एक माह के लंबे इंतजार के बाद स्वामी शिवानंद की अनशन रूपी तपस्या स्थगित -जानिए खबर

हरिद्वार। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा का पत्र मिलने के उपरांत मातृ सदन के स्वामी शिवानंद ने अनशन रूपी तपस्या को एक माह के लंबे इंतजार के बाद स्थगित कर दिया।

बता दें कि गंगा में चल रहे अवैध खनन को लेकर मातृ सदन के स्वामी शिवानंद से विगत तीन अगस्त से तपस्या कर रहे थे। तपस्या की शुरुआत में उन्होंने 5 गिलास जल लेना शुरू किया था। परंतु समय बीतने के उपरांत 30 अगस्त के बाद वे केवल चार गिलास जल के सहारे तपस्या कर रहे थे।

इससे स्वामी शिवानंद के स्वास्थ्य में भी गिरावट आने लगी थी। स्वामी शिवानंद के गिरते स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की चिंता बढ़ गई और उनके द्वारा गंभीरता से किए गए अथक प्रयासों से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्र की ओर से भेजे गए पत्र में स्वामी शिवानंद की मांगों के अनुरूप क्रियान्वन करते हुए अनशन को समाप्त करने का आग्रह किया गया।

इस पत्र को लेकर गंगा विचार मंच के प्रदेश संयोजक आशीष कुमार झा अपने साथी जिला संयोजक मनोज शुक्ला एवं अंश मल्होत्रा के साथ मातृ सदन आश्रम पहुंचे, और उन्होंने स्वामी शिवानंद को पत्र सौंपकर अनशन रूपी तपस्या को स्थगित करने का निवेदन किया। पत्र को पढ़ने के उपरांत पूर्ण रूप से अस्वस्त होने के बाद स्वामी शिवानंद सरस्वती ने बुधवार की रात्रि में 10.30 बजे अपनी तपस्या को विराम दे दिया।

वहीं गंगा विचार मंच के प्रदेश संयोजक आशीष कुमार झा ने बताया कि स्वामी शिवानंद की तपस्याा को स्थगित कराने में गंगा विचार मंच के पदाधिकारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कहा पिछले तीन-चार दिन से गंगा विचार मंच के पदाधिकारियों इस मामले को लेकर वार्ता चल रही थी। उसी के फल स्वरुप यह कार्य पूर्ण हो सका। इस मौके पर विजय वर्मा, स्वामी पूर्णानंद, दयानंद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

ukjosh

‘उत्तराखण्ड जोश’ एक वेब पोर्टल है जो देश-विदेश, सरकारी, अर्धसरकारी, सामाजिक गतिविधियां, स्वस्थ्य, मनोरजंन, स्पोर्टस, कहानी, कविता एवं व्यंग्य संबंधी समाचार एवं घटनाओं को सोशल मीडिया द्वारा अपने सुधीपाठकों एवं समाज तक पहुंचाता है। वहीं अपने सुधीपाठकों से यह आशा करता है कि खबरों को शेयर एवं लाइक जरूर करें। हमें आपके सहयोग की अतिआवश्यकता है। धन्यवाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *