टिहरी परियोजना से प्रभावित लोगों की मदद करेगी यह एम्‍बुलेंस

श्री डी.वी. सिंह ने हरी झंडी दिखाकर वीपीएचइपी के लिए एम्‍बुलेंस सेवा व प्रतापनगर के लिए चिकित्‍सा सामाग्री रवाना किया

ऋषिकेश। भारत सरकार के ‘स्‍वच्‍छ भारत अभियान’ के अंतर्गत सचल चिकित्‍सा वाहन (एम्‍बुलेंस) सुविधाएं को श्री डी.वी. सिंह, अध्‍यक्ष एवं प्रबन्‍ध निदेशक, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) ने टीएचडीसी के कॉरपोरेट कार्यालय, गंगा भवन, ऋषिकेश से विष्णुगाड पीपलकोटी हाइड्रो इलैक्‍िट्रक प्रोजेक्‍ट के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन टिहरी परियोजना से प्रभावित नागरिकों को भारत सरकार के ‘स्‍वच्‍छ भारत अभियान’ के अंतर्गत सहायता उपलब्‍ध कराता है।

बता दें कि श्री सिंह ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि टीएचडीसीआईैएल कॉरपोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व के क्षेत्र में एक जिम्‍मेदार संस्‍था है। जो परियोजना प्रभावित टिहरी के नागरिकों को भारत सरकार के ‘स्‍वच्‍छ भारत अभियान’ के अंतर्गत सहायता उपलब्‍ध कराता है। इसी के साथ टीएचडीसीआईएल द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व के अंर्तगत चिकित्‍सा सामाग्री से युक्‍त वाहन टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर के लिए भी रवाना किया। उन्होंने टीएचडीसीआईएल के अधिकारियों व कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं व स्‍थानीय निवासियों से 16 से 31 मई, 2018 के दौरान प्रस्‍तावित स्‍वच्‍छता पखवाड़े में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

इस अवसर पर श्री सिंह ने निदेशक (वित्‍त) श्री श्रीधर पात्र, निदेशक (तकनीकी) श्री एच.एल. अरोड़ा व निदेशक (कार्मिक) श्री विजय गोयल के साथ अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों की उपस्‍थिति में विधि-विधान से पूजा की तथा परम्‍परागत तरीके से नारियल तोड़ने के बाद रिबन काटकर कर वाहनों को रवाना किया। इस अवसर पर अधिशासी निदेशक (सेवायें, सामाजिक व पर्यावरण) श्री एच.एल. भारज, महाप्रबन्‍धक (ओ.एम. एस.) श्री मुहर मणि, महाप्रबन्‍धक (वाणिज्‍यिक) श्री अजय माथुर, महाप्रबन्‍धक (एम.पी.एस.) श्री वी.के. बडोनी एवं महाप्रबन्‍धक (वित्‍त) श्री जे. बेहेरा सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी उपस्‍थित रहे। टिहरी व कोटेश्‍वर जल विद्युत परियोजनाओं तथा गुजरात के पाटन व द्वारका में पवन ऊर्जा परियोजनाओं की कमीशनिंग के उपरांत टीएचडीसी की कुल संस्‍थापित विद्युत क्षमता 1513 मेगावाट हो गयी है। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड देश का प्रमुख विद्युत उत्‍पादक संस्‍थान होने के साथ ही एक मिनी-रत्‍न (कटेग्री-प्रथम) व शेड्यूल ‘ए’ दर्जा प्राप्‍त संस्‍थान है।

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