500 शिक्षकों पर तबादले की तलवार; उत्तराखंड में नया ट्रांसफर एक्ट लागू

चार साल से सुगम स्कूलों में जमे शिक्षकों को पहाड़ पर चढ़ाने की तैयारी

हल्द्वानी। उत्तराखंड में नया ट्रांसफर एक्ट लागू होने के बाद यूं तो सभी सरकारी विभागों के कर्मचारियों में खलबली मची हुई है, लेकिन सबसे अधिक बेचैनी शिक्षा विभाग में देखी जा रही है।

दरअसल, नये एक्ट के तहत चार साल से सुगम स्कूलों में जमे शिक्षकों को पहाड़ पर चढ़ाने की तैयारी विभाग ने शुरू कर दी है। इससे हल्द्वानी विकासखंड के पांच सौ शिक्षकों का तबादला इस बार दुर्गम स्कूलों में होना लगभग तय माना जा रहा है। खास बात यह है कि इनमें से करीब ढाई सौ शिक्षक तो दस-दस साल से सुगम स्कूलों में ही तैनात हैं। इनमें से कई तो ऐसे भी हैं, जिन्होंने पहली तैनाती से लेकर अब तक एक बार भी दुर्गम स्कूलों में काम नहीं किया है। बता दें कि विकासखंड के स्कूलों में तैनात शिक्षकों की कुल संख्या 850 है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी तरह लागू हुई तो हल्द्वानी में तैनात करीब 59 प्रतिशत शिक्षक इस बार स्थानांतरित हो जाएंगे।

शिक्षा विभाग का नया सत्र एक अप्रैल से प्रारंभ होता है। ऐसे में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने एक अप्रैल से पहले हर जिले में सुगम-दुर्गम स्कूलों के निर्धारण का निर्देश अधिकारियों को दिया है। इसके अलावा दस जून तक ट्रांसफर एक्ट के दायरे में आ रहे सभी शिक्षकों का तबादला करने की भी डेडलाइन तय की गई है।

विभागीय जानकारी के अनुसार 15 फरवरी को स्थानांतरण नीति पर चर्चा को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयेाजित की जानी है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में स्कूलों के सुगम-दुर्गम निर्धारण पर मंथन के अलावा ऐसे शिक्षकों के नामों पर भी चर्चा हो सकती है जो चार साल या इससे अधिक समय से सुगम स्कूलों में ही तैनात रहे हैं। बताया जा रहा है कि खंड शिक्षाधिकारी से लेकर जिला शिक्षाधिकारी और मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालय में ऐसे शिक्षकों की कुंडली खंगालने का काम शुरू हो चुका है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो इस बार तबादले टलने के फिलहाल आसार नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में तबादलों की जद में आ रहे शिक्षक जुगत लगाने में जुट गए हैं। उनकी पहली कोशिश यह है कि किसी तरह नाम सूची में शामिल न हो और अगर हो भी जाए तो तबादला ऐसे दुर्गम स्कूल में हो जाए, जो नजदीकी हो। इसके लिए ये शिक्षक अपने-अपने सूत्रों केा टटोलने में लगे हुए हैं।

विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में तीन ही ब्लॉक मैदानी हैं। इनमें हल्द्वानी, रामनगर और कोटाबाग विकासखंड शामिल हैं। जिले के अधिकतर शिक्षक इन्हीं तीनों विकासखंडों में स्थित स्कूलों में तैनाती के लिए जोर लगाए रहते हैं। ऐसे में रामनगर और कोटाबाग ब्लॉक में भी ऐसे शिक्षकों की बड़ी संख्या है जो बरसों से एक ही स्कूल में जमे हुए हैं।

हल्द्वानी ब्लॉक की स्थिति-

प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल – 179
इन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या – 525
स्थानांतरण की जद वाले शिक्षक – 300 (करीब)
हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों की संख्या – 49
इन स्कूलों में कुल शिक्षक – 375
स्थानांतरण की जद वाले शिक्षक – 200 (करीब)

मुख्य शिक्षा अधिकारी बोले

मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने कहा कि स्थानांतरण को लेकर अभी स्पष्ट आदेशों का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल पोर्टल पर शिक्षकों का डाटा अपडेट करने का काम शुरू हो चुका है। यह बात तय है कि जो शिक्षक सालों से सुगम और मैदानी क्षेत्रों में टिके हैं उनका स्थानांतरण पक्का है।

अपर शिक्षा निदेशक ने कहा

अपर शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल सती ने कहा कि शिक्षा विभाग में ट्रांसफर एक्ट जारी हो चुका है। पोर्टल में टीचरों की सर्विस का डाटा अपडेट होने के बाद जिला स्तर पर डीएम और मंडल स्तर पर कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित कमेटी तबादलों पर अंतिम मुहर लगायेगी।

Sushil Kumar Josh

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