स्किलिंग और व्यावसायिक शिक्षा पर ध्यान देने का प्रस्ताव उत्साहजनक कदम है- आशिम सचदेवा

देहरादून। हालांकि हम यह मानते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में आबंटन को वास्तव में बहुत अधिक बढ़ाने की संभावना सीमित थी, लेकिन इसके बावजूद शिक्षा के लिए 99,300 करोड़ रुपए का प्रस्तावित आबंटन निराशाजनक है क्योंकि 4.5 प्रतिशत की अनुमानित मुद्रास्फीति के कारकों को ध्यान में रखा जाए तो यह बहुत ही कम है।

स्किलिंग और व्यावसायिक शिक्षा पर ध्यान देने का प्रस्ताव उत्साहजनक कदम है। 150 उच्चतर शिक्षा संस्थानों द्वारा डिग्री/डिप्लोमा से संबंधित प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव से ब्ल्यू काॅलर कौषल को लेकर जो सामाजिक भ्रांतियां हैं उसे दूरे करने में मदद मिलेगी तथा अधिक से अधिक युवाओं को व्हाइट काॅलर नौकरियों के लिए सामान्य डिग्री पाठ्यक्रम से अलग प्रषिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा।

बेहतर छात्र परिणामों के लिए शिक्षा प्रौद्योगिकी समाधानों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने पर अधिक जोर दिया जाना अच्छा है। हालांकि जीएसटी दरें केंद्रीय बजट के दायरे में नहीं हैं, लेकिन शैक्षिक प्रौद्योगिकी समाधानों को खरीदने पर जो जीएसटी दरें लागू हैं उनकी समीक्षा करने के प्रस्ताव साकारात्मक हैं।

राष्ट्रीय भारतीय रैंकिंग फ्रेमवर्क के शीर्ष 100 उच्चतर शिक्षा संस्थानों में सम्पूर्ण पूर्ण ऑनलाइन डिग्री पाठ्यक्रमों के शुभारंभ के बारे में घोषणा एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन युवाओं की बड़ी संख्या के लिए लागत प्रभावी उच्च शिक्षा के अवसरों को उपलब्ध कराने के लिए बुनियादी ढांचा बनाने की दिशा में यह बहुत छोटा कदम है। हालांकि, लगातार शिक्षण और गुणवत्ता परिणामों को सुनिश्चित करने के लिए बहुत अधिक किए जाने की आवश्यकता है।

आशिम सचदेवा
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष
साउथ एशिया, टर्निटिन

ukjosh

‘उत्तराखण्ड जोश’ एक वेब पोर्टल है जो देश-विदेश, सरकारी, अर्धसरकारी, सामाजिक गतिविधियां, स्वस्थ्य, मनोरजंन, स्पोर्टस, कहानी, कविता एवं व्यंग्य संबंधी समाचार एवं घटनाओं को सोशल मीडिया द्वारा अपने सुधीपाठकों एवं समाज तक पहुंचाता है। वहीं अपने सुधीपाठकों से यह आशा करता है कि खबरों को शेयर एवं लाइक जरूर करें। हमें आपके सहयोग की अतिआवश्यकता है। धन्यवाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *