“होम्योपैथिक दवाईयां” रोगी की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है

देहरादून। शांति होम्योंपैथिक हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर काॅन्वेंट रौड अपोजिट एस बी आई मेन ब्रांच देहरादून में विश्व होम्योंपैथिक दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजन किया गया। केन्द्र संचालिका डाॅ. सीमा कौशिक ने बताया कि होम्योपैथी के जनक डा. क्रिस्टियन फ्रेडरिक सेमुअल हेनमन के २६५ जन्मदिवस के उपलक्ष्य में होम्योपैथी के बारे में लोगों को जागरूक किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से जुड़ी भ्रांतियों और उनकी वास्तविकताओं को लेकर लोगों के प्रश्नों के जवाब भी दिए तथा होम्योपैथी किसी भी अन्य पद्वति का विकल्प नहीं, बल्कि एक सम्पूर्ण चिकित्सा विज्ञान है। यह दुर्भाग्य है कि चिकित्सा जगत में इससे दोयम दर्जें का व्यवहार किया जाता रहा है। इसका स्तर कम आंके जाने के कारण न तो चिकित्सक इसका गहन अध्ययन करते हैं, ना ही मरीज इसकी असीम क्षमता को पहचान पाते हैं। खास यह कि होम्योपैथिक दवाएं रोगी की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और इसके साइड इफैक्ट भी नहीं हैं। केन्द्र संचालक डा. सीमा कौशिक ने बताया कि केन्द्र में न सिर्फ होम्योपैथिक, बल्कि दंत सहित विभिन्न विशेष चिकित्सक मौजूद हैं।

डा0 क्रिश्चियन फ्रेड्रिक होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक ने संपूर्ण विश्व को स्वास्थ्य का मंत्र दिया है एवम् कार्यक्रम में होम्योपैथी को लेकर विस्तार से वार्ता हुई। डा0 सीमा कौशिक ने कहा कि लोगों को होम्योपैथी में अभी भ्रांति हैं, उसे दूर करना होगा। इसमें एैलोपैथी के मुकाबले बिना नुकसान बीमारी का सटीक इलाज मौजूद है इस कार्यक्रम में डाॅ सुषमा, डाॅ रेखा डाॅ नमीता, राजीव कौशिक, श्री एम पी नैथानी, श्रीमती सुप्रिया, श्रीमती रूचिका रावत, श्रीमती मोनिका, श्रीमती दर्शन कौर आदि ने अपने अनुभव व विचार रखे। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *