पढ़-लिखकर बड़ी नौकारी सभी चाहते है लेकिन भक्त बनना कोई नहीं चाहता? श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर झूम उठे श्रद्धालु -जानिए खबर

देहरादून। मानस मन्दिर बकरालवाला मन्दिर प्रगंण में बीते दिन चल रही चौथे दिन श्रीमद् भागवत कथा में प्रवक्ता आचार्य सतीश जगूडी ने कहा कि त्याग के बिना भगवान की प्राप्ति नहीं हो सकती। जीवन में वहीं व्यक्ति सुखी रह सकता जो संतुष्ट हो, अन्यथा जीव की इच्छाएं कभी पूरी नहीं होती और तृष्णा कभी शांत नहीं होती।

उन्होंने कहा आज लोग पढ़-लिखकर सभी बड़ी नौकारी चाहते है लेकिन यह कोई नहीं चाहता कि हम में से कोई राम, लक्ष्मण, सीता, कौशिल्या जैसे बने, चौथे दिन की भागवत कथा में विशाल भीड़ उमड़ी, पूज्य आचार्य सतीश जगूडी द्वारा गाये गये, भजन हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की भजन पर भक्त नाचें, श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया।

वहीं श्रीमद् भागवत रसवर्षा जिसमें प्रसिद्ध कथा प्रवक्ता आचार्य सतीश जगूडी द्वारा श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव के बारे में सुन्दर वर्णन किया। कथा के दौरान जैसे भगवान श्री कृष्ण के जन्म के बारे विस्तारपूर्वक वर्णन हुआ तो पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान लोग झूमने-नाचने लगे। भगवान श्रीकृष्ण की वेश में आये नन्हें बालक के दर्शन करने के लिए लोग लालायित नजर आ रहे थे।

इस पहले मन्दिर परिसर में को सुव्यवस्था तरीके से सजाया गया। जिसमें भगवान कृष्ण से सम्बन्धित विभिन्न प्रकार की झाकियां लगायी गयी थी। इस अवसर भगवान के जन्म की खुशी पर आयी महिलाओं द्वारा अपने घरों से लगाए गए फल व गुड़ के लड्डूओं से भगवान को भोग लगाया गया। वही कथा प्रवक्ता आचार्य सतीश जगूडी ने कहा त्याग के बिना भगवान की प्राप्ति नहीं हो सकती।

जब धरती पर चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई, चारों ओर अत्याचार, अनाचार का साम्राज्य फैल गया। तब भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें गर्भ के रूप में जन्म लेते हैं और पापों से पृथ्वी को मुक्त करवाते हैं। द्वापर युग में भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लेकर धरती को कंस से मुक्ति दिलाई।

भगवान कृष्ण के जन्म दिवस को ही हिंदू धर्म में जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है. श्री कृष्ण जन्म प्रसंग पर गाजे-बाजे के साथ बालकृष्ण जन्मोत्सव का मंचन हुआ। जैसे ही भगवान का जन्म हुआ और बाल श्री कृष्ण को सुंदर वस्त्रों में सुसज्जित कर लाया गया वैसे ही पुराण स्थल पर श्रोता नाच उठे। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। इस अवसर आचार्य पंकज डोभाल, उपाचार्य रितिक नौटियाल, राकेश गोड, आशीष एवं बकरालवाला, डोभालवाला, राजपूर रोड एवं दूर-दूर से आये भक्तजन व समस्त भक्त मण्डली आदि मौजूद थे।

Sushil Kumar Josh

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