71वें वार्षिक निरंकारी संत समागम की तैयारियों शुभारम्भ, सद्गुुरू माता ने समागम स्थल पर किया सेवाओं का शुभारंभ

दिल्ली। सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने विगत रविवार गन्नौर और समालखा के बीच जी.टी. रोड स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर 71वें वार्षिक निरंकारी संत समागम जो कि नवंबर 2018 में आयोजित किया जाएगा, की तैयारियों के लिए सेवा का उद्घाटन किया। यह समागम पहली बार संत निरंकारी मिशन की अपनी भूमि पर आयोजित किया जा रहा है।

समागम स्थल पूरी तरह से समय से तैयार हो सके, इसके लिए 15 अक्तूबर से यहाँ प्रतिदिन लगभग 4000 सेवादल के भाई बहन तथा अन्य श्रद्धालु भक्त सेवा करेंगे। समागम स्थल पर सत्संग पण्डाल, विभिन्न कार्यालयों, प्रदर्शनी, प्रकाशन स्टालों, लंगर, केंटीन, डिस्पेंसरी इत्यादि के अलावा बाहर से आने वाले भक्तों के सुविधापूर्वक निवास के लिए व्यवस्था की जाएगी, शामियानों की एक सुन्दर नगरी स्थापित हो जाएगी।

सेवादल तथा अन्य भक्तों को संबोधित करते हुए सद्गुरू माता जी ने कहा कि इस भूमि पर पिछले कई वर्षों से विकास कार्य उत्साहपूर्वक भक्तों द्वारा किए जा रहे हैं और आज भी वो उत्साह देखने को मिल रहा है। आज भी भक्तों में वही समर्पण भाव और सेवा भाव नजर आ रहा है। वास्तव में श्रद्वालु भक्तों ने हमेशा ही तन,मन धन से समर्पित होकर मिशन की सेवा की है। इसलिए समागम के सफल आयोजन के लिए भी सभी का सहयोग अनिवार्य है।

र्वािर्षक समागम में लाखों की संख्या में देशभर से श्रद्वालुओं के समागम स्थल पर पहुंचने की संभावना है और दूर देशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्वालु भक्त सन्त समागम में सम्मलित होंगे। इसके लिए रेल मंत्रालय की ओर से इस बार एक विशेष सुविधा प्रदान की गई है। इसके अनुसार 10 नवम्बर से लेकर 5 दिसम्बर, 2018 तक सभी एक्सप्रेस तथा मेल गाड़ियां 2 मिनट के लिए भोडवाल माजरी स्टेशन पर रूकेंगी जो समागम स्थल के बिल्कुल पास ही स्थित है। गत् कई वर्षो की भांति 5000 रूपये तक की मासिक आय वाले भक्तों के लिए रेल मंत्रालय की ओर से आने जाने की टिकट पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके अलावा सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए पहले ही छूट दी जा रही है – 60 वर्ष तथा इससे अधिक आयु वाले पुरुषों के लिए 40 प्रतिशत तथा 58 वर्ष और इससे अधिक आयु वाली महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत।

यह समागम स्थल लगभग 600 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। यहां बाहर से आने वाले सभी भक्त समागम का भरपूर आनन्द ले सकें और ठहरने तथा भोजन इत्यादि में भी कोई असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बिजली, पानी, सीवरेज इत्यादि के प्रबन्ध के लिए सम्बन्धित अधिकारियों से सहयोग लिया जा रहा है और मिल भी रहा है। समागम स्थल पर सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहाँ तक कि लंगर पत्तलों की बजाय स्टील की थालियों में दिया जाएगा। लंगर, केंटीनों, प्याऊ और शौचालय इत्यादि स्थानों पर स्वच्छता पर विशेष बल दिया जाएगा। बसों व अन्य आने वाले साधनों की पार्किंग व्यवस्था भी सुचारू की जाएगी। इसी प्रकार दिव्यांगों के लिए भी विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

