पांच तत्व व निरंकार से जुड़कर ही युवाओं का कल्याण सम्भव है – सुदीक्षा महाराज

नई टिहरी। उत्तराखण्ड के सभी जनपदों से हजारों युवाओं ने एनवाईएस निरंकारी गोष्ठी में भाग लिया। यहां पर युवाओं ने पांच तत्वों को भिन्न-भिन्न माध्यमों से जाना। गोष्ठी में विचारों, नाटिकाओं, कविताओं, योगा, भजन से संसार में फैली कुरीतियों को अपने कर्मों व व्यवहार से सन्दर देकर दूर करने का प्रयास किया।

 

बता दें कि संत निरंकारी मण्डल के तत्वावधान में तीन दिवसीय निरंकारी युवा गोष्ठी के दूसरे दिन सद्गुरु माता सुदीक्षा सविन्दर हरदेवे सिंह जी महाराज ने युवाओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि आपके विचारों से ही पांच तत्व (हवा, पानी, अग्नि, जीव व आकाश) एवं छठवें तत्व निरंकार के बारे में हजारों युवाओं के बची से ही जानकारी जुआर्ठ जायेगी और अच्छे विचारों को ग्रहण करके हम सभी संसार में प्रचार-प्रसार करेंगे।

उन्होंने कहा कि पूरे देशभर में आध्यात्मिकता की कमी के कारण युवा अपनी दिशा से भटक रहा है यदि युवा अपनी अच्छी पढ़ाई एवं रोजगार में रहकर में रहकर आध्यात्म से जुड़ जाए तो किसी तरह की गलती अपने जीवन में नहीं कर सकता।

अज्ञानता के कारण ही संसार में कई तरह के अपराध बढ़ रहे है। युवा गुरुमत में रहकर सद्गुरु की कुपा से मन में सहनशीलता, नम्रता, प्रेम, प्यार, सद्भावना, करुणा, दया के दिव्यगुण स्वयं ही आ जाते है।

 

बता दें कि इस गोष्ठी से कई युवाओं को एक नई ऊर्जा मिली जोकि अपने कर्म व व्यवहार से अपने भविष्य को अच्छी दिशा मिलेगी। वहीं युवाओं को गुरु एवं सद्गुरु की शिक्षाओं पर पूर्ण विश्वास होना अति आवश्यक है।

गुरु वह होता है जो कि युवा के मार्गदर्शन को सुन्दर रूप देता है वहीं सद्गुरु हर इंसान के जीवन को ही बदल देता है। उसके अन्दर भरी कुरीतियों को निकालकर अच्छे दिव्यगुण भर देता है। जिससे सम्पर्ण समाज के अच्छे कामों को अग्रणीय भूमिका निभाये ताकि संसार में प्रेम ही प्रेम दिखाई दे किसी भी प्रकार की कोई रूपकावट की दीवार न हो।

– राकेश रतूड़ी, पुरोला

Sushil Kumar Josh

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