आप भी खाओगे खजूर : पौषटिक एवं औषधीय गुणों से परिपूर्ण खजूर का सेवन कोविड-19 से कर सकता है बचाव -जानिए खबर

  • क्यूँ खजूर का नाम लेते ही आपके मुंह में भी मिठास – सी घुल जाती है?
  • क्यूँ आप जानते हैं खजूर का सेवन कोविड-19 से बचाव कर सकता है?
  • खजूरः जानोगे तो खाने को हो जाओगे मजबूर।
  • खजूर महेंगा जरूर, मगर रखे दवा दारू से दूर।
  • किलै तुम भी खाला खजूर (मतलब आप भी खाओगे खजूर)।

आओ जाने ऐसा क्या है खजूर

आज आप इस बात से तो पूर्णरूप से सहमत होंगे कि श्वस्थ शरीर ही सबसे बडी़ धरोहर है। और इस बात पर कोरोना काल में मोहर भी लग गयी है।

सभी जानकारों द्वारा जोर दिया जा रहा है कि किसी भी कीमत में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाये रखा जाना जरूरी है। इस बात के लिये सरकारों खासकर आयुष मंत्रालय द्वारा विभिन्न प्रकार के खान पान सुझाये गये हैं। इसी बीच में खोजते खोजते मेरा ध्यान बहुत ही चर्चित खाद्य फल खजूर पर गया। जिसके बारे में लिखा मिला कि ” *खजूर* *खाने* में *जितने* *मीठे* *होते* हैं, *उतने* ही *लाभकारी* *भी* “।

या यूँ समझें फाइबर से भरपूर खजूर में स्वाद के साथ ही सेहत के भी कई राज छिपे होते हैं। *यूं* तो फ्रूट्स हर किसी को पंसद होते हैं, लेकिन बात जब खजूर की होती है, तो इसका प्राकृतिक मीठापन इसे और भी खास बना देता है। यही वजह है कि खजूर एक लोकप्रिय खाद्य फल है।

खजूर को इंग्लिश में डेट्स तो अरबी में तवारीख और फ्रेंच में पामियर के नाम से जाना जाता है। खजूर को ताड़ यानी पाल्म ट्री की प्रजाति का माना गया है।

खजूर का पेड़ काफी बड़ा होता है और पत्तियां भी करीब चार-छह मीटर लंबी होती हैं। वैज्ञानिक जगत में खजूर को फोइनिक्स डेक्टाइलीफेरा (Phoenix Dactylifera) के नाम से जाना जाता है।

माना जाता है कि खजूर की खेती सबसे पहले इराक में शुरू हुई थी, जिसके बाद यह अरब और अन्य देशों में उगाया जाने लगा। खजूर के फल ही नहीं, बल्कि इसके बीज भी बड़े काम के हैं। कई बार इसके बीजों को कॉफी बीन्स में मिलाया जाता है, और इसका प्रयोग कॉफी के विकल्प के तौर पर भी किया जाता है। वहीं, इसका तेल कॉस्मेटिक और साबुन बनाने में भी इस्तेमाल होता है।

ताजे खजूर अगस्त से दिसंबर तक ही मिलते हैं, लेकिन सूखे खजूर साल भर बाजार में उपलब्ध रहते हैं।

यूं तो दुनियाभर में दो सौ से अधिक किस्म के खजूर पाए जाते हैं, लेकिन कुछ खजूर के प्रकार आसानी से मिल जाते हैं।

जिनमें प्रमुखरूप से *अजवा* (Ajwa) खजूर लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है। अरब के मदीना से आने वाला यह खजूर स्वाद के साथ ही काफी सेहतमंद और मुलायम होता है। अजवा खजूर अन्य खजूर के मुकाबले छोटा होता है। माना जाता है कि इस खजूर को खाने के बाद मुंह से गुलाब की जैसी खुशबू आने लगती है।

*डेगलेट* *नूर* (Deglet noor) – ट्यूनीशिया और अल्जीरिया की सबसे अच्छी खजूर की किस्मों में से एक है डेगलेट नूर है। इसकी खासियत यह है कि यह थोड़ा सूखा और कम मीठा होता है। ये कई पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है। इस खजूर का इस्तेमाल आमतौर पर भोजन में किया जाता है।

