भाषण के दौरान बिगड़ी वित्त मंत्री की तबीयत; पेश हुआ 48663.90 करोड़ का बजट

देहरादून। भाषण के दौरान वित्त मंत्री प्रकाश पंत की तबीयत अचानक खराब हो गई और वो बेहोश हो गए। इसके बाद सभी उनके पास आ गए। फिर उन्हें सदन से बाहर ले जाया गया।

बता दें कि लोकसभा चुनाव से ऐन पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के वर्ष 2019-20 के लिए तीसरे बजट में लोक-लुभावन योजनाओं से किसानों, युवाओं, महिलाओं, वंचित वर्गों, सैनिकों-अर्धसैनिकों व कर्मचारियों समेत समाज के सभी वर्गों और राज्य के तकरीबन सभी क्षेत्रों को रिझाने पर जोर है।

केंद्र की मोदी सरकार के एजेंडे पर कदमताल करते हुए अन्नदाता किसान को केंद्र में रखकर बजट में खेती-किसानी पर बड़ा दांव खेला गया। बीते वर्षों से किसानों को सस्ता ऋण मुहैया करा रही सरकार अब किसानों को व्यक्तिगत और स्वयं सहायता समूहों में ब्याजमुक्त ऋण देगी।

अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना को बड़े गेम चेंजर के तौर पर देखते हुए 150 करोड़ बजट प्रावधान किया गया है। मतदाताओं के बड़े शहरी वर्ग में नगरों, निकायों में अवस्थापना सुविधाओं के ढांचे के विस्तार की बड़ी उम्मीदें जगाई गई हैं। देहरादून स्मार्ट सिटी के लिए 160 करोड़ और देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो ट्रेन के लिए ढांचे के निर्माण को बजट में जगह दी गई है।

यही नहीं, भविष्य में यानी 2021 में होने वाले कुंभ को अविस्मरणीय बनाने के लिए बजट में 155 करोड़ की अच्छी-खासी रखी गई है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने लगातार तीसरी दफा बजट में मोदी सरकार की केंद्रपोषित योजनाओं की मदद पर ही अधिक भरोसा किया।

विधानसभा में सत्र के पांचवें दिन सोमवार को वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों की गैर मौजूदगी और एकमात्र विपक्षी निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार की मौजूदगी में सूबे की भाजपा सरकार का तीसरा गुलाबी बजट पेश किया।

वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए कुल 48663.90 करोड़ का करमुक्त बजट पेश किया। इसमें 38932.70 करोड़ राजस्व लेखे और 9731.20 करोड़ पूंजी लेखे का व्यय अनुमानित है।

राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्तों पर करीब 14513.79 करोड़ और पेंशन व अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों पर 5942.69 करोड़ का खर्च अनुमानित है। 22.79 करोड़ राजस्व सरप्लस के इस बजट में कर राजस्व 23622.11 करोड़ और करेत्तर राजस्व 15333.38 करोड़ मिलने का अनुमान है।

बजट में राजस्व घाटे का अनुमान नहीं है। अलबत्ता 6798.16 करोड़ का राजकोषीय घाटा अनुमानित है, लेकिन यह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के तहत निर्धारित जीएसडीपी के तीन फीसद के भीतर है। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-19 की तुलना में अगले वित्तीय वर्ष का बजट प्रावधान सात फीसद अधिक है।

Sushil Kumar Josh

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