14% के सीएजीआर से बढ़ रहा है भारत में सुरक्षा बाजार -जानिए खबर

भारत मे सुरक्षा उद्योग की प्रगति में महत्वपूर्ण साबित होने वाले आईएफएसईसी 2019 एक्सपो का हुआ उद्घाटन

देहरादून। इंटरनेशनल फायर एंड सिक्योरिटी एक्जिबिशन एंड कॉन्फ्रेंस (आईएफएसईसी) इंडिया एक्सपो, दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा और फायर सेफ्टी शो इनफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया (पूर्व में यूबीएम इंडिया) ने आज 13 वें संस्करण का अपना तीन दिवसीय एक्सपो, ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में शुरू किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री बीएन सिंह, आईएएस, जिला कलेक्टर, गौतमबुद्धनगर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश सरकार के पहले वरिष्ठ रक्षा सलाहकार जे.के. शर्मा, पीएचडी, एवीएसएम, श्री एमएस उपाध्याय, आईपीएस, मुख्य सुरक्षा आयुक्त, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशनय श्री अनिल धवन, सह-अध्यक्ष, एसोचैम होमलैंड सिक्योरिटी काउंसिलय श्री शिव चरण यादव, एशियाई पेशेवर सुरक्षा संघ (एपीएसए) के अध्यक्षय श्री योगेश मुद्रा, मैनेजिंग डायरेक्टर, इंफॉर्मेट मार्केट्स इन इंडिया और मिस्टर पंकज जैन, ग्रुप डायरेक्टर, इंफोर्मा मार्केट्स इन इंडिया और इंडस्ट्री की सभी प्रमुख हस्तीयां मौजुद थी।

तीन दिनों तक चलने वाले इस एक्सपो में चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, लिथुआनिया, चेक गणराज्य, ब्रिटेन, रूस, अमेरिका और जापान जैसे 15 से अधिक देश इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। इस एक्सपो के जरिए 300 से अधिक घरेलू और विश्व स्तर पर प्रसिद्ध ब्रांडों, प्रमुख सरकारी अधिकारियों, सलाहकारों और व्यावसायिक विशेषज्ञ एक साथ आ पाएंगे । अमेरिकन सोसाइटी फॉर इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी (एएसआईएस) मुंबई, एएसआईएस बेंगलुरु, एएसआईएस मुंबई, एएसआईएस दिल्ली, एशियन प्रोफेशनल सिक्योरिटी एसोसिएशन (एपीएसए), सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री (सीएपीएसआई), इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ईएसएआई), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ड्रोन (आईआईडी), ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ कॉर्पोरेट सिक्योरिटी ((जीएसीएस), स्ट्रैटेजिक पार्टनर के रूप में सेकोना के साथ एसोचैम और नॉलेज पार्टनर के रूप में मिकैट एडवाइजरी , यह शो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध प्रदर्शकों, सलाहकारों, व्यवसाय विशेषज्ञों और प्रमुख सरकारी अधिकारियों को एक साथ एक साझा मंच पर लाया है।

भारत में सिक्योरिटी इंडस्ट्री 14ः की सीएजीआर से वृद्धि कर रहा है और यह औद्योगिक परिसरों, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, आवासीय परिसरों जैसे अतिरिक्त बुनियादी ढांचे के निर्माण में तेजी के कारण इसके ओर बढ़ने की उम्मीद है। यह वृद्धि श्स्मार्ट सिटीज’ और श्मेक इन इंडिया’ जैसी सरकारी पहलों द्वारा आगे बढ़ाया गया है। भारत में निजी सुरक्षा उद्योग 70 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है, प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री के बढ़ने के साथ इस आकड़े की भी कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।

स्कूलों और एटीएम में गार्ड लगाना अनिवार्य करने और विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसी सरकारी नीतियों के परिणामस्वरूप मांग में तेजी आई है। उदाहरण के लिए, आकड़ो से पता चलता है कि भारत में लगभग 15 लाख शिक्षा संस्थान हैं और सरकार ने 24 घंटे इन केंद्रों को सुरक्षित करने के लिए 3 सुरक्षा गार्ड को तैनात करने का निर्देश दिया है, इससे प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री में 45 लाख नई नौकरियों का निर्माण होगा।

श्री बीएन सिंह, आईएएस, जिला मजिस्ट्रेट, गौतम बौद्ध नगर ने कहा, “जब आंतरिक सुरक्षा की बात आती है तो हम एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहें हैं। बढ़ते खतरो को देखते हुए और असमाजीक त्तवो पर नजर बनाए रखने के लिए, तथा समाज को सुरक्षित रखने के लिए एआई जैसी उन्नत तकनीक समय कि मांग बन गई है। मैं यह भी मानता हूं कि बढ़ता पलायन सुरक्षा के लिए भी खतरा है। समाज को सुरक्षित करने के तरिकों के बारे में लोगों को जागरूक करने के इस अभियान में तेजी लाना होगा। पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह दूरसंचार सस्ता हो गया है, उसी तरह सुरक्षा से जुड़े उपकरणो को भी सस्ता, सुलभ करने के उपायों पर जोर दिया जाना चाहिए जिससे लोग इसकी उपयोगिता को समझें और इसके इस्तेमाल में बढ़ोत्तरी को देखा जांए।”