*मेडजूल* (Medjool)– इस खजूर की उत्पत्ति मोरक्को में हुई, जिसे काफी स्वादिष्ट माना जाता है। मेडजूल का स्वाद टॉफी की तरह होता है। मेडजूल को सबसे पौष्टिक भी माना जाता है। यह काले खजूर की सबसे आम प्रजाति है।

*हल्लवी* (Hallawi) – यह खजूर ताजा खाने में काफी स्वादिष्ट लगता है। खजूर की यह प्रजाति इराक से ताल्लुक रखती है। इसमें घुलनशील ठोस पदार्थ 28 से 42 प्रतिशत के बीच होते हैं। हल्लवी खजूर बारिश को भी काफी हद तक सहन कर सकते हैं। इस खजूर को अन्य खजूरों के मुकाबले बेहद मीठा माना जाता है। हेल्लवी खजूर आकार में छोटा होता है।

*बरही* (Barhee) – बरही खजूर सुनहरे पीले रंग का होता है। यह खजूर अपने अलग स्वाद और अधिक गूदे के लिए जाना जाता है। इस खजूर में ज्यादा गूदा होने की वजह से यह अन्य खजूरों के मुकाबले मोटा होता है। साथ ही काफी मुलायम भी होता है।

*हयानी** (Hayany)– ये खजूर काफी मुलायम होने के साथ ही काफी गहरे रंग का होता है। हयानी खजूर को ताजा ही खाना चाहिए, क्योंकि यह पकने या ड्राई होने की अवस्था तक पहुंचते-पहुंचते खराब हो जाता है।

*खदरावई* (Khadrawi) – खदरावई किस्म का खजूर खासकर इराक में ही पाया जाता है। इस खजूर के पेड़ अन्य खजूरों के मुकाबले कम लंबे होते हैं। इसे सूखे खजूर यानी छूआरे और ताजे फल दोनों तरह से खाया जा सकता है।

*डेयरी* (Dayri) – यह खजूर काले रंग का होता है। साथ ही यह अन्य खजूरों के मुकाबले काफी लंबा होता है।

*इतिमा* (Itima,) – यह खजूर भी स्वाद में काफी मीठा होता है। इतिमा अल्जीरिया की प्रजाति है।

आओ जानकारों के अनुसार जानें खजूर हमारी सेहत के लिए क्यों फाइदेमन्द हैं?

फल और मेवे दोनों तरह से खाए जाने वाला खजूर कई मायनों में फायदेमंद है। यह कैल्शियम, पोटैशियम, प्रोटीन, मैंगनीज, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक, विटामिन-बी6, ए और के से भरपूर होता है। इसके अलावा खजूर में कार्बोहाइड्रेट, आयरन, लाभदायक फैट्स, डायटरी फाइबर और फैटी एसिड्स होते हैं। ये सभी पोषक तत्व हमारे शरीर को कई रोगों से बचाने में मददगार माने गये हैं। जो इस प्रकार से हैं।

-ह्रदय हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, इसलिए इसके स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है। ह्रदय को बेहतर रखने के लिए आप दिनभर में मुट्ठीभर खजूर का सेवन कर सकते हैं। खजूर में मौजूद *एंटीऑक्सीडेंट* *गुण* आर्टरी सेल्स से कोलेस्ट्रॉल को हटाने में मदद करते हैं। धमनियों (आर्टरी) के सख्त होने व इसमें प्लाक भरने की अवस्था यानी एथेरोस्क्लेरोसिस को भी इससे रोका जा सकता है।

-वजन बढ़ने से भी ह्रदय संबंधी रोग हो सकते हैं। ऐसे में खजूर का नियमित सेवन आपके वजन को नियंत्रण में रख सकता है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है। जब वजन नियंत्रित रहता है, तो आप कई तरह की बीमारियों से बचे रहते हैं।

