नैनीताल से होगा प्रारम्भ एमटीबी साइकिलिंग -जानिए खबर

मिलिंद सोमन करेंगे 5वें द एल्टीमेंट उत्तराखंड हिमालयन एमटीबी चैलेंज का उद्घाटन

  • 8 से 17 अप्रैल तक चलेगी द एल्टीमेंट उत्तराखंड हिमालय एमटीबी साइकिल रैली
  • 15 देशों के साइकिलिस्ट लेंगे हिस्सा
  • 564 किलोमीटर का होगा उत्तराखंड हिमालयन एमटीबी चैलेंज

देहरादून। उत्तराखंड टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड एवं साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में 8 से 17 अप्रैल तक द एल्टीमेंट उत्तराखंड हिमालय एमटीबी के 5वें संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। नौ दिनों तक चलने वाली इस रेस में पार्टीसिपेंट्स को उत्तराखंड की 8 डिस्ट्रिक्स को अपनी साइकिल से कवर करना होगा जो सात स्टेज में पूरा होगा। जिसमे पार्टीसिपेंट्स को 564 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी।

गौरतलब है कि उत्तराखंड टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ष यह कार्यकर्म आयोजित किया जाता रहा है। वहीँ इस वर्ष यह 8 अप्रैल से 17 अप्रैल तक उत्तराखंड में होने जा रहा है। उत्तराखंड हिमालयन एमटीबी चैलेंज में इंडिया के साथ-साथ अन्य 15 देशों के साइकिलिस्ट भी हिस्सा लेंगे। आपको बता दें कि इस रैली का शुभारंभ 8 अप्रैल को नैनीताल में जाने माने एक्टर, मॉडल व फिटनेस स्टार मिलिंद सोमन करेंगे। रैली को हरी झंडी दिखने के साथ-साथ वह इस रैली में पार्टीसिपेंट्स साइकिलिस्ट के साथ हिस्सा लेकर उनका हौसला अफजाई भी करेंगे।

प्रतियोगिता में इंडिया के साथ मलेशिया, मालदीव, वियतनाम, कोलंबिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, नेपाल, बहरीन, उज्बेकिस्तान, पुर्तगाल, कनाडा, न्यूजीलैंड और यूरोप के प्रतिभागी भाग लेंगे। अगर इस रैली की रूट की बात की जाये तो यह 8 अप्रैल को नैनीताल से भवाली, रामगढ़, भटेलिया, धानाचुली, डोलबैंड, सुवाखान, दन्याघाट, पिथौरागढ़, बागेश्वर, कर्णप्रयाग, गुप्तकाशी, टिहरी और मसूरी होते हुए 17 अप्रैल को देहरादून पहुंचेगी। जहां पर पुरस्कार वितरण किया जायेगा और विजेता पार्टीसिपेंट्स को 15 लाख रूपए की नगद राशी दी जाएगी।

साइकिल रेस से होम स्टे को मिलेगा बढ़ावा

साइकिल रेस से होम स्टे योजना को बढ़ावा देने की तैयारी है। आयोजकों का कहना है कि साइकिल रेस के दौरान गांवों में चल रही होम स्टे योजना को लाभ दिया जाएगा। प्रतिभागियों को होम स्टे वाले घरों में ही ठहराया जाएगा। विदेशों से आने वाले पर्यटकों को गांव-गांव तक ले जाना यूँ तो संभव नहीं हो सकता लेकिन इस साइकिल रेस से प्रतिभागी गांव-गांव होते हुए ही जाएंगे जिससे यहाँ के कल्चर और टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह देश के ग्रामीणों को रोजगार देने का बेहतर अवसर हो सकता है। आयोजकों का कहना है कि भविष्य में इस बात पर विचार कर गांवों का तेजी से विकास किया जा सकता है।

ukjosh

‘उत्तराखण्ड जोश’ एक वेब पोर्टल है जो देश-विदेश, सरकारी, अर्धसरकारी, सामाजिक गतिविधियां, स्वस्थ्य, मनोरजंन, स्पोर्टस, कहानी, कविता एवं व्यंग्य संबंधी समाचार एवं घटनाओं को सोशल मीडिया द्वारा अपने सुधीपाठकों एवं समाज तक पहुंचाता है। वहीं अपने सुधीपाठकों से यह आशा करता है कि खबरों को शेयर एवं लाइक जरूर करें। हमें आपके सहयोग की अतिआवश्यकता है। धन्यवाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *