मानव देह प्राप्ति के बाद ईश्वर भक्ति का मिलना ही सद्गुरु की असीम कृपा है: सुरेंद्र पाल

जसपुर। 84 लाख योनियों के बाद ईश्वर की कृपा से हम को मानव जन्म प्राप्त हुआ। मानव शरीर की प्राप्ति के बाद जीवन में सद्गुरु का पर्दापण हुआ। जिन्होंने एक ईश्वर निरकांर से हमारा साक्षात्कार कराकर अपने संतों के संग यानी ईश्वर प्रभु प्रेमियों के साथ बिठाकर सत्संग करने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। यह सद्गुरु की अपार क कृपा है।

बता दें कि रविवार को संत निरंकारी सत्संग भवन जसपुर में विशाल निरंकारी सत्संग का आयोजन दिल्ली से पधारे संत सुरेंद्र पाल निरंकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इंसान को यह मानव शरीर ईश्वर की प्राप्ति के लिए प्राप्त हुआ है लेकिन अज्ञानता के कारण मानव जीवन का मूल नहीं समझ पा रहा है और नफरत बैर ईर्ष्या की भावना में निरंतर उलझता चला गया।

जिसकी वजह से चारों तरफ अनेक प्रकार के झगड़े नजर आ रहे हैं क्योंकि इंसान को धर्म की परिभाषा का पता ही नहीं जबकि किसी भी धर्म में नफरत इष्र्या निंदा को धर्म नही बताया गया है बल्कि प्यार नम्रता मिलवर्तन ओर सहयोग आदर सत्कार करने की भावना को ही धर्म बताया गया हैं। धर्म के नाम से वातावरण दूषित किया जा रहा है। जबकि धर्म का काम जोड़ना है तोड़ना नहीं है।

वहीं स्थानीय प्रबंधक जोनल प्रभारी राज कपूर निरंकारी एवं साथियों द्वारा उनका स्वागत किया गया। सत्संग के साथ-साथ लंगर की सुंदर व्यवस्था की गई। आस पास के सैकड़ों धर्म प्रेमी उपस्थित रहे।

स्थानीय विधायक आदेश सिंह चैहान गजेंद्र सिंह मुख्त्यार रविंद्र शर्मा ओम प्रकाश राम पाल राजेंद्र सिंह नरेश जी गन्नू सिंह अमरजीत सिंह करण सिंह सुरेंद्र कुमार महेंद्र कुमार हरपाल मौजूद रहे।
– दीपक निरंकारी

Sushil Kumar Josh

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