-खजूर मैग्नीशियम, सेलेनियम, कॉपर और मैंगनीज का अच्छा स्रोत माना गया है। ये सभी पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत करने के साथ ही इनसे जुड़ी परेशानियों को दूर करने में भी मदद करते हैं। इसके अलावा, खजूर विटामिन-के से भी भरपूर होता है, जो खून को गाढ़ा करने और हड्डियों को मेटाबॉलाइज करने में मदद करता है। नॉर्थ डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, खजूर में बोरॉन भी होता है, ये एक ऐसा खनिज है, जो हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद है।

-खजूर रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है, क्योंकि इसमें पोटैशियम और मिनरल्स भरपूर होते हैं। करीब 24 ग्राम मेडजूल खजूर में लगभग 167 मिलीग्राम पोटैशियम होता है, जो अन्य फलों की तुलना में काफी अधिक है। शरीर में पोटैशियम की सही मात्रा बनी रहने से गुर्दे की पथरी से भी बचा जा सकता है।

-हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए अपने आहार में डेट्स को भी शामिल करना फाइदेमन्द होता है। खजूर में पाए जाने वाले पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर की वजह से इसका इस्तेमाल रोजाना किया जा सकता है। खजूर में मौजूद मैग्नीशियम आपके ह्रदय और रक्त वाहिकाओं की मांसपेशियों को भी आराम देता है।

-स्वाद और प्राकृतिक गुणों से भरपूर खजूर शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। खजूर के रोजाना सेवन से इसके सहायक पोषक तत्व आपको दिनभर थकान महसूस नहीं होने देते। खजूर खाने से दिनभर शरीर में ऊर्जा का संचार इसमें मौजूद पोषक तत्व फ्रूटोज और ग्लूकोज की वजह से होता है।

-खजूर के फायदे अनेक हैं। इसमें दर्द और सूजन से लड़ने वाले तत्व भी शामिल होते हैं। खजूर में मैग्नीशियम पर्याप्त मात्रा में होता है, जो शरीर की *प्रतिरक्षा* *प्रणाली* के लिए काफी महत्वपूर्ण है। आहार में मैग्नीशियम की कम मात्रा के कारण प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, जो सूजन से ठीक तरह से नहीं लड़ पाती है।

-खजूर को यौन स्वास्थ्य के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है। खजूर में पाए जाने वाले प्रोटीन में 23 तरह के एमिनो एसिड पाए जाते हैं, जो यौन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। जानकार बतलाते है कि यौन स्वास्थ्य ठीक करने में केवल प्राकृतिक तरीके से मिलने वाले एमिनो एसिड ही मदद करते हैं।

-एक अध्ययन के अनुसार, खजूर का पराग भी यौन स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है। इसे प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। खजूर के पराग का उपयोग यौन संबंधी समस्या दूर करने के लिए दवाओं में भी किया जाता है।

-प्रेग्नेंसी के दौरान खजूर का सेवन मां और बच्चे के लिए सुरक्षित और फायदेमंद माना गया है। खजूर में मौजूद फ्रुक्टोज शर्करा शरीर में ब्लड शुगर के स्तर में बदलाव किए बिना ऊर्जा देता है।

-गर्भावस्था के दौरान महिला को अतिरिक्त 300 कैलोरी की जरूरत होती है, जिसे डेट्स पूरा करते हैं। खजूर में मौजूद फाइबर गर्भावस्था के दौरान बवासीर को कम करने का काम भी करता है। गर्भावस्था एक नाजुक समय होता है, इसलिए खजूर का सेवन कम मात्रा में करना लाभकारी पाया गया है।

-पौष्टिक आहार ही शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ( *इम्युनिटी* *सिस्टम* ) को मजबूत बनाए रखने का जरिया होते हैं। इसलिए, खाने में प्रोटीन, आयरन और अन्य विटामिन की मात्रा जरूरी है। प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूती देने के साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली को भी प्रबल बनाता है। ऐसे में खजूर का सेवन करना काफी लाभदायक माना जाता है।

-खजूर यानि डेट्स में एंटीबैक्टीरियल गुण भी पाए जाते हैं, जो कई तरह की बीमारियों से हमारे शरीर को बचाते हैं। इसमें कैंसर जैसी प्राणघातक बीमारी से लड़ने और इससे शरीर को बचाने की क्षमता होनी बतलायी गयी है।

