मशीन लर्निंग भविष्य में विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक बनाएगी -जानिए खबर

देहरादून। नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन जैसी पहलों के साथ, भारत अकादमिक और अनुसंधान की गुणवत्ता में लंबी छलांग लगाना चाह रहा है। कोई भी नीति, चाहे वह कितना भी अभिनव हो और बेहतर भविष्य के लिए हो, लेकिन नीतियों के द्वारा केवल एक अनुकूल वातावरण प्रदान किया जा सकता है। यह संस्थाओं पर निर्भर करता है की वे इन नीतियों के माध्यम से भविष्य में अपने संस्थानों को बेहतर और सशक्त बनाए।

भारतीय विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों को विश्व में अग्रणी बनने के लिए और अपनी आकांक्षाओं को सफल बनाने के लिए वास्तविक परिणामों पर अधिक तेजी से ध्यान केंद्रित करना होगा। इस दिशा में, उन्हें अपने मूल प्रक्रियाओं के एक अभिन्न अंग के रूप में अग्रणी प्रौद्योगिकी समाधानों को अपनाना और लाभ उठाना होगा, जो अनुसंधान के लिए जरूरी सोच और मूल विचार जैसे मूलभूत कौशल को बढ़ावा देकर वास्तविक परिवर्तन को सशक्त बनाता हैं।

एआई, एनएलपी और मशीन लर्निंग जैसी टेक्नोलॉजी भविष्य में अकादमिक और अनुसंधान संस्थानों को उत्कृष्टता की ओर ले जाएगी और भविष्य में भारतीय विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक बनाएगी।

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