पलायन “Palayan” करने वाले के लिए मिसाल बना : रोशन लाल नौटियाल

उत्तरकाशी। पहाड़ से रोजगार के लिए पलायन “Palayan” करने वाले लोगों के लिए एक वन विभाग का चैकीदार मिसाल बन गया हैं। उन्हें अब अपनी सरकारी नौकरी “government-Job” गंवाने का गम नहीं है। बता दें कि कभी वे वन विभाग में चैकीदार की नौकरी में आठ से दस हजार रुपये महीना कमाते थे और आज रोशन लाल नौटियाल लाखों कमा रहे है।

उत्तरकाशी की गमरी पट्टी के तुल्याड़ा गांव के रोशन लाल वन विभाग में चैकीदार थे। 2005 में कुछ हालात ऐसे हुए कि उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। परिवार के लालन-पालन “Palayan” का कोई जरिया नहीं बचा तो उन्होंने खेती को रोजगार बनाने की ठान ली। उन्होंने खेती के लिए लोगों से राय मांगी। इसके बाद रोशन लाल ने तय किया कि वह अब अपनी सरकारी नौकरी “government-Job”  को दोबारा पाने के लिए समय बर्बाद नहीं करेंगे। उन्होंने अपना पूरा फोकस खेती पर कर दिया। उन्होंने सबसे पहले किसानों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं का पता लगाया। योजनाओं के तहत जमीन पर पॉलीहाउस बनाए। इनमें गोभी, राई, पालक, आलू, प्याज, टमाटर, खीरा की खेती करनी शुरू की।

शुरुआत के समय ही उन्हें इससे लाखों का शुद्ध मुनाफा हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने लहसुन, अदरक और हल्दी उगाना भी शुरू किया। इतना ही नहीं रोशन लाल का काम देख आस-पास के किसान भी उनके पास प्रशिक्षण के लिए आने लगे। रोशन लाल को उनके बेहतर कार्य के लिए कृषि विभाग द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है। अब रोशन लाल औषधीय पौधे भी उगा रहे हैं। काम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपनी खुद की पन चक्की लगाई है। मत्स्य पालन “Palayan” के साथ वह गाय पालन कर दूध का काम भी कर रहे हैं। रोशन लाल बताते हैं कि इस सीजन में केवल अदरक बेचकर ही उन्हें 1 लाख 30 हजार की आय हुई है। मौसम के हिसाब से सब्जियां उगाकर वह महीने में अच्छी-खासी रकम कमा लेते हैं। उन्हें अब सरकारी नौकरी “government-Job” जाने का जरा भी मलाल नहीं है।

Sushil Kumar Josh

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