-खजूर का गूदा कब्ज के इलाज में काफी सहायक होता है। इसमें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण को भी संतुलित रखने के गुण होते हैं। यूनिवर्सिटी रोचेस्टर मेडिकल सेंटर के अनुसार, फाइबर की कमी से कब्ज की समस्या हो सकती है। कब्ज के दौरान हमारे शरीर में मिनरल्स के स्तर में आए असंतुलन को ठीक करने में खजूर कारगर है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है। रोजाना करीब 35 ग्राम फाइबर खाने से आपका मल नरम होता है और पाचन प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आती। वहीं, खजूर में मौजूद फाइबर से पेट संबंधित कैंसर को रोकने में भी मदद मिलती है।

-खजूर खाने से कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित रहता है। एक इजरायली अध्ययन में बताया गया है कि अगर एक स्वस्थ व्यक्ति खजूर का रोजाना सेवन करता है, तो कोलेस्ट्रॉल के स्तर और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस पर प्रभावी रूप से असर पड़ता है। खजूर में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है, जो हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को घटाने में भी मदद करता है।

-दस्त के दौरान सही भोजन का चुनाव जरूरी होता है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के एक रिसर्च के मुताबिक डायरिया में हम जो खाते हैं, उससे कई बार दस्त रुकने के बजाय और बढ़ जाते हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दस्त से निजात पाने में पोटैशियम काफी अहम होता है और खजूर में पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है।

-दिमाग को स्ट्रेस और सूजन से बचाने में खजूर काफी कारगर है। इसका नियमित सेवन आपको न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों से बचा सकता है। न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग दिमाग संबंधी उन बीमारियों को कहा जाता है, जिसमें मस्तिष्क का नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है।

-खजूर स्मृति को बढ़ाने में भी लाभदायक पाया गया है। एक अध्ययन के मुताबिक, खजूर में अल्जाइमर (धीरे-धीरे घटती स्मरण शक्ति) के प्रभाव को कम करने की क्षमता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, खजूर दिमाग की सूजन को रोकने में भी सहायक हो सकता है।

-कोलन यानी पेट का कैंसर प्राणघातक हो सकता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, खजूर में पाए जाने वाले तत्व कोलन कैंसर को रोकने में मदद करते हैं। खासकर, अजवा खजूर में मिलने वाले पॉलीफेनॉल्स कैंसर से बचाव कर सकते हैं। इसके अलावा, खजूर में मिलने वाले फाइबर भी पेट के कैंसर से लड़ने और कब्ज दूर करने में सहायक होते हैं। वहीं, अन्य प्रकार के डेट्स का सेवन करने से भी हमारी आंत में अच्छे बैक्टीरिया पनपनते हैं, जो पेट को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।

-खजूर का रोजाना सेवन वजन बढ़ाने में भी मददगार माना गया है।

-खजूर का इस्तेमाल नशे को कम करने में भी सहायक बतलाया गया है। ऐसा माना जाता है कि उत्तरी नाइजीरिया के कुछ हिस्सों में खजूर को काली मिर्च के साथ देसी बीयर में मिलाया जाता था, ताकि बीयर कम नशीली बने।

-खजूर का सेवन नाइट ब्लाइंडनेस यानि रात के अंधेपन (रतौंधी) को भी कम करने में मददगार है। इस रोग का प्रमुख कारण विटामिन-ए की कमी है। खजूर में विटामिन-ए भरपूर मात्रा में मिलता है।

-कब्ज की समस्या होने पर बवासीर हो सकती है। खजूर में पर्याप्त फाइबर होने के कारण इसके सेवन से बवासीर की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

-खजूर को हाई कार्बोहाइड्रेट फल माना गया है, जिस कारण यह मांसपेशियों के विकास में भी मददगार बतलाया गया है।

-खजूर का सेवन पेट की चर्बी को कम करने में भी शामिल है। अगर आप मोटापे से परेशान हैं, तो खजूर को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। डेट्स फाइबर से भरपूर होता है (और फाइबर को आहार में शामिल करने से भूख कम लगती है व बार-बार कुछ खाने की इच्छा कम होती है। खजूर स्वाद में मीठा होता है और आप इसका सेवन आसानी से कर सकते हैं।

