आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के भविष्य के दृष्टिगत वीडियो कॉन्फ्रेंस -जानिए खबर

देहरादून। केन्द्रीय मंत्री–इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रोद्योगिकी रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2020 को भारत के सभी राज्यों के आईटी मंत्रियों और आईटी विभाग के अधिकारीयों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बातचीत की। COVID-19 की चुनोतियों में आईटी का उपयोग तथा आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के भविष्य के दृष्टिगत और नए इनोवेसन पर सार्थक चर्चा की। हर राज्य ने अपने आईटी और इलेक्ट्रोनिक्स क्षेत्र के कार्यों और उपलब्धियों को साझा किया।

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय और उसके संगठनों के प्रयासों में आरोग्य सेतु ऐप, इनोवेशन चैलेंज, एमवाईजीओवी और सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से COVID-19 पर जागरूकता और संचार और इन प्लेटफार्मों पर कई चैटबॉट, राष्ट्रव्यापी वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा, ई-ऑफिस, पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम, ग्रामीण क्षेत्रों में सीएससी केंद्रों से सेवाएं, सीडेक के ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म आदि विषयों पर प्रस्तुती दी गई। जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय हर राज्य के इनोवेसन को साझा करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करेगा।

सभी राज्यों ने नागरिकों को डिजिटल सेवा प्रदान करने में कॉमन सर्विस सेंटर्स, इंडिया पोस्ट, दूरसंचार विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय विभाग द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की। सभी मंत्रियों ने COVID-19 के खिलाफ हमारी सामूहिक लड़ाई में टीम इंडिया के रूप में एक साथ काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

आईटी विभाग उत्तराखंड ने भी उत्तराखण्ड सरकार की आईटी के क्षेत्र में अपनी निम्न उपलब्धियां इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय भारत सरकार को भेजी। उत्तराखंड राज्य में अभी तक लगभग 10 लाख आरोग्य सेतु एप को जनता के द्वारा डाउनलोड किया जा चुका है। उत्तराखंड में 246 सीएससी सेंटर द्वारा बैंकिंग सुविधा दी जा रही है। सीएससी वीएलई द्वारा आधार कार्ड के माध्यम से धन जमा करने और निकालने की सुविधा दी जा रही है।

आईटीडीए द्वारा ड्रोन की ट्रेनिंग दी जा रही है और ड्रोन तकनीक के माध्यम से उत्तराखंड में 45 लोकेशन की मोनिटरिंग की जा रही है। कोविड 19 आपदा के दौरान उत्तराखंड में 236 वीडियो कॉन्फ्रेंस कराई गई है। स्वान नेटवर्क के द्वारा 1600 ऑफिस को इन्टरनेट के माध्यम से जोड़ गया है और 2900 ऑफिस को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। आईटी पार्क में एसटीपीआई के अंतर्गत 13 यूनिट पंजीकृत हो चुकी हैं जिनमे 2500 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। 13 स्टार्टप को इन्कुबेशन सेंटर के अंतर्गत रजिस्टर किया गया है।

इनमे से अधिकतर कंपनी लाकडाउन के दौरान वर्क फ्रॉम होम के माध्यम से कार्य कर रही हैं। रजिस्टर्ड आईटी कम्पनियों द्वारा लाकडाउन के दौरान लगभग 20 करोड़ से ज्यादा के सॉफ्टवेयर निर्यात के सोफ्टेक्स फॉर्म एसटीपीआई के द्वारा एप्रुव किये गए। लाकडाउन के दौरान आईटी विभाग और एनआईसी के माध्यम से ई-पास जारी किये जा रहे हैं। दुकानदारों और ग्राहकों के लिए घर पर खाने सामान की होम डिलीवरी करने के लिए खाद्य विभाग उत्तराखंड सरकार द्वारा जन आपूर्ति एप को लांच किया गया।

उत्तराखंड में कोविड 19 आपदा के दौरान वॉलिंटियर्स को जोड़ने के लिए covid19cso.uk.gov.in वेबसाइट बनायी गई है जिसमे 954 वॉलिंटियर्स ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है और 2126 ने काल सेंटर के माध्यम से जुड़ने की इच्छा जताई है। लाकडाउन के दौरान उत्तराखंड सरकार ने कोरोना राहत के लिए दानदाताओं द्वारा ऑनलाइन दानराशि जमा करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष की वेबसाइट cmrf.uk.gov.in लांच की है। उत्तराखंड से मुख्यमंत्री उत्तराखंड के आईटी सलाहकार रवीन्द्र दत्त, आईटी सचिव आरके सुधांशु एवँ निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रतिभाग किया।

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