विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर वित्त मंत्री ने रखा 2452 करोड़ का अनुपूरक बजट

देहरादून। त्रिवेंद्र सरकार ने मंगलवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन 2452.41 करोड़ का अनुपुरक बजट पेश किया। इसमें राजस्व मद में 1706.25 करोड़ और पूंजीगत मद में 746.16 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अनुपूरक बजट में भी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती वेतन और पेंशन भुगतान ही है। वेतन मद में 261.96 करोड़ और पेंशनादि मदों में 228.30 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 शेष बचे महीनों में सरकार की प्राथमिकता सड़क निर्माण रहने वाली है। सड़कों के लिए कुल तकरीबन 290 करोड़ रखे गए हैं।

वहीं अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना पर राज्य का विशेष फोकस रहना तय है। इसके लिए 71.80 करोड़ का बजट रखा गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए पहले अनुपूरक बजट की व्यवस्था के साथ ही राज्य का कुल बजट आकार बढ़कर अब 48037.50 करोड़ हो गया है। इससे पहले बीते मार्च माह में कुल 45585.09 करोड़ के बजट को मंजूरी दी थी। वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की नई जरूरत के मुताबिक बजट की व्यवस्था की गई है। विश्व बैंक सहायतित उत्तराखंड लोक वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना लिए 16 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि विशेष केंद्रीय सहायता के तहत 100 करोड़ रखे गए हैं।

अपराध से पीडि़त को अब मदद मिलेगी। पीडि़त सहायता कोष के लिए दो करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। अनुपूरक बजट में सरकार ने अधिकतर ऐसी योजनाओं के लिए बजट मुहैया कराया है, जो पहले से संचालित हो रही हैं।इन्वेस्टर्स समिट के बाद पूंजी निवेशकों को आकर्षित करने में सरकार जुटी है। इस कड़ी में राज्य के सूक्ष्म लघु एवं उद्यमों के लिए 10 करोड़, सड़कों के निर्माण के लिए 170 करोड़ के साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सर्वाधिक 100 करोड़ और अधिक खर्च के भुगतान के लिए 20 करोड़ की व्यवस्था की गई है। किसाऊ बांध के लिए पांच करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार ने अनुपूरक बजट में नाबार्ड से मिलने वाले ऋण को देखते हुए विभिन्न विकास योजनाओं के लिए धन का बंदोबस्त किया है।

विभागवार स्वीकृत बजट धनराशि (करोड़ रुपये)

  • कृषि विभाग-364.45 करोड़ रुपये (उद्यान विभाग को-13.27, पशुपालन 40.02 एव कृषि 311.18 करोड़ रुपये)
  • ग्राम्य विकास- 218.17 करोड़ रुपये
  • शिक्षा विभाग- 206.06 करोड़ रुपये
  • जलापूर्ति विभाग- 184.19 करोड़
  • चिकित्सा विभाग- 166.13 करोड़

ये हैं अनुपूरक बजट की विशेषताएं

  • वेतन मद में कुल 261.96 करोड़ व पेंशन आदि मदों में 228.30 करोड़
  • विश्व बैंक सहायतित उत्तराखण्ड लोक वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना के अंतर्गत 16 करोड़ रुपये
  • विशेष केंद्रीय सहायता के तहत 100 करोड़ 
  • मुंबई में उत्तराखंड भवन एवं इम्पोरियम के अंतर्गत पांच करोड़
  • अपराध से पीडि़त सहायता कोष केलिए दो करोड़ 
  • कुंभ व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग के तहत 50 लाख रुपये।
  • पुलिस विभाग के आवासीय तथा अनावासीय भवनों के निर्माण को 1.50 करोड़
  • सर्व शिक्षा अभियान में 20 करोड़, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रतिपूर्ति मद में 10 करोड़
  • राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 10.50 करोड़ का प्रावधान राजस्व मद में तथा 10 करोड़ का प्रावधान पूंजीगत मद में
  • फार्मेसी पॉलिटेक्निक उच्चीकरण को 1.20 करोड़
  • अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना को 71.80 करोड़
  • अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को 30 करोड़, दून मेडिकल कॉलेज को 10 करोड़, राजकीय मेडिकल कॉलेज को पांच करोड़
  • नगरीय पेयजल योजनाओं के रखरखाव को 10 करोड़
  • एसडब्ल्यूएसएम के तहत दो करोड़
  • पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था एवं पुनर्निर्माण को पांच करोड़
  • पंपिंग पेयजल योजनाओं में ऊर्जा दक्ष पंपों को दो करोड़
  • नाबार्ड वित्त पोषित पेयजल योजनाओं को 40 करोड़
  • राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत 38.74 करोड़
  • किसान पेंशन योजना को 25.19 करोड़
  • किशोर न्याय अधिनियम में दो करोड़
  • 18 वर्ष से अधिक आयु की बालिकाओं, महिलाओं के लिए राज्यस्तरीय उत्तर रक्षा गृहों को दो करोड़
  • अल्पसंख्यकों के लिए मल्टी सेक्टोरल विकास योजना को पांच करोड़
  • समेकित जलागम प्रबंधन कार्यक्रम में 12 करोड़
  • परंपरागत कृषि विकास योजना में 53 करोड़
  • सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के तहत 1.67 करोड़
  • फ्लड प्लेन जोनिंग को 1.5 करोड़ व बलिया नाला उपचार को दो करोड़
  • बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के निर्माण को पांच करोड़
  • सड़कों के निर्माण को 170 करोड़
  • पर ड्राप मोर क्रॉप के तहत आठ करोड़

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