-शरीर में आयरन की कमी से एनीमिया होता है। इस घातक समस्या से बचने के लिए आप नियमित रूप से खजूर का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि इसमें आयरन की मात्रा ज्यादा पाई जाती है। इसलिए, खजूर को एनीमिया की शिकायत दूर करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

-खजूर में मौजूद फाइबर हमारी आंतों और पाचन तंत्र पर काफी सकारात्मक प्रभाव डालता है। इसमें मौजूद फाइबर और पॉलीफेनॉल्स आंतों में फैलने वाले बैक्टीरिया को बनने से रोकते हैं और आंतों को स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं।

-खजूर में विटामिन-सी और डी काफी मात्रा में पाया जाता है। इसलिए, यह त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। खजूर एंटी-एजिंग तत्वों से भी भरपूर होता है। डेट्स के बीज के अर्क में फाइटोहार्मोन होता है, जो एंटी-एजिंग की तरह काम करता है। यह अर्क झुर्रियों से निजात दिलाने का काम भी करता है।

-बालों के लिए भी खजूर काफी फायदेमंद है। आयरन से भरपूर होने के कारण, खजूर स्कैल्प में रक्त संचालन को बढ़ावा देता है, जिससे बालों के विकास में मदद मिलती है। साथ ही इसमें मौजूद विटामिन-ई भी बालों की ग्रोथ के लिए काफी सहायक माना गया है। खजूर के नियमित सेवन से बालों को सफेद होने से भी रोका जा सकता है।

-खजूर विटामिन और मिनरल्स जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसलिए, ये हमारे शरीर के लिए काफी जरूरी माना जाता है।

-खजूर के चिपचिपे, मीठे फलों को कच्चा खा सकते हैं। इसके अलावा, इसे डेजर्ट बनाने के लिए भी उपयोग में लाया जा सकता है। डेट्स को सेहतमंद स्नैक्स के रूप में ले सकते हैं। खजूर के बीज को हटाकर इसे स्नैक के लिए अखरोट, बादाम व काजू के साथ शामिल कर लिया जा सकता है।

-फ्रोजन वनिला दही के साथ खजूर को काटकर भी खाया जा सकता है। सूखे हुए खजूर (छुहारे) को भिगोकर भी खाया जा सकता है।

-खजूर को छोटे छोटे टुकडो़ में काटकर पानी में मिलाने से जूस बनाकर भी लिया जा सकता है। इसमें मौजूद जीवाणुरोधी गुण शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

-खजूर का इस्तेमाल एक गिलास ठंन्डे दूध में मिलाकर मिल्क शेक बनाकर भी कर सकते हैं।
मिल्क शेक का सुबह और रात के समय पीना काफी फायदेमंद माना जाता है।

-औषधीय गुणों से भरपूर खजूर कभी भी खाये जा सकते हैं मगर एक दिन में चार से पांच खजूर खाए जाना फाइदेमन्द माना गया है।

-खजूर यानि डेट्स आमतौर पर छोटे व बड़े पैकेट में साबूत बेचे जाते हैं। ध्यान रहे हमेशा चमकदार, नम और बिना पॉलिश किए हुए खजूर ही खरीदें।

-ताजे खजूर थोड़े सिकुड़े हुए हो सकते हैं, लेकिन वे ज्यादा सख्त नहीं होते। उनकी त्वचा पर क्रिस्टल शुगर भी लगी रहती है।
खजूर को मोटा और चमकदार दिखना चाहिए और एक समान रंग होना चाहिए।

ध्यान दें: खजूर बच्चों को खाने हेतु बडे़ ध्यानपूर्वक देना चाहिये, खजूर के रेशेदार छिल्के बच्चों के गले और आंत में चिपक सकते हैं।

किसी भी फल का ज्यादा सेवन करना हानिकारिक हो सकता है।

इसलिये बतायी गयी बातों से यदि सहमत हों तो श्वस्थ एवं निरोगी शरीर के लिये अवश्य करें नित्य एवं नियन्त्रित मात्रा में खजूर का सेवन।

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