प्राइमरी स्तर के बच्चों को मध्यान भोजन योजना में परोसा जायेगा फ्लेवर युक्त दूध; सात लाख बच्चे होंगे लाभान्वित -जानिए खबर

मुख्यमंत्री करेंगे आॅचल-अमृत योजना का विस्तार, सात लाख बच्चे मिड-डे मील में पियेंगे दूध

देहरादून। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत अपनी महत्वकांक्षी योजना के तहत कल मुख्यमंत्री आंचल-अमृत योजना को विस्तार देंगे। इस योजना के तहत प्रदेश भर में प्राइमरी स्तर के बच्चों को मध्यान भोजन योजना में फ्लेवर युक्त दूध परोसा जायेगा। मुख्यमंत्री के इस कदम से लगभग 7 लाख बच्चे लाभान्वित होंगे।

बता दें कि इस महत्वकांक्षी योजना के तहत सप्ताह में एक दिन कक्षा-01 से लेकर कक्षा-08 तक के बच्चों को विटामिन ‘ए’ व विटामिन ‘डी2’ फोर्टिफाइड दूध दिया जायेगा। इस बात की जानकारी प्रदेश के दुग्ध विकास मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने विधानसभा में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।

दुग्ध विकास मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने बताया कि प्राइमरी स्तर पर छात्र-छात्राओं के पोषण स्तर में सुधार हेतु उत्तराखंड सहकारी डेरी फैडरेशन और विद्यालयी शिक्षा विभाग मिलकर इस योजना को अमलीजामा पहनायेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री आंचल-अमृत योजना गतिमान है। इसी योजना के अंतर्गत अब प्रदेश भर के प्राइमरी स्कूलों के लगभग सात लाख बच्चों को मिड-डे मील में दूध दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए दूध को चाॅकलेटी, स्ट्राबेरी और वनीला फ्लेवर में तैयार किया गया है। जिसे राजकीय विद्यालय, सहायता प्राप्त विद्यालय और मदरसों में बांटा जायेगा। उन्होंने कहा कि प्राइमरी स्तर के बच्चों को 100 मिलीलीटर जबकि उच्च प्राइमरी के बच्चों को 150 मिली लीटर दूध दिया जायेगा।

दुग्ध विकास मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने बताया कि संकुल स्तर तक दूध की आपूर्ति का दायित्व उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड को दिया गया है। जहां से विद्यालयों को मांग व आवश्यकतानुसार दुग्ध चूर्ण के पैकेट प्रति तिमाही उपलब्ध किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना होतु प्रत्येक वर्ष 12 करोड की धनराशि की आवश्यकता पडेगी। जिसमें से भारत सरकार द्वारा केंद्रांश के रूप में 6 करोड़ रूपये उपलब्ध कराये जायेंगे शेष धनराशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जायेगी।

उन्होंने बताया कि मिड-डे मील में प्रस्तावित इस योजना को भारत सरकार द्वारा सहमति मिल गई है और उत्तराखंड पहला राज्य है जिसे भारत सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में प्राविधानित की गई फ्लेक्सी फंड की धनराशि व्यय करने की अनुमति प्रदान की।

वहीं उन्होंने बताया कि दूध वितरण, निगरानी और समीक्षा हेतु जनपद स्तर पर समिति के गठन के निर्देश दिये गये हैं। जिसमें जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी, डीएम द्वारा नामित अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नामित अधिकारी सहायक निदेशक डेरी, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक और माध्यमिक इसके सदस्य होंगे।

वहीं उन्होंने बताया कि इस योजना के शुभारम्भ के अवसर पर मुख्यमंत्री प्रसिद्ध डेरी ब्रेंड अमूल और आंचल के बीच हुए समझौते के तहत संयुक्त रूप से तैयार डेरी उत्पादों को भी लांच करेंगे। डाॅ धन सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड इंवेस्टरर्स समीट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में आंच और अमूल के मध्य परस्पर समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। जिसके तहत आंचल और अमूल द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किये गये डेरी उत्पादों को प्रदेश में विक्रय किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि अमूल द्वारा दुग्ध संघ देहरादून में दुध एवं दुग्ध पदार्थ की पैकिंग करायी जायेगी। इसके लिए तरल दूध व पैंिकग मैटेरियल अमूल द्वारा उपलब्ध किया जायेगा। जिससे दुग्ध संघ को प्रत्येक माह लगभग 25 लाख का अतिरिक्त व्यापार प्राप्त होगा तथा प्रत्येक माह लगभग 7 लाख रूपये का शुद्ध लाभ होगा।

वी.पी. सिंह बिष्ट
पी.आर.ओध् मीडिया प्रभारी
माननीय उच्च शिक्षा एवं दुग्ध विकास मंत्री

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