कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक आहार का बनाया जायेगा कलेण्डर -जानिए खबर

देहरादून(ब्यूरो)। अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास ठीक तरह से हो सके इसके लिए बच्चों को उचित पौष्टाहार प्राप्त हो। इसके लिए कलेण्डर बनाया जाना चाहिए।

बता दें कि मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री भारत सरकार श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने अधिकारियों के साथ महिला सशक्तिकरण, बाल विकास तथा तथा पोषण अभियान के संबंध में बैठक ली। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या भी उपस्थित थी।

केन्द्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने कहा कि पोषण योजना, आगंनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था व टॉयलेट की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाय। अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों को उचित पौष्टाहार प्राप्त हो, जिससे वे सामान्य श्रेणी में आ सके।

पौष्टिक आहार के लिए कलेण्डर बनाया जाय व इसे जनप्रतिनिधियों के साथ शेयर किया जाये। एनीमिया को रोकने के लिए टी-3 रणनीति पर ध्यान दिये जाने पर जोर दिया गया। दो बच्चों के पैदा होने के उचित समयान्तर हो इस दिशा में जागरूकता अभियान चलाया जाना जरूरी है, ताकि बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास सही हो।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जिन जनपदों में बाल लिंगानुपात कम है अधिकारी ऐसे जनपदों का भ्रमण कर और बैठक कर लिंगानुपात कम होने के कारणों का पता लगायें।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत राज्य व जिला स्तरीय समितियों की बैठक समय-समय पर आयोजित की जाय। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में चार वन स्टॉप सेंटर बन चुके हैं, शेष 09 सेंटर भी 15 अगस्त से पूर्व शुरू किये जायेंगे। स्पान्सर स्कीम के तहत लाभार्थियों को

Sushil Kumar Josh

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