पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को सशक्त करने हेतु जमीनी स्तर पर किये जाने वाले कार्यों का जायजा

देहरादून। 03 से 05 दिसम्बर 2018 को नीदरलैण्ड्स की वीमेन आॅन विंग्स संस्था के मैनेजिंग डाइरेक्टर/प्रबंध निदेशक मि0 रोनाल्ड वॅन हॅट हाॅफ तथा उनके वरिष्ठ बिजनेस कंसल्टेंट श्री शशांक तेवतिया द्वारा उत्तराखण्ड राज्य का भ्रमण किया गया। उक्त भ्रमण का उद्देश्य राज्य सरकार एवं परियोजना द्वारा पर्वतीय क्षेत्र के लोगों विशेषकर महिलाओं को सशक्त करने हेतु जमीनी स्तर पर किये जाने वाले कार्यों का जायजा लेना था।

वीमेन आॅन विंग्स संस्था के प्रतिनिधियों द्वारा परियोजना जनपदों और राज्य का भ्रमण

उन्होंने जनपद टिहरी के आइफैड सहायतित एकीकृत आजीविका परियोजना क्षेत्रों का भ्रमण किया तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के समूहों से मुलाकात की। उक्त भ्रमण का उद्देश्य सामुदायिक संस्थाओं का क्षमतावर्द्धन करने हेतु राज्य सरकार के साथ भागीदारी की संभावनाओं को चिन्हित करना था। इस दौरान मि0 रोनाल्ड विकासखण्ड, जनपद और राज्य स्तर पर इन सामुदायिक संस्थाओं द्वारा संचालित और उनके ही द्वारा प्रबंधित हिलाँस आउटलेट्स और कलेक्शन सेंटर्स पर भी गये। उनके द्वारा ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की पहलों जैसे खेतों की सुरक्षा हेतु चेन लिंक्ड फैंसिंग, बंजर भूमि पर बनाये गये फार्म मशीनरी बैंक का व्यावसायिक माॅडल और छंटाई, ग्रेडिंग तथा पैकेजिंग इकाइयों को भी देखा गया। उन्होंने परियोजना द्वारा समुदाय के सशक्तीकरण हेतु किये जाने वाले कार्यों की अत्यंत प्रशंसा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि आजीविका संघों के स्तर पर एजेन्ट आॅफ चेन्ज को चिन्हित किया जाना चाहिये और उनका क्षमतावर्द्धन भी किया जाना चाहिये ताकि इस भागीदारी के माध्यम से उनको सशक्त किया जा सके और एकीकृत आजीविका परियोजना तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा प्रारंभ की गई सभी गतिविधियों में समुदाय का स्वामित्व हो सके।

विमेन आॅन विग्स की टीम द्वारा सामुदायिक योजनाओं और सप्लाई चेन मैनेजमेंट, ग्रामीण उत्पादों का एकत्रीकरण और उनको उपभोक्ताओं तक पहुँचाने वाली विभिन्न प्रक्रियाओं का बारीकी से अध्ययन किया गया। उनके द्वारा उक्त प्रक्रियाओं को समझने हेतु प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्रीमती मनीषा पंवार IAS और श्री डी0सैंथिल पांडियन IAS प्रमुख सचिव कृषि एवं बागवानी/मुख्य परियोजना निदेशक ILSP डाॅ0 रामबिलास यादव, सचिव ग्राम्य विकास/कृषि/अपर परियोजना निदेशक उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास समिति, जिलाधिकारी टिहरी श्रीमती सोनिका तथा एकीकृत आजीविका परियोजना और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की टीम के सदस्यों के साथ बैठकें और चर्चायें भी की गईं।

उक्त बैठक में मि0 रोनाल्ड ने अपने फील्ड भ्रमण के दौरान सशक्त समुदाय से मिलने, और प्रसंस्करण तथा बिक्री इकाईयों पर बरती जाने वाली स्वच्छता आदि पर अपने पर्यवेक्षणों को शेयर किया। उन्होंने राज्य सरकार के साथ मिलकर प्रत्येक स्तर पर समुदाय आधारित वैल्यू चेन के व्यवसाय को बढ़ाने और ILSP और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन / SRLM के अंतर्गत उभर कर आने वाले सामाजिक उद्यमों को सहयोग करने हेतु अपनी इच्छा भी व्यक्त की।

माननीय अतिथियों द्वारा जिलाधिकारी टिहरी के साथ भी बैठक की गई। समुदाय खासकर महिलाओं से मिलकर वे अत्यंत प्रसन्न दिखे। उनके द्वारा परियोजना प्रबंधन इकाई देहरादून में दि0 05 को सप्लाई चेन मैनेजमेंट तथा अन्य योजनाओं का अध्ययन किया जायेगा और संभावित हस्तक्षेपों पर चर्चा भी की जायेगी।

वहीं श्रीमती मनीषा पंवार ने बताया कि इन संस्थाओं के साथ समन्वयन एवं सहयोग हेतु गैर-सरकारी शीर्ष संगठनों की स्थापना भी की जायेगी। श्री डी0 सैंथिल पांडियन ने जोर देकर कहा कि परियोजना अवधि के बकाया दो वर्षों में हमारा मुख्य फोकस ग्रामीण उत्पादों की वैल्यू चेन तथा आजीविका संघों को मजबूती प्रदान करने पर ही रहेगा। मि0 रोनाल्ड ने राज्य सरकार के साथ सहयोग हेतु अपनी स्वीकृति प्रदान की और कहा कि वह शीघ्र ही एक प्रस्ताव भेजंेगे, जिसमें इस कार्य हेतु मुख्य भूमिकाओं और दायित्वों का विवरण भी देंगे।

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