रुद्रप्रयाग में इन अनाथ बेटियों का नही कोई सहारा; माता-पिता की हो चुकी है मौत -जानिए खबर

रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड के जिला रुद्रप्रयाग जखोली ब्लाॅक के गांव त्यूंखर की बसु और निशा के सिर से बचपन में ही माता-पिता का साया उठ गया। अब दोनों बहनें अनाथ हो गई हैे। जनप्रतिनिधियों ने भी इन बेटियों की अब तक सुध नहीं ली है।

न्यूज पेपर की कटिंग के अनुसार ग्राम त्यूंखर के प्रेम लाल की दस माह पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। वह अपने पीछे पत्नी सुनीता देवी और दो बेटियां, बसु उम्र 5 वर्ष और निशा उम्र 2 वर्ष को छोड़ गया थे। वहीं पति की मौत के बाद से मानसिक तनाव से ग्रसित सुनीता देवी की भी कुछ दिन पूर्व मौत हो गई। अब दोनों बेटियां अनाथ हो गई हैं कड़ाके की ठंउ में नंगे पैर ये दोनों बहनें गांव में घर-घर भटकने को मजबूर हैं।

भले ही गांव के कुछ परिवार इन दोनों बच्चियों को सुबह और शाम के भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन ये व्यवस्था कब तक चलेगी। वहीं ठंड से बच्चों के हाथ-पैर नीले हो गए हैं। उनका घर तो है लेकिन वह किसके साथ रहेंगी।

साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता रामरतन सिंह पंवार ने बेटियों के संरक्षण और लालन-पालन के लिए उचित व्यवस्था की मांग की। इधर, बाल संरक्षण आयोग ने बताया कि दोनों बच्चियों की देखभाल और भरण-पोषण के लिए बाल कल्याण समिति में प्रस्ताव रखा जाएगा।

कोई अगर इन बच्चों की मदद करना चाहता है तो इसको जरूर शेर करें।

इनकी मदद के लिए आप रामरतन सिंह जी से बात कर के इनकी मदद कर सकते हैै इनका सम्पर्क सूत्रः 8954404880

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