राजघाट पर राहुल का उपवास, दलितों पर सियासी दंगल

नई दिल्ली। कर्नाटक चुनाव और अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले दलितों के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी ने एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दलित मुद्दे पर सियासत चरम पर है और दोनों ही दल खुद को दलितों का हितैषी बताने में लगे हुए हैं। वहीं, संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण हंगामे की भेंट चढने लेकर भी दोनों पार्टियों में तनातनी जारी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर इसका ठीकरा फोड़ते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में बीजेपी और कांग्रेस ने एक दूसरे के खिलाफ उपवास युद्ध छेड़ दिया है। नरेंद्र मोदी सरकार की कथित नाकामियों, दलित उत्पीडन और संसद ठप होने के खिलाफ कांग्रेस सोमवार को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन करेगी।

मोदी सरकार के खिलाफ राहुल का मोर्चा

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद इस विरोध-प्रदर्शन की अगुआई करेंगे। वह बापू की समाधि पर एक दिन का उपवास रखेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ता भी एक दिन का उपवास रखेंगे और सभी राज्यों और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे। दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी भी विपक्ष पर संसद न चलने देने का आरोप लगाते हुए 12 अप्रैल को अपने सांसदों द्वारा उपवास की घोषणा कर चुकी है। राहुल दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार ने संसद नहीं चलने दी, जिस वजह से सीबीएसई पेपर लीक, पीएनबी घोटाला, कावेरी मुद्दा और आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे जैसे तमाम अहम मुद्दे सदन में नहीं उठाए जा सके। उपवास के दौरान कांग्रेस एससीध्एसटी ऐक्ट में कथित ढील दिए जाने से जुड़े मुद्दे, किसानों की बदहाली और युवाओं के मोहभंग के मुद्दे भी उठाएगी।

2019 से पहले दलित वोटों पर नजर

कांग्रेस ने 2 अप्रैल को एससीध्एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलित संगठनों के भारत बंद को भी समर्थन दिया था। दरअसल, दोनों कांग्रेस और बीजेपी को दलित वोटों की कीमत मालूम है और दोनों ही पार्टियां इस वोट बैंक को अपने पाले में करने की हरसंभव कोशिश करने में लगी है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही खुद को दलितों का हितैषी बताने में लगी हुई है। अगले साल होने वाले आम चुनाव में दलित वोट काफी अहम है। गुजरात चुनाव के दौरान भी राहुल ने दलित उत्पीडन का मुद्दा उठाया था। बीएसपी चीफ मायावती भी भारत बंद के बाद दलितों पर कथित उत्पीडन को लेकर केंद्र और यूपी सरकार पर हमलावर हैं। एसपी चीफ अखिलेश यादव ने भी बीजेपी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

बीजेपी सांसद भी 12 को रखेंगे उपवास

संसद सत्र के हंगामे की भेंट चढने का ठीकरा विपक्ष पर फोड़ते हुए सत्ताधारी बीजेपी ने भी एक दिन के उपवास का ऐलान किया है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया था। शाह ने कहा कि विपक्ष के लोगों ने पूरे संसद सत्र को चलने नहीं दिया और लोकतंत्र का गला घोंटा है। इसके विरोध में 12 अप्रैल को सभी बीजेपी सांसद अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों में धरना देंगे और एक दिन का उपवास रखेंगे।

बीजेपी का विपक्ष पर हिंसा भड़काने का आरोप

बीजेपी ने कांग्रेस और बीएसपी सहित विपक्षी दलों पर दलित समुदाय से जुड़े मुद्दों को लेकर माहौल खराब करने की साजिश के तहत हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। उसने रविवार को दावा किया कि बीजेपी एकमात्र दलित समर्थक पार्टी है। दलित मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के हमले का जवाब देने के लिए बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और थावर चंद गहलोत को मैदान में उतारा। उन्होंने कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी पर झूठ और अफवाह के माध्यम से आग में घी डालने के आरोप लगाए।

प्रसाद ने कहा, विपक्ष को राजनीतिक हित के लिए देश के बंटवारे का काम नहीं करना चाहिए। बीजेपी का आरोप था कि मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब परिवार से आते हैं और बीजेपी के पास सर्वाधिक संख्या में दलित और आदिवासी सांसद और विधायक हैं। प्रसाद ने दावा किया कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के उन इलाकों में ज्यादा हिंसा हुई जहां कांग्रेस और बीएसपी का प्रभाव था।

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