पार्टी ने दिखाया चौंपियन को बाहर का रास्ता; छह साल के लिए हुआ निष्कासित

देहरादून। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और इसमें हथियार लहराने के साथ ही राज्य के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी का संज्ञान लेते हुए विधायक चैंपियन को पार्टी की केंद्रीय अनुशासन समिति ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया।

ज्ञातव्य हो कि लगातार विवादों को देखते हुए भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने हरिद्वार जिले की खानपुर विधानसभा सीट से विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को आखिरकार पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा ही दिया है।

मीडिया सूत्रों के मुताबिक भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. देवेंद्र भसीन ने भी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के हवाले से चैंपियन को पार्टी से निष्कासित किए जाने की जानकारी पत्रकारों को दी। गौरतलब है कि विधायक चैंपियन पार्टी के सिरदर्द बने हुए थे। लोस चुनाव के दौरान विधायक चैंपियन और झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल के मध्य छिड़ी रही जुबानी जंग ने पार्टी को असहज कर दिया था।

ज्ञातव्य हो कि इससे पहले चैंपियन को बीती 10 जुलाई को निष्कासन का नोटिस भेजा गया था, इसका जवाब मिलने के बाद पार्टी नेतृत्व ने यह कदम उठाया है। हालांकि, पार्टी की प्राथमिक सदस्यता जाने के बावजूद चैंपियन विधायक बने रहेंगे। सदन में वह असंबद्ध विधायक होंगे।

विधायक चैंपियन का नौ जुलाई को सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इसमें वह शराब पीते और हथियार लहराते हुए थिरकते दिखाई दिए। साथ ही राज्य के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी भी कर रहे हैं। इससे असहज हुए पार्टी नेतृत्व ने अनुशासनहीनता के आरोप में चैंपियन को निष्कासन का नोटिस भेज 10 दिन में जवाब देने को कहा। उनके खिलाफ स्थायी निलंबन के साथ ही निष्कासन की संस्तुति भी केंद्रीय नेतृत्व से कर दी गई।

इससे पहले दिल्ली के एक पत्रकार के साथ बदसलूकी समेत अन्य प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए भाजपा ने 22 जून को अनुशासनहीनता के आरोप में चैंपियन की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तीन माह के लिए निलंबित कर दी थी।

पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने भी वायरल वीडियो प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया और तभी संकेत दे दिए थे कि विधायक चैंपियन की भाजपा से छुट्टी होनी तय है। इस बीच राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने उनकी पार्टी से बर्खास्तगी का एलान भी कर दिया था, मगर तत्काल बर्खास्तगी को लेकर तकनीकी पेच फंस गया था।

बुधवार को बताया गया कि दो दिन पहले चैंपियन की ओर से भेजे गए जवाब को पार्टी की केंद्रीय अनुशासन समिति के समक्ष रखा गया। विधायकों व सांसदों के निष्कासन के संबंध में केंद्रीय अनुशासन समिति ही निर्णय लेती है।

समिति ने चैंपियन के स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं पाया और उन्हें छह साल के लिए पार्टी से बाहर करने पर मुहर लगा दी। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह की ओर से इस संबंध में पत्र भी जारी कर दिया गया। बताया गया कि चैंपियन का पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासन का निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

Sushil Kumar Josh

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