गाय व गंगा पूजा हमारी परम्परा: गाय यदि गलती से जहर भी खालें तो भी उसके दूध में उसका असर नही होता- मुख्यमंत्री

देहरादून। परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित आचार्य गोपालमणि महाराज की गौ कथा में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि गाय का भारत में ही नहीं अपितु दुनिया में भी विशिष्ट स्थान है। गाय यदि गलती से जहर भी खालें तो भी उसके दूध में उसका असर नही होता  है।

गाय व गंगा पूजा हमारी परम्परा

शनिवार को मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि गाय के विशिष्ट गुणों के बारे में पुराणों में हमारे ऋषि मुनियों ने जो बताया है, उस को अंगीकार कर हमारा समाज आगे बढ़ा है। गौ संरक्षण हमारी भावनाओं, सम्मान व मर्यादाओं से जुड़ा सवाल भी है। गाय व गंगा पूजा की हमारी परम्परा रही है। ये हमारी आस्था से भी जुड़े है। हमारी देशी गाय के विशिष्ट गुणों को वैज्ञानिकों ने भी स्वीकारा है। देशी गायों में बीमारी कम होती है। हमारे समाज में अन्य पशुओं की अपेक्षा गाय का विशिष्ट स्थान है। यही नही गाय यदि गलती से जहर भी खालें तो भी उसके दूध में उसका असर नही होता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गौ क्रान्ति योजना के अन्तर्गत देशी गायों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में ऐसी गायों की नश्ल तैयार की जा रही है, जो अधिक दूध देने वाली हों।

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