अब उपवास के मायने बदल चुके हैं, पहले उपवास मानसिक शांति . . .

व्यंग्य: हम उपवासी हो गए…

Lalit Sauriya
            ललित शौर्य

कोई बेवफा हुए तो कोई उपवासी हो गए। उपवास का वास उनके अंदर कितने देर तक हुवा ये रिसर्च की बात है। उनका उपवास बिल्कुल मोर्डन था। अब दौर नए जमाने का है। सब कुछ बदला बदला सा है। राजनीति में उपवास दशकों से होते आये हैं। गाँधी जी से राहुल जी तक चलते-चलते उपवास के मायने बदल चुके हैं। अब उपवास का बनवास हो चला है। खाऊँ पीयू उपवास चल रहा है। भटूरे पेल के उपवास वाला खेल खेला जा रहा है। उपवास का स्वयं से विस्वास उखड़ गया है।

माननीय लोग कैमरे और टी.बी के सामने उपवास करते हैं। हले उपवास एकांत में हुवा करते थे। मानसिक शांति के लिए उपवास रखे जाते थे। आजकल पड़ोसी अथवा प्रतिद्वंदी पार्टी की शांति भंग करने के लिए उपवास रखे जा रहे हैं। आप भले ही उपवास में ना हो पर आपको जताना पड़ेगा, दिखाना पड़ेगा की आप उपवासी हैं। जनता है सब जानती है। वो ये भी जानती है कि उपवास क्या है और बकवास क्या है। बकवास हावी हो रहा है, उपवास सिसक रहा है। पार्टी बदलने चले युवराज उपवास की रीति -नीति में ताबड़-तोड़ बदलाव ला रहे हैं। अब उपवास से पहले लंगर छक सकते हैं, टंगड़ी तोड़ सकते हैं। भटूरे से पेट भर सकते हैं। जूस,दूध, गटक सकते हैं। उदर को महा उदर बना सकते हैं। उसके बाद उपवास पर बैठ कर डकार लेते हुए दुनिया को बता सकते हैं की आप जनहित के लिए उपवास कर रहे हैं।

उपवास परम्परा माननीय बदल रहे हैं। देश बदल रहा है। उपवास बदल रहा है। उपवास करने वाले मुंह पोछ के हाथ धो के उपवास कर रहे हैं। उपवास में जाने से वोटों के आने की संभावना दिख रही है। इसलिए उपवास का ताम झाम जमाया जा रहा है। तमाम पार्टियां उपवास कर रही हैं। उपवास की घोषणा कर रही हैं। उपवास के पर्चे और उपवास के होर्डिंग छप रहे हैं। उपवास फेसबुक पर लाइव किया जा रहा है। उपवास न्यूज पर लाइव चल रहा है। उपवास की टी आर पी रिकॉर्ड तोड़ रही है. उपवास ने भी नहीँ सोचा होगा की कभी उसकी इतनी चलेगी। अन्यथा उपवास को गरीबों की मजबूरी माना जाता था। अब बड़े-बड़े लोग उपवासी हो रहे हैं। उपवास के पतवार से चुनावी नैय्या को नदिया पार करने का जुगाड़ चल रहा है। उपवास जुगाड़ होता जा रहा है। जो धरने से नही हो पाया वो उपवास से होगा।

नई परिभाषा के अनुसार आप उपवास रखने की सोच रहे हैं तो आप उस दिन अन्य दिनों से ज्यादा खा सकते हैं, भरपेट खा सकते हैं। अब उपवास एक दिन या दो दिन रखने की जरूरत नहीँ। अब घंटों के हिसाब से उपवास रखा जा सकता है। 1 घंटा दो घण्टा। या फिर 30 मिनट 15 मिनट। उपवास का छोटा पैकेज प्रचलित हो रहा है। उपवास अब टुकड़ों में कर सकते हैं। उपवास में फोटो खींच कर फेसबुक, ट्विटर, व्हॉट्स एप्प पर शेयर कर सकते हैं। उपवास का ढिंढोरा पीट सकते हैं। आपको कैसा उपवास फायदा पहुंचाने वाला है आप उस टाइप का उपवास अपना सकते हैं। आजकल पार्टियां और पार्टी के नेता बस यही गुनगुना रहे हैं , हम उपवासी हो गए…

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