चंडी देवी प्रसन्न होंगी, तो वो जरूर प्रधानमंत्री बनेंगे

  • केसीआर धार्मिक अनुष्ठानों के मामले में सभी राजनेताओं से काफ़ी आगे
  • मुख्यमंत्री होकर साधुओं को ‘साष्टांग प्रणाम’ करते है केसीआर
  • वैष्णव साधु चिन्न जीयर स्वामी, विशाखा शारदा पीठ के स्वामी स्वरूपानंद, स्वामी परिपूर्णानंद से लिया आशीर्वाद
  • केसीआर किसी कारणवश प्रधानमंत्री बन गये तो उनके मुख्‍य सचिव Shailendra Kumar Joshi जो उत्‍तराखण्‍ड मूल के है, का योगदान माना गया,

पिछले 4 साल से वाराणसी में तपस्या कर रहे हैं आचार्य माणिक्य समयाजुलू के मुताबिक ‘सभी की प्रधानमंत्री बनने की इच्छा होती है. हम सिर्फ देवी से प्रार्थना कर सकते हैं. अगर देवी (केसीआर से) प्रसन्न होंगी, तो वो जरूर (प्रधानमंत्री) बनेंगे.’

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव चंडी देवी की शरण में हैं टीआरएस प्रमुख केसीआर- हैदराबाद के पास सिद्धीपेट जिले में अपने पैतृक येर्रावेल्ली गांव में सहस्त्र चंडी महायज्ञ, रुद्र महायज्ञ और चतुर्वेद यज्ञ कराया-

महायज्ञ के मुख्य आचार्य माणिक्य समयाजुलू वाराणसी से हैदराबाद आए माणिक्य समयाजुलू पिछले 4 साल से वाराणसी में तपस्या कर रहे हैं केसीआर के महायज्ञ के मुख्य पुरोहित माणिक्य समयाजुलू ने बताया कि- ‘दुष्टों का नाश करने और शिष्टों का रक्षण करने वाले सहस्त्र चंडी महायज्ञ को करने से केसीआर की लोकप्रियता में जबरदस्त बढ़ोत्तरी होगी और उनके विरोधियों का हृदय परिवर्तन हो जाएगा.’

आचार्य माणिक्य समयाजुलू ने बताया कि- ‘मार्कंडेय पुराण के उप पुराण का नाम अष्टादश पुराण है, जिसमें देवी का माहात्म्य बताया गया है. अष्टादश पुराण में 500 से ज्यादा श्लोक हैं और उन्हीं से कात्यायनी तंत्र में 700 मंत्र बनाए गए हैं, जो बहुत शक्तिशाली हैं. इन्हीं को सप्तशती चंडी मंत्र भी कहा जाता है.’

मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखऱ राव से संकल्प लेकर कर्मकांडी पुरोहित सप्तशती चंडी मंत्र का जाप किया गया. 100 पुरोहितो ने सप्तशती चंडी मंत्र का एक-एक हजार बार जाप किया. बाकी पुरोहित महारुद्र और चारों वेदों का पाठ किया, पांचवे दिन विशाल कुंडों के पास बैठकर केसीआर ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर हवन किया. आचार्य माणिक्य समयाजुलू के मुताबिक ‘सभी की प्रधानमंत्री बनने की इच्छा होती है. हम सिर्फ देवी से प्रार्थना कर सकते हैं. अगर देवी (केसीआर से) प्रसन्न होंगी, तो वो जरूर (प्रधानमंत्री) बनेंगे.’

मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव इससे पहले आयुत चंडी महायज्ञ कर चुके हैं. केसीआर मानते हैं कि आयुत चंडी यज्ञ की वजह से वो तेलंगाना में साढ़े चार साल तक सफलतापूर्वक राज कर सके और विधानसभा चुनाव में दोबारा जबरदस्त जीत हासिल कर सके हैं. इस बार केसीआर सहस्त्र चंडी महायज्ञ के साथ शिव को प्रसन्न करने वाला रुद्र महायज्ञ भी कर रहे हैं.

आचार्य माणिक्य समयाजुलू के मुताबिक ‘सभी की प्रधानमंत्री बनने की इच्छा होती है. हम सिर्फ देवी से प्रार्थना कर सकते हैं. अगर देवी (केसीआर से) प्रसन्न होंगी, तो वो जरूर (प्रधानमंत्री) बनेंगे.’

बीजेपी का कोई भी मुख्यमंत्री धार्मिक अनुष्ठान करवाने में केसीआर का मुक़ाबला करते हुए भी नज़र नहीं आ रहा है। यहाँ तक कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवाधारी योगी आदित्यनाथ भी इस मामले में उनसे कहीं पीछे हैं। बड़ी बात तो यह है कि केसीआर के धार्मिक अनुष्ठान और कार्य कोई रहस्य नहीं हैं। वे लोगों के सामने अपने धार्मिक अनुष्ठान करवाते हैं।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाने, यज्ञ-हवन आयोजित करने और मठों की यात्रा कर साधु-संतों का आशीर्वाद लेने के मामले में सभी राजनेताओं को पछाड़ते दिख रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी भी मंदिरों की यात्रा करने के मामले में केसीआर से पीछे हैं।

दक्षिण भारत के कई नेता धार्मिक अनुष्ठान करवाते हैं लेकिन वे इन्हें सार्वजनिक तौर पर नहीं करते, लेकिन केसीआर इस मामले में कुछ रहस्य नहीं रखते। मुख्यमंत्री रहते हुए भी एक धर्म विशेष से जुड़े अनुष्ठानों को करवाने के बावजूद ज़्यादातर विपक्षी नेता इसे राजनीतिक रंग देने से कतराते दिखते हैं।

कुछ राजनीतिक विश्लेषकों की राय में इन विपक्षी नेताओं को डर है कि राजनीतिक रंग देने पर केसीआर इससे भी राजनीतिक फ़ायदा उठा सकते हैं और यही वजह भी है कि वे धर्म के मामले में उलझना नहीं चाहते हैं।

Sushil Kumar Josh

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