मानसिक शांति, तनाव से मुक्त एवं शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए लाभकारी है नाड़ी शोधन प्राणायाम -जानिए खबर

अल्मोड़ा। नाड़ी शोधन प्राणायाम अधिक मात्रा में आक्सीजन उपलब्ध होने के कारण सम्पूर्ण शरीर का पोषण करता है जिससे लोगों को मानसिक शांति दिलाने व तनाव से मुक्त करने के लिए व इसके साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में कार्य किया जा रहा है।

ज्ञातव्य हो कि वर्तमान में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए कुमाऊं यूनिवर्सिटी सोबन सिंह जीना परिसर के योग विभाग के तत्वाधान में नियमित प्रयासों के कारण अल्मोड़ा रेन बसेरो में रह रहे राहगीरों को योग का नियमित रूप से प्रशिक्षण प्रशिक्षित छात्र चंदन बिष्ट द्वारा दिया जा रहा है।

बता दें कि प्रशासन की ओर से लॉकडाउन के बाद इन राहगीरों को जनपद मुख्यालय में बनाये गए दो शेल्टर होम में रोका गया है। वर्तमान में जी,आई,सी बनाई गई शेल्टर होम में 35 वह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 33 अन्य लोगों को रखा गया है।

वहीं प्रशासन की ओर से रुके राहगीरों को कोई दिक्कत ना हो इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है जिसमें लोगों को रोज सुबह योगाभ्यास कराया जा रहा है जैसी भुजंगासन, धनुरासन, मकरासन, चक्रासन, नाड़ी शोधन, प्राणायाम भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम-विलोम आदि अभ्यास से लोगों को योग के लाभों से अवगत कराया जा रहा है।

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