श्री सिंह ने आगे कहा की “हम प्रशासन के दृष्टिकोण से जो कुछ भी आवश्यक है उसे सुविधाजनक और सुलभ बनाएंगे और हमें उम्मीद है कि भविष्य में भी सुरक्षा के दृष्टी से महत्वपूर्ण ऐसी प्रदर्शनियाँ होती रहेंगी। मैं सभी कंपनियों से सुरक्षा से जुड़े गैजेट्स या टेक्नोलॉजी्स के प्रदर्शन करने का आग्रह करता हूं और इस एक्सपों में भाग लेने के लिए धन्यवाद देता हूं।”

आईएफएसईसी इंडिया शो के 13वें संस्करण में बोलते हुए भारत में इन्फॉर्मा मार्केट्स के प्रबंध निदेशक श्री योगेश मुद्रास ने कहा,” सुरक्षा रणनीति पर दोबारा विचार करना और अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाना न सिर्फ इस समय देश की जरूरत के साथ-साथ समय की मांग है । भारत सरकार की सक्रिय नीतियां एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बना सकती हैं जहां इस विकास को तेजी से बढ़ाया जा सकता हैं और इन संगठनों को उद्योग का दर्जा दिये जाने के बाद इसे आसानी से विकसित किया जा सकता हैं । इससे सुरक्षा उद्योग में अग्रणी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा बाजार खुलेगा । यह समय स्मार्ट तकनीकों का है और स्मार्ट सिटी की रफ्तार से मेल खाने के लिए स्मार्ट सिक्योरिटी और सर्विलांस सिस्टम की जरूरत बेहद अहम है।“

उन्होंने आगे कहा की“आईएफएसईसी इंडिया 2019 का उद्देश्य इस उद्योग की प्रगति के लिए एक माध्यम के रूप में कार्य करना है, क्योंकि यह उद्योग के खिलाड़ियों को सामूहिक रूप से विचार करने, नवाचार, स्पॉट ट्रेंड करने और एक रक्षात्मक दृष्टिकोण से निगरानी के लिए भारत के सुरक्षा प्रतिमान में बदलाव करने में सक्षम बनाने के लिए एक मंच प्रदान करता है।

भारत में सुरक्षा बढ़ाने को लेकर बहुत सारे कदम उठाये जा रहें है, आईएफएसईसी इंडिया 2019 ने प्रदर्शनी के साथ-साथ सुरक्षा की दुनिया को समझने के लिए दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित करके वैश्विक सुरक्षा बाजार में मौजूद नई तकनीकों के साथ साथ हवाई वाहनों और ड्रोन जैसी नवीनतम तकनीकों को सक्रिय रूप से समझने का फैसला किया है । एक्सपो में पहले दिन चर्चित कुछ ट्रेंडिंग टॉपिक थे- होमलैंड सिक्योरिटी के लिए क्षमताओं का विकास करना- इंडस्ट्री की भूमिका, इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी पर इंडस्ट्री पर्सपेक्टिव- डिफेंस और होमलैंड सिक्योरिटी में भारत इजरायल कोऑपरेशन।

आईएफएसईसी इंडिया अपनी इस प्रदर्शनी में सीसीटीवी और निगरानी, बायोमेट्रिक्स और आरएफआईडी, इंटीग्रेटेड सिस्टम, एक्सेस कंट्रोल, जीपीएस सिस्टम, वीडियो प्रबंधन, पार्किंग स्वचालन, परिवहन, परिधि संरक्षण, आईओटी, स्मार्ट होम्स, सुरक्षा से संबंधित उत्पाद और प्रदाताओं के ज्ञान के लिए निगरानी के अलावा, शहरों के सुरक्षित रखने वाले प्रमुख वैश्विक ब्रांडों और वितरकों में प्रीमियर प्लस पार्टनररू आदित्य इन्फोटेक, सीपी प्लस, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस लिमिटेड (ईएसएसएल), एजविज, ग्लोबस इन्फोटेक, मार्कोन, ओजोन ओवरसीज, प्रामा हिकविजन, सिरोटेक, टेल्टनिका और प्रीमियर पार्टनर्स जैसे फेसगो, हॉगर, नेटगियर , पर्टो केट्रैक्स, पोर्टोर, सीगेट, ट्रू व्यू, जेब्रोनिक्स अन्य शामिल हैं।

आईएफएसईसी इंडिया, इस वर्ष आईएफएसईसी इंडिया पुरस्कारों के चैथे संस्करण की मेजबानी करने के लिए तैयार है। यह पुरस्कार विशेष रूप से विभिन्न उद्योग वर्टिकल जैसे बीएफएसआई, रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी, हेल्थकेयर, पीएसयू, आईटी और आईटीईएस और इंफ्रास्ट्रक्चर में इलेक्ट्रॉनिक, फिजिकल एंड फायर सिक्योरिटी को डेवलॅप करने वाले दिमाग को सुर्खियों में लाने के लिए दिया जा रहा हैं। यह पुरस्कार सीएसओ और सुरक्षा अधिकारियों की उत्कृष्टता और नवाचारों को पहचानेंगा जो मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परदे के पीछे लगातार काम करते हैं ।

ukjosh

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