जानकर हैरान रह जाएंगे आप: मुम्बई महाराष्ट्र में इतने निरंकारी भक्तों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान

‘मानव एकता दिवस’ के अवसर पर निरंकारियों का देशव्यापी रक्तदान अभियान देश भर में 83 तथा महाराष्ट्र में 14 शिविरों में हुआ स्वैच्छिक रक्तदान आयोजन (मुंबई में डोंबिवली एवं उल्हासनगर में 1244 भक्तों का उत्स्फूर्त रक्तदान)

मुम्बई। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से “मानव एकता दिवस” के अवसर पर 24 अप्रैल, 2018 के दिन देशव्यापी रक्तदान अभियान चलाया गया। जिसके अंतर्गत देश भर के 83 शहरों में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें मुंबई समेत महाराष्ट्र के 14 शहरों का समावेश था। मंडल के चेंबूर, डोंबिवली एवं उल्हासनगर में स्थित सत्संग भवनोंपर आयोजित तीन रक्तदान शिविरों में 1244 निरंकारी भक्तों ने बड़े उत्साह के साथ रक्तदान किया और मिशन के तत्कालीन सद्गुरु बाबा गुरबचन सिंह जी के प्रति अपना श्रद्धा भाव व्यक्त किया।

ज्ञात हो कि निरंकारी जगत 1981 से हर वर्ष 24 अप्रैल को “मानव एकता दिवस” के रुप में मनाया जा रहा है। यह तिथि इसलिए विशेष हो गई है क्योंकि इसी दिन वर्ष 1980 में बाबा गुरबचन सिंह जी ने सत्य, प्रेम, शांति तथा मानव एकता के लिए संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। परंतु जहाँ देश भर के श्रद्धालु भक्त 24 अप्रैल को ही मानव एकता दिवस मनाते हैं, दूर देशों में साध संगत को अपनी सुविधा के अनुसार विशेष समागम अथवा सत्संग कार्यक्रम करने की आज्ञा भी दे दी जाती है। संत निरंकारी मिशन के अनुयायी बाबा गुरबचन सिंह जी के साथ-साथ उन सैंकड़ों शहीदों को भी श्रद्धांजलि देते हैं और उनके जीवन से प्रेरणा लेते हैं जिन्होंने इस मिशन के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

 

वर्तमान सद्गुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज ने भी 22 अप्रैल को ही सॅन फ्रान्सिस्कों, अमेरिका में एक विशाल समागम को सम्बोधित किया।

“मानव एकता दिवस” के अवसर पर 24 अप्रैल के दिन मुंबई के साथ साथ उल्हासनगर, डोंबिवली, पुणे, सोलापूर, कोल्हापूर, सातारा, चिपलूण, औरंगाबाद, अहमदनगर, धुले, नाशिक, वडसा और नागपूर आदि शहरों में भी रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। अन्य राज्यों में उत्तर प्रदेश-11, पंजाब-7, राजस्थान व मध्य प्रदेश से प्रत्येक 6, हरियाणा-5, हिमाचल प्रदेश, गुजरात व बिहार से प्रत्येक 4, उत्तराखंड, झारखंड व पश्चिम बंगाल से प्रत्येक 3, जम्मू-कश्मिर और उड़िसा से प्रत्येक 2, तथा चंडिगढ, छत्तीसगढ़, आसाम, गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल और तामीलनाडू से प्रत्येक 1, इस प्रकार रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया।

चेंबूर के रक्तदान शिविर मे जे. जे. मेट्रो रक्तपेढी (181), लोकमान्य टिळक म्युनिसिपल जनरल हॉस्पिटल, सायन (190), वाडीया हॉस्पिटल (137) और के. ई. एम. हॉस्पिटल (193) इन रक्तपेढीयोंने कुल 701 यूनिटस रक्त संकलन करने का कार्य किया। इस शिविर का उद्घाटन अतिरिक्त झोनल इंचार्ज श्रीमती सरबजीत शौक जी इनके कर कमलों द्वारा किया गया। इस रक्तदान शिविर को श्रीमती रोहीणी कांबळे, अध्यक्षा, पब्लिक हेल्थ कमिटी, मुंबई महानगर पालिका और श्रीमती जयश्री पालांडे, स्थानिक नगर सेविका इन्होंने विशेष भेट किया। सभी मान्यवरों ने मिशन के मानवतावादी सेवा भावी कार्यों की प्रशंसा की।

इस अवसर पर मंडल के मुंबई झोनल इंचार्ज श्री भूपेंद्रसिंह चुघ उपस्थित थे। तथापि संत निरंकारी मंडल के अन्य सदस्य डॉ. आर. एस. यादव, मारुती कासारे और अन्य भक्तगण भी उपस्थित रहकर हिस्सा लिया। डोंबिवली के रक्तदान शिविर मे जे. जे. मेट्रो रक्तपेढी (149), छत्रपती शिवाजी महाराज हॉस्पिटल, कळवा (71) इन रक्तपेढीयोंने कुल 220 यूनिटस रक्त संकलन करने का कार्य किया। इस शिविर का उद्घाटन झोनल इंचार्ज श्री रावसाहेब हसबे जी इनके कर कमलो दवारां किया गया। तथापि संत निरंकारी मंडल के अन्य सदस्य सेवादल संचालक कल्याण सेक्टर श्री जनार्दन म्हात्रे, मुखी श्री कृष्णकांत कांबळी, सेवादल संचालक श्री राजन परब और निरंकारी भक्तगणोने इस शिविर में भाग लिया। इस रक्तदान शिविर को स्थानिक नगर सेवक श्री दिपेश म्हात्रे इन्होंने सदिच्छा भेंट किया। उल्हासनगर के रक्तदान शिविर में संकल्प कल्याण रक्तपेढी (138), ठाणे सिव्हील हॉस्पिटल (102), उल्हासनगर सेन्ट्रल हॉस्पिटल (83) इन रक्तपेढीयों ने कूल 323 यूनिटस रक्त संकलन करने का कार्य किया। इस शिविर का उद्घाटन झोनल इंचार्ज श्री गुलाबचंद जी इनके कर कमलों द्वारा हुआ।

उल्लेखनीय है कि मिशन के द्वारा पहला रक्तदान शिविर नवम्बर, 1986 में दिल्ली में वार्षिक निरंकारी संत समागम के अवसर पर आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्घाटन करते हुए बाबा हरदेव सिंह जी महाराज ने स्वयं रक्तदान किया और कहा कि “रक्त नालियों में नहीं, नाड़ियों में बहना चाहिए”। आज संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के माध्यम से संत निरंकारी मण्डल देश की स्वेच्छा से रक्तदान करने वाली संस्थाओं में एक अग्रणी संस्था बन गया है। दूर देशों में भी मिशन की अनेक शाखाएं स्थानीय सरकारों के साथ मिलकर इस प्रकार के रक्तदान शिविर आयोजित करने लगी है। वर्ष 1986 से आरंभ होकर मिशन आज तक 5,560 रक्तदान शिविर आयोजित कर चुका है, जिनमें 9,45,061 यूनिट रक्तदान किया गया। वर्ष 2017-18 में फाउंडेशन द्वारा 460 रक्तदान शिविर आयोजित किये गये जिनमें 75,900 यूनिट रक्तदान किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *