ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर लेना चाहिए। ब्रह्मज्ञान से ही मानवीय गुण आते है। सतगुरु माता सुदीक्षा जी ने प्यार नम्रता और भाईचारे को अपनाने का संदेश दिया।

उन्होंने मौसम का जिक्र करते हुए कहा कि मौसम खराब होने के बावजूद भी संत महात्मा दूर-दूर से चलकर यहां पहुंचे हैं सतगुरु माता जी ने बताया यह गढ़ीनेगी नगर के नाम से ही प्रतीत होता है, कि हमें नेकीयो के गढ़ में ही रहना चाहिए और सभी के भले की कामना प्रार्थना करनी चाहिए।

सत्गुरु के दर्शनों के लिए दूर दराज से एकत्रित हुए निरंकारी भक्त

रामपुर काशीपुर जसपुर नजीबाबाद नगीना धामपुर रुद्रपुर गदरपुर बिजनौर हल्द्वानी ठाकुर द्वारा मुरादाबाद आदि स्थानों से पधारे हुए हजारों भक्तों में अपने सतगुरू के दर्शनो के प्रति उत्साह के भाव के आगे ठण्ड भी अपना रोव दिखा ना सकी।

निरंकारी संत समागम का मुख्य आकर्षण आध्यात्मिक सत्संग रहा जिसका शुभारम्भ अवतार वाणी और हरदेव वाणी के गायन से हुआ तदोपरांत विभिन्न स्थानों से आये विद्वान वक्ताओं ने संत निरंकारी मिशन की शिक्षाओं और संदेश पर अपने विचार व्यक्त किए वहीं प्रसिद्ध गीतकार भक्तों ने प्रेरणादायक भजन प्रस्तुत किए। इसमें कुछ कविताएं भी प्रस्तुत की गई। सभी बक्तओ चाहे व गीत व कविताओ का सहारा लेते हुए मानव-एकता विश्व भाईचारा एंव विश्व के कल्याण का सदेंश दिया।

वहीं मंच संचालन हनसा दत्त भट्ट एवं रामनाथ द्वारा किया गया। जोनल इंचार्ज श्री राज कपूर जी ने सभी का धन्यवाद किया तथा स्थानीय शाखा मुखी विजय सुधा, गढ़ीनेगी ने प्रशासन द्वारा प्रदान की समस्त सेवाओ के लिए चाहे लाईट, पुलिस, टैफिक पुलिस व अन्य प्रशासनिक विभागो का आभार व्यक्त कर धन्यवाद दिया।

संत समागम में जाति-धर्म अमीर-गरीब के भेद से उपर उठकर मानवीय गुणो को अपनाते हुए हर आम-ओ-खास एक ही मंच पर एकत्रित थे। हर तबके से जुड़े श्रद्वालु थे। सभी में सामाजिक विभिन्नता के वावजुद एकरसता की झलक दिख रही थी। दिल्ली से आए केंद्रीय सेवादल के उपमुख्य संचालक श्री एसके जुनेजा के नेतृत्व में निरंकारी सेवादल ने यातायात पार्किंग लंगर कैंटीन प्याऊ शौचालय आदि विभिन्न गतिविधियों में समर्पित भाव से अपने सेवा कार्य को करते नजरे आये। मिशन के मूल सिद्वान्त एक ज्योति है सबके अन्दर नर है चाहे नारी हंै ब्राह्मण क्षत्रिय वैष्य हरिजन प्रभु की रचना सारी है में समानता का ही दर्शन देखने को मिला।

प्रतिनिधि ने बताया निरंकारी सद्गुरू के मार्गदर्शन में संत निरंकारी मिशन जहां आध्यात्मिकता की अलख जगा रहा है वहीं संत निरंकारी चैरिटेबल फॉउंडेशन की ओर से मानवता की सेवा के लिए पिछले कई वर्षों से देश व दूर.देशों में रक्त दान शिविरो वृक्षारोपण और सफाई अभियान का आयोजन करता आ रहा है। गत 2 अक्टूबर को देश के लगभग 350 रेलवे स्टेशनों की सफाई का अभियान चलाया गया। इस योगदान को विश्व भर में सराहा भी गया है।

जोनल इंचार्ज श्री राज कपूर ने बताया कि मानवता का गुलदस्ता संत निरंकारी मिशन अपनी मानवता की खुशबू से सारे जगत को सुगंधित कर रहा है। ऐसी भावनाए मंगल कामना विश्व के विभिन्न राष्ट्रों में रहने वाले निरंकारी संत महात्मा कर रहे हैं।

बाबा बूटा सिंह जी से शुरू हुआ संत निरंकारी मिशन का इतिहास बाबा अवतार सिंह जी बाबा गुरुवचन सिंह जी बाबा हरदेव सिंह जी और माता सविंदर हरदेव जी महाराज के पावन सानिध्य में निरंतर मानवता का कल्याण करने से भरा है। अब छठे सद्गुरू के रूप में पुज्य सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज का मार्गदर्शन निरंकारी जगत को मिल रहा हैं।

विश्व के अनेकों देश तथा भारत के सभी प्रांतों नगरों के अनुसार निरंकारी मिशन का निश्चित मत है कि ब्रह्मानुभूति में ही मनुष्य योनि की सार्थकता है। विश्व प्रसिद्व आध्यात्मिक जागरूकता का मंच संत निरंकारी मिशन कोई धर्म या सम्प्रदाय नहीं बल्कि आध्यात्मिक विचारधारा है।

ukjosh

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