शिक्षा व स्वास्थ्य में हंस फाउंडेशन का पूर्ण योगदान

देहरादून। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल ने हंस कल्चरल सेंटर द्वारा सामाजिक कार्यों के लिए उपलब्ध करवाए गए वाहनों को फ्लेग आॅफ किया। हंस कल्चरल सेंटर द्वारा जनकल्याणकारी कार्यों के लिए इंडियन रेड क्राॅस सोसायटी, उत्तराखण्ड, को बोलेरो जीप (मिनी एम्बुलेंस), देवभूमि शिक्षा प्रसार समिति, किच्छा व राजेश्वरी करूणा स्कूल, धनोल्टी कोे 30 सीटर स्कूल बसें व पिथौरागढ़ आपात सेवा ट्रस्ट को दो एम्बुलेंस प्रदान की गई हैं।

राज्यपाल ने राजभवन के प्रांगण में इस शुभ कार्य के आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत संत-महात्माओं की भूमि है। हमारे इतिहास व धर्मग्रन्थों में ऐसे महापुरूषों के अनगिनत उदाहरण हैं जिन्होंने समाज व दूसरों के लिए अपना सर्वस्व न्यौंछावर कर दिया। माता श्री मंगला जी व श्री भोले जी महाराज, भारतीय संस्कृति की इसी महान परम्परा को आगे बढ़ाते हुए लाखों लोगों के जीवन में रोशनी फैला रहे हैं।

राज्यपाल ने कहा कि अपेक्षाकृत नवोदित राज्य उत्तराखण्ड में यहां की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में अनेक बाधाएं आती हैं। राज्य सरकार अपने स्तर पर भरसक प्रयास कर रही है। हंस फाउंडेशन राज्य में विकास के गैप को भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उत्तराखण्ड के विकास में हंस फाउंडेशन, राज्य सरकार के साथ सक्रिय पार्टनरशिप निभा रहा है। खास तौर पर शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में सराहनीय काम किया गया है। पौड़ी गढ़वाल के सतपुली में हर प्रकार की आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘हंस जनरल अस्पताल’, हरिद्वार में ‘हंस फाउंडेशन आई-केयर’, मोबाईल हेल्थ क्लिनिक से राज्य के लोगों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी राहत मिली है। बच्चों के स्कूल आने जाने के लिए लगातार स्कूल बसें भी प्रदान की जा रही हैं। माता मंगला ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि हंस फाउंडेशन द्वारा देश के 22 राज्यों में जनकल्याणकारी काम किए जा रहे हैं। परंतु उत्तराखण्ड में शिक्षा व स्वास्थ्य की सुविधाएं विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हाल ही में पिथौरागढ़ में आईसीयू स्थापित किया है। जल्द ही उत्तरकाशी व चमोली में भी आईसीयू स्थापित किए जाएंगे। इस अवसर पर लेडी गर्वनर ओमिता पाल, माताश्री मंगला, भोले जी महाराज, वित्त मंत्री प्रकाश पंत व उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत भी उपस्थित थे।

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