उत्तराखंड के आठ कालेजों की मान्यता समाप्त; होनहार सोच-समझ कर चुने भविष्य की राह -जानिए खबर

देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश में कई ऐसे आयुर्वेदिक विश्व विद्यालय है जो होनहारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। बता दें कि उत्तराखंड के कई आयुर्वेदिक कॉलेजों को आयुष व सीसीआईएम से मान्यता न होने पर भी कॉउंसलिंग करा रहे है।

सूत्र बताते है कि उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्व विद्यालय धृतराष्ट्र बनकर प्रदेश के होनहारों की भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। आपको बता दें की प्रदेश के आयुर्वेदिक कॉलेज जिसमें, उत्तरांचल आयुर्वेदिक कॉलेज, मदर हुड आयुर्वेदिक कॉलेज, बिहिव आयुर्वेदिक कॉलेज, शिवालिक आयुर्वेदिक कॉलेज, देव भूमि आयुर्वेदिक कॉलेज, बिसम्बर सहाय आयुर्वेद कॉलेज, श्रीमती मंजरा देवी आयुर्वेदिक कॉलेज, हरिद्वार आयुर्वेदिक कॉलेज को आयुष विभाग भारत सरकार व सीसीआईएम ने सत्र 2019-20 में प्रवेश पर रोक लगा रखी है।

वहीं विश्वविद्यालय की मिली भगत से कॉउंसिलिंग के फार्म 10 तारीख से ही भरने शुरु हो गए है। जहां एक ओर आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय होनहारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। परन्तु इन सब में विश्वविद्यालय की भूमिका पर सवाल उठना लाजमी है। वहीं इस आयुष प्रदेश मे आयुर्वेद के दुर्गति हो रही है और कॉलेज प्रबंधन कुछ नैनीताल हाईकोर्ट तो कुछ दिल्ली कोर्ट से जुगत लगाने के कोशिश कर रहे हैं।

Sushil Kumar Josh

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