नहाने के गलत तरीके से बढ़ रहे है लकवा व ब्रेन हेमरेज के मरीज; जा सकती है जान भी

सही तरीके से न नहाने से जान भी जा सकती है। इससे लकवा मारने, दिमाग की नस फटने, हार्ट अटैक जैसे मामले देखने को मिल रहे है।

जानकारी के अनुसार पीएमसीएच व आइजीआइएमएस में इस तरह के मरीज आ रहे हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है, इलाज कर रहे डाॅक्टरों की मानें, तो अचानक सिर पर पानी डालने की वजह से सिर की नलिकाएं सिकुड़ने से या रक्त के थक्के जमने से ब्लड सर्कुलेशन ठीक से नहीं होता, अंत में लकवा व बेन हेमरेज जैसी समस्या खड़ी हो जीती है।

पीएमसीएच के डाॅक्टरों ने रिसर्च में पाया कि जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है और वे बीपी, शूगर के मरीज हैं, तो ऐसे लोगों को खतरा ज्यादा है, ठंड के मौसम में पीएमसीएच में रोजाना दो से तीन ऐसे ब्रेन हेमरेज व लकवा के मरीज आ रहे है, जो शरीर के बदले सिर पर अचानक पानी डालते हैं।

यह है फिजिशियन की सलाह

आजकल लोग बाथरूम में जाकर शावर खोल कर उसके नीचे सीधे खड़े हो जाते हैं, यह तरीका गलत है, नहाते समय सबसे पहले पैरों को भिगोना चाहिए। इसके बाद एक-एक अंग को भिगोते हुए सिर को सबसे अंत में भिगोएं। ठंड में यह सावधानी विशेष तौर पर बरतनी चाहिए, नहाने का सही तरीका पता नहीं होने से ठंड में स्नान करते समय ही ब्रेन हेमरेज व लकवा की आशंका ज्यादा रहती है। इस तरह के केस अवसर पीएमसीएच में आते हैं।

डाॅ. राजीव कुमार सिंह,
फिजियोलाॅजी विभागाध्यक्ष पीएमसीएच

Sushil Kumar Josh

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