केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ‘निशंक‘ को मुख्यमंत्री ने दी कार्यभार सम्भालने की शुभकामनाएं -जानिए खबर

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक‘ से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्रालय का कार्यभार सम्भालने पर बधाई व शुभकामनाएं दी।

गौरतलब हो कि  पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक उत्तराखंड में उच्च शिक्षा का प्रभार भी संभाल चुके हैं। ऐेसे में वह उच्च शिक्षा के साथ ही प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा के साथ ही तकनीकी शिक्षा के विकास में पेश आ रही बाधाओं से बखूबी वाकिफ हैं। वर्तमान में श्रीनगर स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति, फैकल्टी की संख्या और क्षमता में वृद्धि के साथ ही एनआइटी विवाद राज्य के लिए खासा सिरदर्द बने हैं।

उक्त दोनों ही मामलों के समाधान में एमएचआरडी की अहम भूमिका है। निशंक पर्वतीय पृष्ठभूमि से हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि वह उक्त दोनों की मामलों का सार्थक हल ढूंढ सकते हैं। सौ से अधिक सरकारी डिग्री कॉलेज और एक दर्जन से ज्यादा राज्य विश्वविद्यालय ढांचागत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं।

राज्य अपने बेहद सीमित संसाधनों की वजह से उच्च शिक्षा में सुधार नहीं कर पा रहा है। एमएचआरडी के जरिये राज्य में उच्च शिक्षा की कड़ी मॉनीटङ्क्षरग और राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के माध्यम से ढांचागत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अधिक वित्तीय मदद मिलने की उम्मीदें जगी हैं। उच्च शिक्षा के साथ ही तकनीकी शिक्षा में हब बनने की उत्तराखंड में संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में निजी पूंजी निवेश होने के बावजूद शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर नहीं हो पा रही हैं।

शिक्षा का हब बनने को राज्य की आर्थिकी के लिहाज से अहम माना जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से नजदीकी, सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी में सुधार के बूते उत्तराखंड जल्द ही एजुकेशन हब के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है।

प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और इसके लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने का जिम्मा एनसीईआरटी ने अपने हाथों में लिया है। उत्तराखंड एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम और पुस्तकों को लागू कर चुका है। ऐसे में भविष्य में एमएचआरडी की मदद से राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार की उम्मीदें जताई जा रही हैं।

विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों का मसला तकरीबन सुलझ चुका है। एमएचआरडी के जरिये इस संबंध में जल्द आदेश जारी किए जाने की प्रतीक्षा है। उत्तराखंड के कोटे में यह पद आने से इस समस्या के जल्द समाधान के आसार बन गए हैं।

 

Sushil Kumar Josh

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