गोल्डन कार्ड बनवाने को लेकर सरकार ने बदला नियम; अब ऐसे भी बन सकेंगें कार्ड – जानिए खबर

देहरादून। अटल आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड को लेकर सरकार ने ये नियम बदल दिया है। इसके अंतर्गत अब जिन लोगों के राशन कार्ड नहीं बने हैं उनके भी गोल्डन कार्ड बन सकेंगे।

क्योंकि सरकार ने गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए राशन कार्ड की बाध्यता को खत्म कर दिया है। अब वोटर आईडी, आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर और सर्विस रिकार्ड के आधार पर भी गोल्डन कार्ड बनवाए जा सकेंगे।

बता दें कि आम आदमी की सहूलियत के लिए बनाए जा रहे गोल्डन कार्ड लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अटल आयुष्मान योजना के तहत शुरू की गई थी। योजना के अंतर्गत व्यक्ति हर वर्ष पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सेवाएं निशुल्क ले सकता है।

अभी तक गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड और राशन कार्ड अनिवार्य था। जबकि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनकी आय पांच लाख रुपये से ज्यादा होने के कारण राशन कार्ड ही नहीं बन पाए हैं। इस कारण जिन लोगों के राशन कार्ड नहीं बने हैं, उनके गोल्डन कार्ड भी नहीं बन पा रहे हैं।

ये लोग हर रोज जिला पूर्ति कार्यालय से लेकर कॉमन सर्विस सेंटरों पर बिना राशन कार्ड वाले लोग भी गोल्डन कार्ड बनाने के लिए हंगामा कर रहे हैं।

वहीं राशन कार्ड बनवाने के लिए भी लोग आए दिन पूर्ति विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन वहां नियमों के अनुसार उनके कार्ड नहीं बन सकते। ऐसे में इस परेशानी से बचने के लिए पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने शासन को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया था।

इसका संज्ञान लेते हुए शासन ने बिना राशन कार्ड वाले लोगों को बड़ी राहत दी है। अब राशन कार्ड के बिना भी अटल आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड बनवाया जा सकेगा।

पात्र लोग वोटर आईडी, सर्विस रिकॉर्ड और आधार कार्ड दिखाकर गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। जो लोग अपने पूरे परिवार के लिए गोल्डन कार्ड बनवाना चाहते हैं, उन्हें परिवार रजिस्टर की कापी दिखानी होगी।

वहीं सीएमओ प्रेमलाल ने बताया कि बिना राशन कार्ड वालों के लिए अटल आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। बिना राशन कार्ड वाले वोटर आईडी और आधार कार्ड से गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं, लेकिन परिवार के लोगों की संख्या दिखाने के लिए परिवार रजिस्टर की कापी दिखानी अनिवार्य है। सीएससी सेंटरों पर जो राशन कार्ड धारकों की संख्या अपडेट नहीं हुई है उस पर शासन स्तर पर कार्यवाही की जानी है।

Sushil Kumar Josh

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