भोडवाल माजरी में स्टेडियम का उद्घाटन

समागम स्थल पर सेवा के शुभारंभ के तुरंत बाद सद्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज ने समागम स्थल के निकट ही भोडवाल माजरी गांव में एक स्टेडियम का उद्घाटन किया। भोडवाल गांव उन तीन गांवों में से एक है-जिन्हें सन्त निरंकारी चेरिटेबल फाउंडेशन ने उस समय के सद्गुरू माता सविंदर हरदेव जी महाराज के 60वें जन्मदिवस पर बहुमुखी विकास के लिए अपनाया था। अन्य दो गांव हैं- जिला पानीपत का पट्टी कल्याणा तथा सोनीपत का पंची गुजरां।

उसी समय से फाउंडेशन की ओर से इन तीनों गांवों में विकास की अनेक गतिविधियों को संपन्न किया जा चुका है, जैसे -व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र, गांव के विद्यालयों में निर्माण तथा मुरम्मत कार्य, वृक्षारोपण तथा सफाई अभियान, स्वास्थ्य जांच शिविर जहां दवाईयां भी निःशुल्क दी गई। इनके इलावा इस क्षेत्र को एंबुलेंस सेवा तथा चलती फिरती डिसपेंसरी इत्यादि भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह स्टेडियम फाउंडेशन की ओर से इस इलाके के लिए नवीनतम उपहार है।

स्टेडियम का नाम ‘ बाबा हरदेव सिंह जी स्टेडियम‘ रखा गया है। यह स्टेडियम साढ़े चार एकड़ भूमि पर फैला हुआ है ओर इसमें 5000 दर्शकों के बैठने के लिए स्थान उपलब्ध है। स्टेडियम का उद्घाटन करते हुए सद्गुरू माता जी ने पहले सफेद झंडा फहराया,पौधारोपण किया और फिर रंग बिरंगे गुब्बारे छोड़े। उपस्थित दर्शकों को संबोधित करते हुए सद्गुरू माता जी ने कहा कि मुझे यहां सभी का उत्साह देखकर प्रसन्नता हो रही है। इससे पता चलता है कि इस ग्रामीण क्षेत्र में भी खेलों के प्रति कितना उत्साह है। उन्होंने कहा कि यह बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का एक सपना था कि फाउंडेशन कुछ गांवों को अपनाए और उनका हर प्रकार से विकास किया जाए।

सद्गुरु माता जी ने आगे कहा कि हमें खेलों से भी आध्यात्मिक शिक्षा व प्रेरणा मिलती है। उदाहरण के तौर पर बैडमिंटन खेलते समय कहते हैं‘ लव आॅल‘। इसी प्रकार यदि जीवन में भी हम सभी से प्यार करें तो हमारा जीवन कितना सुंदर बन जाए। खेलते-खेलते कई बार किसी खिलाड़ी को चोट लग जाती है, मगर वह उससे कभी निराश नहीं होता बल्कि पहले से भी अधिक उत्साह के साथ खेलों में शामिल हो जाता है। यह गुण भी हमारे जीवन के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध हो सकता है।
इस अवसर पर फाउंडेशन की कार्यकारी अध्यक्ष परम् पूज्य बहन बिंदिया छाबड़ा जी ने कहा कि इन गांवों को हमने नहीं अपनाया, बल्कि इन गांवों ने हमें अपना लिया है। हमें बड़े उत्साह के साथ सभी की ओर से पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है।

भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्री कुलदीप वत्स जी ने कहा कि गांव में स्टेडियम बनाना कोई आसान काम नहीं है। अतः फाउंडेशन ने हरियाणा के खेल जगत को एक बहुत महत्वपूर्ण उपहार दिया है। आशा है कि यहां के सभी बच्चे और नौजवान अलग-अलग खेलों में स्टेडियम का लाभ उठाएंगे और खेलों में आगे से आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे।

– कृपा सागर

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