बच्चों ने पिता को पहुंचाया सलाखों पीछे; मां की हत्या में पिता को उम्रकैद की सजा -जानिए खबर

देहरादून। पत्नी को चाकू से गोदकर उसके हत्या करने के आरोप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने अभियुक्त (शिक्षक पति) को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बच्चों के सामने वारदात को अंजाम देने के बाद अभियुक्त ने उस दिन खुद पर भी चाकू से तेरह से अधिक वार किए और जहर पीकर जान देने की कोशिश की थी, लेकिन वह जिंदा बच गया। पिता को सजा दिलाने में उसके बेटे और बेटी की गवाही अहम रही।

ज्ञातव्य हो कि घटना 19 अप्रैल 2016 की रायपुर क्षेत्र की है। सुधीर तिवारी (45) पुत्र मुकुंद राम तिवारी निवासी चंबा, टिहरी जिले के नकुची जौनपुर स्थित राजकीय इंटर कालेज में शिक्षक था। वह यहां रायपुर थाना क्षेत्र में कृष्णा विहार के लेन नंबर पांच मकान नंबर 115 में पत्नी मीनाक्षी (40) व बेटे अनिरुद्ध व बेटी निकिता के साथ रहता था।

मीनाक्षी भी प्राथमिक विद्यालय हडेलीघाट, जौनपुर, टिहरी गढ़वाल में शिक्षिक थी। घटना से तीन दिन पहले सुधीर बेटी को परीक्षा दिलाने दिल्ली गया था। 19 अप्रैल 2016 की रात वह दिल्ली से लौटा। उस समय करीब आठ बज रहे थे।

सुधीर ने पत्नी से पीने के लिए एक गिलास पानी मांगा, लेकिन उसने इनकार कर दिया, इस पर दोनों में झगड़ा होने लगा। इस बीच सुधीर ने किचन से चाकू लेकर आया और उसने मीनाक्षी पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। लहूलुहान मीनाक्षी जमीन पर जमीन पर गिर पड़ी। उस समय अनिरुद्ध वहीं था, जबकि बेटी निकिता बाथरूम में थी। शोर सुनकर वह बाहर निकली।

अनिरुद्ध व निकिता ने मां को बचाने की भी कोशिश की और शोर मचाया। आसपास के लोग एकत्रित होते, तब तक सुधीर ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। थोड़ी देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सुधीर को कमरे से बाहर निकाला तो वह भी लहुलुहान था और उसके मुंह से फिनायल की बू आ रही थी।

पुलिस एंबुलेंस से दोनों को लेकर दून मेडिकल कॉलेज पहुंची, जहां मीनाक्षी को मृत घोषित कर दिया गया। सुधीर तीन-चार दिन के उपचार के बाद ठीक हो गया तो रायपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

मीनाक्षी के ममेरे भाई विनोद डंगवाल ने सुधीर के खिलाफ आइपीसी की धारा 302 (हत्या) व 309 (आत्महत्या का प्रयास) का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से वह जेल में था।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जेके जोशी ने अदालत को बताया कि अदालत ने अभियुक्त को हत्या में उम्रकैद व पांच हजार रुपये के अर्थदंड व आत्महत्या के प्रयास में छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।

Sushil Kumar Josh

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